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Mahendragarh-Narnaul News: लंबित मांगों को लेकर किया प्रदर्शन, तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
Tue, 07 Jan 2025 11:50 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 07 Jan 2025 11:50 PM IST
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फोटो नंबर- 07लघु सचिवालय में विरोध प्रदर्शन करती मिड-डे मिल कार्यकर्ता। संवाद
नारनौल। मिड डे मील कार्यकर्ता यूनियन हरियाणा संबंधित एआईयूटीयूसी की ओर से मंगलवार को लघु सचिवालय पार्क में जिला प्रधान सुनीता की अध्यक्षता में सभा हुई। सभा का संचालन जिला सचिव संतोष यादव ने किया। सभा के पश्चात लघु सचिवालय परिसर में विरोध, प्रदर्शन कर लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा।
सभा को एआईयूटीयूसी जिला प्रधान मास्टर सूबे सिंह व सुमित्रा, माया, प्रेमलता, बनीता, रौशनी, मीना, राजेश,स्नेह लता व जिला सचिव छाजूराम रावत ने संबोधित करते हुए कहा कि मिड डे मील कुक कम हेल्पर्स प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कक्षा पहली से आठवीं तक स्कूली बच्चों को संतुलित आहार की पूर्ति कर कुपोषण से बचाने व सरकारी स्कूलों में शिक्षा की ओर अग्रसर हर बच्चे के शिक्षा के अधिकार व उनके भविष्य को संवारने का काम करती हैं।
कुक कम हेल्पर्स गरीब परिवारों से व मामूली मानदेय पर स्कूलों में पूरा दिन काम करती हैं और कर्मियों को यह मामूली मानदेय भी समय पर नहीं मिलता। अभी भी सितंबर से दिसंबर 2024 तक का मानदेय भुगतान नहीं हुआ है। इनकी आजीविका इसी मामूली मानदेय पर निर्भर है। लेकिन सरकार मांगों की अनदेखी कर रही है। इससे उनमें रोष है।
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ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि सरकार मिड डे मील कर्मियों को नियमित कर्मचारी का दर्जा दे। श्रमिक मानकर कर न्यूनतम वेतन 28,000 रुपये मासिक लागू किया जाए, तीन महीने का बकाया मानदेय भुगतान किया जाए, सितंबर 2024 को केंद्र की बकाया राशि एक हजार का भुगतान किया जाए, छुट्टियों का पैसा काटना बंद किया जाए, 12 महिनों का वेतन दिया जाए व रिटायरमेंट की उम्र 65 साल की जाए। साथ ही रिटायरमेंट पर एकमुश्त राशि कम से कम 5 लाख रुपये दी जाए, 5000 रुपये मासिक पेंशन लागू की जाए, महंगाई को देखते हुए ड्रेस के लिए 2500 रुपये दिए जाएं, पिछले 4 साल की ड्रेस की राशि दी जाए व 15 बच्चों पर एक मिड डे मील कुक का प्रावधान हो।
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सभा को एआईयूटीयूसी जिला प्रधान मास्टर सूबे सिंह व सुमित्रा, माया, प्रेमलता, बनीता, रौशनी, मीना, राजेश,स्नेह लता व जिला सचिव छाजूराम रावत ने संबोधित करते हुए कहा कि मिड डे मील कुक कम हेल्पर्स प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कक्षा पहली से आठवीं तक स्कूली बच्चों को संतुलित आहार की पूर्ति कर कुपोषण से बचाने व सरकारी स्कूलों में शिक्षा की ओर अग्रसर हर बच्चे के शिक्षा के अधिकार व उनके भविष्य को संवारने का काम करती हैं।
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कुक कम हेल्पर्स गरीब परिवारों से व मामूली मानदेय पर स्कूलों में पूरा दिन काम करती हैं और कर्मियों को यह मामूली मानदेय भी समय पर नहीं मिलता। अभी भी सितंबर से दिसंबर 2024 तक का मानदेय भुगतान नहीं हुआ है। इनकी आजीविका इसी मामूली मानदेय पर निर्भर है। लेकिन सरकार मांगों की अनदेखी कर रही है। इससे उनमें रोष है।
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ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि सरकार मिड डे मील कर्मियों को नियमित कर्मचारी का दर्जा दे। श्रमिक मानकर कर न्यूनतम वेतन 28,000 रुपये मासिक लागू किया जाए, तीन महीने का बकाया मानदेय भुगतान किया जाए, सितंबर 2024 को केंद्र की बकाया राशि एक हजार का भुगतान किया जाए, छुट्टियों का पैसा काटना बंद किया जाए, 12 महिनों का वेतन दिया जाए व रिटायरमेंट की उम्र 65 साल की जाए। साथ ही रिटायरमेंट पर एकमुश्त राशि कम से कम 5 लाख रुपये दी जाए, 5000 रुपये मासिक पेंशन लागू की जाए, महंगाई को देखते हुए ड्रेस के लिए 2500 रुपये दिए जाएं, पिछले 4 साल की ड्रेस की राशि दी जाए व 15 बच्चों पर एक मिड डे मील कुक का प्रावधान हो।