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Mahendragarh-Narnaul News: डीएपी के लिए सुबह 4 बजे से लाइन में लगे अन्नदाता
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फोटो नंबर-18खाद के लिए केंद्र के बाहर लगी किसानों की कतार। संवाद
नारनौल। अभी सरसों बुआई को लेकर 15 से 20 दिन बचे हुए हैं। डीएपी खाद को लेकर अभी से मारामारी शुरू हो गई है। डीएपी के लिए किसान सुबह 4 बजे नारनौल पुरानी मंडी स्थित कोऑपरेटिव सोसाइटी में पहुंचने शुरू हो गए थे। डीएपी के लिए लाइनों में पुरुष ही नहीं बल्कि महिला किसान भी डीएपी लेने पहुंच रही हैं।
डीएपी खाद की मांग ज्यादा है, लेकिन उपलब्धता कम है, इसलिए किसानों को खाद लेने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसान सुबह 4 बजे से मंडी में लाइन लगाकर खड़े हो जाते हैं, ताकि उनको खाली हाथ वापस नहीं लौटना पड़े। किसानों का कहना है कि घंटों लाइन में लगने के बाद जब तक नंबर आता है तब तक खाद खत्म हो जाती है। इस कारण दूर-दराज गांव से रोज शहर के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। किसानों का कहना है कि सरकार को डीएपी खाद की व्यवस्था सब डीपो पर करनी चाहिए। डीएपी खाद 1350 रुपये के मूल्य पर कोऑपरेटिव सोसायटी पर एक आधार कार्ड पर 5 कट्टे उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।
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मेरा गांव शहर से करीब 7 से 10 किलोमीटर दूरी पर है। मैं पिछले तीन दिन से डीएपी खाद के लिए रोज पुरानी अनाज मंडी आ रहा हूं, लेकिन जब तक मेरा नंबर आता है खाद खत्म हो जाता है। प्रशासन से अपील है कि डीएपी खाद उचित मात्रा में उपलब्ध करवाई जाए।
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-नंदलाल, किसान, गांव मांदी
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मैं और मेरे गांव के कई लोग सुबह से लाइन में लगे हुए हैं। दोपहर तक हमारा नंबर नहीं आया है। कई लोग तो ऐसे भी है जो सुबह 4 बजे के लाइन में लगे हुए हैं। अगर डीएपी खाद सब डीपो पर उपलब्ध करवाई जाए तो लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।
नरेंद्र सिंह, किसान, गांव पटीकरा
वर्जन:
सोमवार को एक हजार बैग डीएपी खाद के आए थे, जो सभी किसानों को वितरित कर दिए गए हैं। अब मंगलवार को गाड़ी आने की संभावना नहीं है। जैसे ही डीएपी खाद आएगा किसानों को बैग वितरित कर दिए जाएंगे।
-सत्येंद्र, मैनेजर कोऑपरेटिव सोसायटी नारनौल।
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डीएपी खाद की मांग ज्यादा है, लेकिन उपलब्धता कम है, इसलिए किसानों को खाद लेने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसान सुबह 4 बजे से मंडी में लाइन लगाकर खड़े हो जाते हैं, ताकि उनको खाली हाथ वापस नहीं लौटना पड़े। किसानों का कहना है कि घंटों लाइन में लगने के बाद जब तक नंबर आता है तब तक खाद खत्म हो जाती है। इस कारण दूर-दराज गांव से रोज शहर के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। किसानों का कहना है कि सरकार को डीएपी खाद की व्यवस्था सब डीपो पर करनी चाहिए। डीएपी खाद 1350 रुपये के मूल्य पर कोऑपरेटिव सोसायटी पर एक आधार कार्ड पर 5 कट्टे उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।
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मेरा गांव शहर से करीब 7 से 10 किलोमीटर दूरी पर है। मैं पिछले तीन दिन से डीएपी खाद के लिए रोज पुरानी अनाज मंडी आ रहा हूं, लेकिन जब तक मेरा नंबर आता है खाद खत्म हो जाता है। प्रशासन से अपील है कि डीएपी खाद उचित मात्रा में उपलब्ध करवाई जाए।
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-नंदलाल, किसान, गांव मांदी
मैं और मेरे गांव के कई लोग सुबह से लाइन में लगे हुए हैं। दोपहर तक हमारा नंबर नहीं आया है। कई लोग तो ऐसे भी है जो सुबह 4 बजे के लाइन में लगे हुए हैं। अगर डीएपी खाद सब डीपो पर उपलब्ध करवाई जाए तो लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।
नरेंद्र सिंह, किसान, गांव पटीकरा
वर्जन:
सोमवार को एक हजार बैग डीएपी खाद के आए थे, जो सभी किसानों को वितरित कर दिए गए हैं। अब मंगलवार को गाड़ी आने की संभावना नहीं है। जैसे ही डीएपी खाद आएगा किसानों को बैग वितरित कर दिए जाएंगे।
-सत्येंद्र, मैनेजर कोऑपरेटिव सोसायटी नारनौल।