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Mahendragarh-Narnaul News: कुत्ते, बंदरों व चूहों ने एक माह में 100 से अधिक लोगों को काटा

Thu, 31 Oct 2024 12:15 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल Updated Thu, 31 Oct 2024 12:15 AM IST
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Dogs, monkeys and rats bit more than 100 people in a month
फोटो संख्या:64- आईटीआई महेंद्रगढ़ के गेट पर बैठे बंदरों का झुंड--संवाद
महेंद्रगढ़। शहर में आवारा कुत्तों व बंदरों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। पिछले एक माह के दौरान 100 से अधिक लोगों को काटकर घायल कर चुके हैं। वहीं आवारा कुत्ते व बंदरों के कारण शहर में प्रतिदिन औसतन 5 दुर्घटनाएं भी हो रही हैं। नागरिक अस्पताल में पिछले एक माह के दौरान 101 लोग बंदर व कुत्तों के काटने से घायल होकर उपचार के लिए पहुंचे हैं।
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शहर की गलियों व मोहल्लों में घरों के बाहर खेलते बच्चे भी सुरक्षित नहीं हैं। पिछले दो वर्षों में आवारा कुत्तों की संख्या का आंकड़ा भी करीब पांच गुणा बढ़ गया है। हर माह आवारा कुत्तों व बंदरों के वाहनों के पीछे दौड़ने से औसतन 150 हादसे हो रहे हैं। पिछले एक महीन में 87 लोगों को आवारा कुत्तों ने काटा है तो को 14 बंदरों के आतंक का सामना करना पड़ा है, जबकि 6 लोगों व बच्चों को चूहों ने भी काटा है। शहर की गलियों में घूमने वाले इनके झुंड रात के समय अधिक हिंसक हो जाते हैं। वहीं दूसरी और मोहल्ला नीमड़ी नीचे, पड़ाव, नागरिक अस्पताल, पुलिस चौकी, आईटीआई, शनि मंदिर के पास, मोहल्ला जवाहर नगर के पास, गोशाला रोड पर बंदरों के आतंक से लोग परेशान हैं। घरों में रहने वाले चूहे भी लोगों को काटने में पीछे नहीं हैं। विशेषकर यह छोटे बच्चों को निशाना बना रहे हैं।
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इन जगहों पर रहता है सबसे अधिक कुत्तों का जमावाड़ा
शहर के सिनेमा रोड, बालाजी चौक, मोहल्ला तिवाड़ियान, मोदाश्रम, मोहल्ला नीमड़ी नीचे, मोहल्ला जवाहर नगर, मोहल्ला वालमीकि, मोहल्ला सैनीपुरा सहित अनेक जगहों पर कुत्तों का जमावड़ा रहता है। अनेक बार तो बाइक के पीछे पूरा झुंड पड़ जाता है, जिससे लोगों के हाथ-पैर फूल जाते है। इससे हादसों का खतरा और अधिक बढ़ जाता है।
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कुत्ते के काटने के तुरंत बाद जख्म को साफ पानी और साबुन से अच्छे से धो लेना चाहिए। कुत्तों की लार में रेबीज होता है जो समय पर उपचार नहीं होने से जानलेवा भी हो सकता है। कुत्ते के काटने के बाद रेबीज का टीक लगवाना बहुत जरूरी है। कई लोग देशी उपचार के चक्कर में घाव व नमक-मिर्च लगा लेते हैं जो सही नहीं है।

-डॉ. अनिल कुमार, एसएमओ, नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़।

फोटो संख्या:64- आईटीआई महेंद्रगढ़ के गेट पर बैठे बंदरों का झुंड--संवाद

फोटो संख्या:64- आईटीआई महेंद्रगढ़ के गेट पर बैठे बंदरों का झुंड--संवाद

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