{"_id":"58778e58c206152c0cd1a136f50d8c1a","slug":"develepment-of-old-kachari-ground-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कब बहुरेंगे पुरानी कचहरी मैदान के दिन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कब बहुरेंगे पुरानी कचहरी मैदान के दिन
महेंद्रगढ़ / नारनौल
Updated Sun, 03 Jan 2016 10:24 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर के मुख्य बाजार के पास लगते सेंटर प्वाइंट पुरानी कचहरी मैदान को शॉपिंग कांपलेक्स के रूप में विकसित करने की योजना पिछले 10 साल से अधर में लटकी है। नतीजा करोड़ों का यह मैदान आज भी खाली है। अब यह मैदान अब अराजक तत्वों का अड्डा बन गया है। कुछ भूमाफियाओं की नजर भी इस पर पड़ने लगी है।
विज्ञापन
वर्ष 2003-04 में शहर में स्थित पुरानी कचहरी की वर्षों पुरानी बिल्डिंग को तोड़कर उस समय यहां पर शॉपिंग कांप्लेक्स बनाए जाने की योजना जिला प्रशासन ने बनाई थी। जिसके बाद इस बिल्डिंग को तोड़ दिया गया था और इसमें स्थित कार्यालयों को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया था। इस योजना के तहत प्रशासन की ओर से इसका नक्शा बनाकर उसे पास भी करा लिया गया था।
विज्ञापन
इसमें शॉपिंग कांप्लेक्स की दो मंजिला इमारत बनने का प्रस्ताव पारित किया गया था। जिसमें डाकघर, बैंक व अन्य सुविधाएं भी लोगों को मिलनी थी। लोगों ने भी उस समय सरकार के इस निर्णय की स्वागत किया था। लोगों के शहर के मुख्य बाजार के साथ विकास की उम्मीद जगी थी, मगर 2005 में हुए चुनावों के बाद सरकार बदलते ही यह योजना खटाई में पड़ गई।
विज्ञापन
टूटने से पहले थे कई आफिस
पुरानी कचहरी की पुरानी बिल्डिंग के टूटने से पहले यहां पर कई आफिस थे। जिनमें ट्रेजरी कार्यालय के अलावा पुरानी कोर्ट डाकघर, एनसीसी व अन्य कई कार्यालय यहां थे, मगर टूटने के बाद से ये कार्यालय यहां-वहां स्थानांतरित कर दिए गए। जिसके कारण कई दिनों तक लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
कंडम हो चुकी थी इमारत
यह इमारत बिल्कुल कंडम हो चुकी थी। जिसके कारण यह लोगों के लिए भी खतरा बन गई थी। इसलिए इसको गिराने पर भी लोगों ने सही ठहराया था।
लगती थी कभी यहां अदालत
पुरानी कचहरी में 1983 तक अदालत लगती थी। यहां पर अधिवक्ता आदि भी बैठते थे। बाद में अगस्त 1983 में नया लघु सचिवालय बनने पर अदालत व अधिवक्ताओं को वहां शिफ्ट कर दिया गया। वरिष्ठ अधिवक्ता व दो बार बार के प्रधान रह चुके राजेंद्र यादव ने बताया कि यहां पर सभी कोर्ट लगती थी। अगस्त 1983 के बाद इसे नई कोर्ट में शिफ्ट कर दिया गया था।
शहर के बीच है करोड़ों की जगह
यह जगह शहर के बिल्कुल बीच व शहर के मुख्य बाजार के पास है। यहां से बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन व अन्य कार्यालयों की दूरी भी बहुत कम है। जिसके कारण इस जगह की कीमत बहुत ज्यादा है। प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा। जिसके कारण इस जमीन पर भूमाफियाओं की गिद्द जैसी नजर भी पड़ने लगी है।
शरारती तत्वों का अड्डा बना
पुरानी कचहरी मैदान अब शरारती तत्वों का अड्डा भी बनता जा रहा है। यहां पर सुबह शाम अनेक युवा जमा हो जाते हैं। खुले मैदान का फायदा उठाकर यहां शराब आदि का सेवन भी युवा करते हैं। वहीं यहां पर गंदगी के ढेर भी लगे हुए हैं। जिसकी साफ-सफाई की ओर भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।
पहले होते थे चार गेट, अब बचा एक
इस ऐतिहासिक कचहरी के पहले चार गेट होते थे, एक गेट पूर्व, एक पश्चिमी, एक उत्तर और एक दक्षिणी दिशा में थे, मगर एक पूर्व की ओर बने गेट के अलावा सभी को तोड़ दिया गया है।