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भाषा के विकास से ही संस्कृति का विकास संभव : कुलपति
Tue, 10 Sep 2024 12:14 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 10 Sep 2024 12:14 AM IST
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महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेंवि) महेंद्रगढ़ में सोमवार को पांच दिवसीय संक्षिप्त अनुवाद प्रशिक्षण का उद्घाटन विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने दीप प्रज्जवलन कर किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन केंद्रीय अनुवाद ब्यूरो नई दिल्ली के सहयोग से 13 सितंबर तक किया जाएगा। कार्यक्रम में केंद्रीय अनुवाद ब्यूरो के उप निदेशक नरेश कुमार, सहायक निदेशक जगत सिंह रोहिल्ला विशेषज्ञ के रूप में उपस्थित रहेंगे। विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने पांच दिन राजभाषा हिंदी के नहीं बल्कि संस्कृति के पांच दिन हैं। अवश्य ही प्रतिभागी इन पांच दिनों में हिंदी के अनुवाद प्रशिक्षण में विभिन्न पहलुओं से लाभांवित होंगे।
कुलपति ने कहा कि भाषा के विकास से ही संस्कृति का विकास संभव है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में भी इस बात का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है। समकुलपति प्रो. सुषमा यादव ने भाषा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि किस प्रकार भाषा भारत के विकास के लिए अनिवार्य तत्व है। भाषा जनमानस की संस्कृति का द्योतक है। अपनी संस्कृति को संजोने के लिए भाषा को बचाना और उसे बढ़ाना अति आवश्यक है।
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प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन केंद्रीय अनुवाद ब्यूरो नई दिल्ली के सहयोग से 13 सितंबर तक किया जाएगा। कार्यक्रम में केंद्रीय अनुवाद ब्यूरो के उप निदेशक नरेश कुमार, सहायक निदेशक जगत सिंह रोहिल्ला विशेषज्ञ के रूप में उपस्थित रहेंगे। विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने पांच दिन राजभाषा हिंदी के नहीं बल्कि संस्कृति के पांच दिन हैं। अवश्य ही प्रतिभागी इन पांच दिनों में हिंदी के अनुवाद प्रशिक्षण में विभिन्न पहलुओं से लाभांवित होंगे।
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कुलपति ने कहा कि भाषा के विकास से ही संस्कृति का विकास संभव है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में भी इस बात का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है। समकुलपति प्रो. सुषमा यादव ने भाषा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि किस प्रकार भाषा भारत के विकास के लिए अनिवार्य तत्व है। भाषा जनमानस की संस्कृति का द्योतक है। अपनी संस्कृति को संजोने के लिए भाषा को बचाना और उसे बढ़ाना अति आवश्यक है।
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