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Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   Drinking Water Crisis Deepens Amidst the Heat; People Roam from City to Village in Search of Water.

Mahendragarh-Narnaul News: गर्मी में गहराया पेयजल संकट, शहर से गांव तक पानी के लिए भटक रहे लोग

Thu, 21 May 2026 11:25 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 21 May 2026 11:25 PM IST
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Drinking Water Crisis Deepens Amidst the Heat; People Roam from City to Village in Search of Water.
फोटो नंबर-13शहर के निजामपुर रोड पर पानी के इंतजार में बैठी महिलाएं। संवाद
नारनौल। गर्मी बढ़ते ही शहर के अधिकांश मोहल्लों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक में पानी की किल्लत बढ़ गई है। हालात ऐसे हैं कि शहर में लोग टैंकरों के सहारे पानी जुटाने को मजबूर हैं जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में कुओं और ट्यूबवेलों पर निर्भरता बढ़ गई है। सबसे अधिक दिक्कत महिलाओं को उठानी पड़ रही है जिन्हें पानी भरने के लिए दूर-दूर तक भटकना पड़ रहा है।
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क्षेत्र की बड़ी आबादी नहरी पानी पर निर्भर है लेकिन नहर में पानी की अनियमित आपूर्ति ने संकट को और गहरा दिया है। वर्ष 2024 तक नहर में 16 दिन पानी आता था और 24 दिन बंद रहता था लेकिन पिछले दो वर्षों में स्थिति और खराब हो गई है।
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अब नहर में पानी आने और बंद होने का कोई निश्चित समय नहीं है। कई बार बीच में ही पानी बंद हो जाता है, जिससे जलघरों को पूरा नहीं भरा जा पाता। इस बार भी जलघरों में केवल 80 प्रतिशत तक ही पानी संग्रहित हो सका।
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शहर में करीब सवा लाख आबादी को प्रतिदिन 1.93 करोड़ लीटर पानी की आवश्यकता है। भीषण गर्मी के चलते मांग में लगभग 50 लाख लीटर अतिरिक्त बढ़ोतरी हो गई है जबकि विभाग पहले से ही पर्याप्त सप्लाई नहीं दे पा रहा। विभाग एक दिन छोड़कर एक दिन पानी की आपूर्ति कर रहा है।
दो जलघरों से होती है पानी आपूर्ति
शहर में पेयजल सप्लाई के लिए दो जलघर हैं। इनमें एक जलघर नसीबपुर में व दूसरा रेवाड़ी रोड़ पर बना है। नसीबपुर जलघर में फिलहाल एक सप्ताह का पानी बचा है। इससे 90 प्रतिशत पानी की सप्लाई की जाती है। वहीं रेवाड़ी रोड जलघर से दस प्रतिशत हिस्से में पानी सप्लाई होता है। रेवाड़ी रोड के जलघर में दो दिन का ही पानी बचा है।
बूस्टिंग स्टेशन की मोटर भी पुरानी
शहर के विभिन्न हिस्सों में हर घर तक पानी पहुंचाने के लिए बने बूस्टिंग स्टेशनों की मोटर भी पानी आपूर्ति के लिए समस्या का कारण बन रही है। कई जगह पानी की मोटर पुरानी हो जाने के कारण पानी का प्रेशर नहीं बन पाता जिसके कारण मोहल्लों के अंतिम छोर पर बसे लोग पानी से वंचित रह जाते हैं।

वर्जन:
जहां से पानी नहीं आने की शिकायत मिलती है उसे दूर किया जा रहा है। पेयजल व्यवस्था नहरी पानी के सहारे है अगर नहर समय पर आ जाती है तो लोगों को किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होगी अन्यथा राशनिंग भी की जा सकती है।-नरेश चंदेला, कनिष्ठ अभियंता जनस्वास्थ्य विभाग, नारनौल
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