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Mahendragarh-Narnaul News: बढ़ती ठंड से रजाई-कंबल की मांग बढ़ी

Sat, 28 Dec 2024 12:30 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल Updated Sat, 28 Dec 2024 12:30 AM IST
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Demand for quilts and blankets increased due to increasing cold
नारनौल। क्षेत्र में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ने लगी है। इससे गर्म कपड़ों के बाजार में रौनक बढ़ गई है। नवंबर और दिसंबर के मध्य तक कम ठंड के कारण गर्म कपड़े के व्यापारी भी कम बिक्री के कारण मायूस नजर थे, लेकिन कुछ दिनों से क्षेत्र में पड़ रही ठंड के कारण स्वेटर, जैकेट, रजाई, कंबल आदि गर्म कपड़े की मांग में बढ़ोतरी हो गई है। क्षेत्र में कुछ जगह पर गर्म कपड़ों की सेल भी लगाई गई है।
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बाजार में कई तरह के आकर्षक व साइज के कंबल और रजाई उपलब्ध हैं। कंबल, रजाई और गद्दे की बनावट और गुणवत्ता के हिसाब से उनके दाम भी निर्धारित किए गए हैं। ढाई किलो रुई के गद्दे 550 रुपये और दो किलो रुई के गद्दे 450 रुपये में उपलब्ध है। ढाई किलो रुई की रजाई 650 रुपये, तीन किलो रुई की रजाई 750 रुपये और साढ़े तीन किलो रूई की रजाई 850 रुपये के हिसाब से उपलब्ध है। वहीं सिंगल बेड के कंबल 650, 1400 और 1600 रुपये में और डबल बेड के कंबल 800, 1600 और 2400 रुपये में उपलब्ध है।
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दुकानदार नरेश कुमार ने बताया कि गद्दे और रजाई की बिक्री अभी तक उम्मीद के मुताबिक नहीं हो पाई है, लेकिन क्षेत्र में पड़ रही कड़ाके की ठंड के कारण कुछ दिनों से गर्म कपड़ों की खरीदारी में भी इजाफा हुआ है। कुछ दिनों में मलमास समाप्त होने के बाद शादी कार्यक्रम फिर से शुरू होने वाले हैं। उम्मीद है कि वैवाहिक कार्यक्रम फिर से शुरू होने के साथ ही गद्दे और रजाई की बिक्री में भी वृद्धि होगी।
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इंसेट
पहले सर्दी के आगमन के साथ ही शुरू हो जाती थी खरीदारी
रजाई और गद्दे बेचने वाले दुकानदार जयप्रकाश का कहना है कि पहले सर्दी आगमन के साथ ही रजाई और गद्दे की बिक्री शुरू हो जाती थी। लेकिन तापमान में बढ़ोतरी के कारण इस साल नवंबर बीत जाने के बाद भी दिन में गर्मी बनी हुई थी। इस कारण कुछ दिनों में गद्दे और रजाई की नहीं के बराबर बिक्री हुई है, लेकिन दिसंबर के दूसरे पखवाड़े में तापमान में गिरावट के साथ ही गद्दे, रजाई और कंबल की बिक्री में बढ़ोतरी देखने को मिली हुई है।


इंसेट
आर्डर पर भी बनाते हैं रजाई और गद्दे
बाजार में गद्दे और रजाई के सामान्य तौर पर ज्यादा प्रयोग होने वाले साइज ही उपलब्ध है, लेकिन अगर कोई व्यक्ति अलग साइज और रुई की मांग करता है तो आर्डर लेकर भी रजाई और गद्दे तैयार किए जाते हैं। दुकानदारों के अनुसार एक ढाई किलों की एक रजाई को तैयार करने में करीब एक दिन का समय लगता है।
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