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महेंद्रगढ़ की बेटी बनीं नागरिक अस्पताल की पहली गायनोलॉजिस्ट

Thu, 23 Jan 2020 11:06 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 23 Jan 2020 11:06 PM IST
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डॉ. अनुभूती - फोटो : Narnol
नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़ में सीजेरियन की शुरुआत हो गई है। बुधवार को गायनोलॉजिस्ट डॉ. अनुभूति ने गांव बलायचा निवासी सुमन का ऑपरेशन किया। इस महिला ने लड़के को जन्म दिया है। अस्पताल में जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। इस सफल ऑपरेशन में चिकित्सक (ऐनेथीसिया) डॉ. अनूप यादव ने भी सहयोग किया।
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नागरिक अस्पताल में दस वर्ष से सीजेरियन की सुविधा नहीं थी। इस कारण ऑपरेशन से होने वाले बच्चों की डिलीवरी के लिए गर्भवती महिलाओं को निजी अस्पताल में जाना पड़ता था। निजी अस्पताल संचालक परिजनों से लगभग 20 से 25 हजार रुपये ऑपरेशन के चार्ज करते थे। इससे परिजनों को आर्थिक नुकसान होता था। गरीब लोगों को नारनौल जाकर ऑपरेशन कराना पड़ता था। ऐसे में गरीब गर्भवती महिला को परेशानी होती थी। करीब एक दशक बाद नागरिक अस्पताल में सीजेरियन की सुविधा हो गई है। बुधवार को डॉ. अनुभूति ने पहला सफल ऑपरेशन भी किया। महिला सुमन ने लड़के को जन्म दिया। अस्पताल में यह सुविधा शुरू होने से परिजन काफी खुश हुए हैं। नवजात बच्चे के दादा प्रताप सिंह, दादी शारदा देवी, पिता मामराज ने बताया कि पहले उन्होंने निजी अस्पताल में सीजेरियन करवाने का फैसला लिया था। बाद में जब उन्हें पता चला कि सरकारी अस्पताल में सीजेरियन की सुविधा हो गई है तो उन्होंने सरकारी अस्पताल में ही ऑपरेशन करवाने का फैसला लिया। डॉ. अनुभूति ने बुधवार को सफल ऑपरेशन किया। जच्चा और बच्चा दोनों ही ठीक हैं। अगर वो निजी अस्पताल में ऑपरेशन करवाते तो निश्चित रूप से 20 से 25 हजार रुपये का नुकसान होता।
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दस साल बाद सरकारी अस्पताल में सीजेरियन
महेंद्रगढ़ अस्पताल 1976 में बनाया गया था। अस्पताल बनने के बाद एक भी गायनोलॉजिस्ट की स्थायी नियुक्ति नहीं हुई थी। पहले नारनौल से लेडी चिकित्सक सप्ताह में एक दिन सीजेरियन के लिए आती थी। वर्ष 2010 में डॉ. ईश्वर सिंह यहां सर्जन के रूप में कार्य करते थे। उसके बाद से अस्पताल में न तो सर्जन था और न ही गायनोलॉजिस्ट की सुविधा थी। एक महीने पहले गायनोलॉजिस्ट डॉ. अनुभूति ने महेंद्रगढ़ अस्पताल में ज्वाइन किया है।
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पहली गायनोलॉजिस्ट बनी डॉ. अनुभूति
डॉ. अनुभूति ने बताया कि महेंद्रगढ़ में उनका जन्म स्थान है। शहर के अस्पताल में ही पहली गायनोलॉजिस्ट बनने का सौभाग्य मिला। अपने क्षेत्र की महिलाओं की समस्या को अच्छी तरह से जानती हूं। अपने शहर में लोगों की सेवा करना चाहती हूं। मेरा फर्ज बनता है कि अपनी जन्म स्थली के लोगों की सेवा करूं। अस्पताल में उपलब्ध सेवा के अनुसार मरीजों को सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं। जरूरत पड़ेगी तो आला अधिकारियों से डिमांड रखी जाएंगी।
मेरे पास बुधवार को एक बजे गर्भवती महिला जांच कराने के लिए आई थी। महिला की अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट चेक की तो पता लगा तक गर्भ में बच्चा उल्टा था। गर्भवती को ब्लीडिंग भी हो रही थी। ऑपरेशन करना जरूरी था। इसलिए परिजनों की सहमति पर तुरंत ऑपरेशन करने फैसला लिया। ऑपरेशन पूरी तरह से सफल रहा। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। दो से तीन दिन में उनको छुट्टी दे दी जाएगी।
- डॉ. अनुभूति, गायनोलॉजिस्ट, नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़।
अस्पताल में बुधवार को एक सीजेरियन किया गया है। ऑपरेशन सफल रहा है। आगे भी यह सुविधा जारी रहेगी। गर्भवती महिलाओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। अब तक गर्भवती महिला को सीजेरियन के लिए नारनौल रेफर करना हमारी मजबूरी थी।

- डॉ. मोनू यादव, कार्यकारी प्रवर चिकित्सा अधिकारी, महेंद्रगढ़।

  नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़ में नवजात बच्चे को गोद में लिए हुए दादी शारदा

नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़ में नवजात बच्चे को गोद में लिए हुए दादी शारदा- फोटो : Narnol

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