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Mahendragarh-Narnaul News: हकेंवि में फार्माकोविजिलेंस, एडीआर और रोगी सुरक्षा पर की चर्चा
Tue, 09 Apr 2024 01:44 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 09 Apr 2024 01:44 AM IST
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महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेंवि) में फार्मास्युटिकल साइंसेज विभाग और स्कूल ऑफ इंटरडिसिप्लिनरी एंड एप्लाइड साइंसेज द्वारा फार्माकोविजिलेंस, एडीआर और रोगी सुरक्षा पर विशेषज्ञ वार्ता का आयोजन किया गया।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने फार्माकोविजिलेंस के क्षेत्र में अपना करियर तलाशने के लिए विशेष रूप से एम.फार्मा के विद्यार्थियों के लिए इस तरह के कार्यक्रमों के आयोजन के लिए फार्मास्युटिकल साइंसेज विभाग की सराहना की। विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ इंटरडिसिप्लिनरी एंड एप्लाइड साइंसेज की अधिष्ठाता व शोध अधिष्ठाता प्रो. नीलम सांगवान ने स्वागत भाषण दिया और कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। इसमें फार्माकोविजिलेंस, एडीआर और रोगी सुरक्षा पर चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों व शोधार्थियों को विशेषज्ञों से संवाद के लिए भविष्य में भी ऐसी विशेषज्ञ वार्ता आयोजित की जाएगी।
ऑनलाइन माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए इंटरनेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी कुआलालंपुर मलेशिया के प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ डॉ. पलानीसामी शिवानंदी ने वर्तमान परिदृश्य के दौरान फार्माकोविजिलेंस के महत्व पर विशेषज्ञ वार्ता दी। इसके अलावा उन्होंने प्रतिकूल दवा प्रतिक्रिया रिपोर्टिंग और निगरानी में स्वास्थ्य पेशेवरों की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली में रोगी सुरक्षा के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
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फार्मास्युटिकल साइंसेज विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. दिनेश कुमार ने बताया कि फार्माकोविजिलेंस और एडीआर मॉनिटरिंग दवा और टीकों की सुरक्षा सुनिश्चित करके स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। आयोजन में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों और व अन्य शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों ने भी फार्माकोविजिलेंस और रोगी सुरक्षा के बारे में ज्ञान प्राप्त करने के लिए सत्र में शामिल हुए।
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विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने फार्माकोविजिलेंस के क्षेत्र में अपना करियर तलाशने के लिए विशेष रूप से एम.फार्मा के विद्यार्थियों के लिए इस तरह के कार्यक्रमों के आयोजन के लिए फार्मास्युटिकल साइंसेज विभाग की सराहना की। विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ इंटरडिसिप्लिनरी एंड एप्लाइड साइंसेज की अधिष्ठाता व शोध अधिष्ठाता प्रो. नीलम सांगवान ने स्वागत भाषण दिया और कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। इसमें फार्माकोविजिलेंस, एडीआर और रोगी सुरक्षा पर चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों व शोधार्थियों को विशेषज्ञों से संवाद के लिए भविष्य में भी ऐसी विशेषज्ञ वार्ता आयोजित की जाएगी।
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ऑनलाइन माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए इंटरनेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी कुआलालंपुर मलेशिया के प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ डॉ. पलानीसामी शिवानंदी ने वर्तमान परिदृश्य के दौरान फार्माकोविजिलेंस के महत्व पर विशेषज्ञ वार्ता दी। इसके अलावा उन्होंने प्रतिकूल दवा प्रतिक्रिया रिपोर्टिंग और निगरानी में स्वास्थ्य पेशेवरों की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली में रोगी सुरक्षा के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
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फार्मास्युटिकल साइंसेज विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. दिनेश कुमार ने बताया कि फार्माकोविजिलेंस और एडीआर मॉनिटरिंग दवा और टीकों की सुरक्षा सुनिश्चित करके स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। आयोजन में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों और व अन्य शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों ने भी फार्माकोविजिलेंस और रोगी सुरक्षा के बारे में ज्ञान प्राप्त करने के लिए सत्र में शामिल हुए।