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नंदी गोशाला के पीछे खुले में मिले मृत गोवंश, शिकायत देने के बाद भी प्रशासन गोवंश दबाने में की खाना पूर्ति

Wed, 27 Apr 2022 11:54 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 27 Apr 2022 11:54 PM IST
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Dead cows found in the open behind Nandi Gaushala, even after complaining, the administration fulfilled the food in suppressing the cows
नंदी गोशाला के पीछे चार दिन पहले मृत गोवंशों की अंत्येष्टि नगर परिषद की ओर से ठीक तरीके से नहीं किए जाने पर भोले नाथ ग्रुप में रोष है। बुधवार को उन्होंने ज्ञापन डीसी श्यामलाल पूनिया को सौंपा। उन्होंने नंदी गोशाला पर गोवंश के मर जाने के बाद खुले में डालने का आरोप लगाया। उपायुक्त ने उनको कार्रवाई का आश्वासन दिया। वहीं एसडीएम ने भविष्य में उक्त साइट पर गोवंश डालने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने की बात कही है।
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भोले नाथ ग्रुप प्रधान मनीष, धर्मेंद्र सैनी, पंकज, नंदू कपिल, विक्रम, कुनाल भारद्वाज आदि ने बताया कि उनका ग्रुप हर रविवार को बेसहारा गोवंशों को चारा व सब्जियां डालता है। साथ ही गोशालाओं में सेवा दी जाती है। इसी कार्य के चलते रविवार को वो नंदी गोशाला खालड़ा पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि इस दौरान पहाड़ी के पीछे गड्ढ़े के अंदर 20 से 25 मृत गोवंश खुले पड़े हुए थे। इसकी शिकायत उन्होंने 25 अप्रैल को एसडीएम मनोज कुमार को दी थी। एसडीएम ने नगर परिषद को फोन कर मृत गोवंशों को दबाने के आदेश दिए थे। उन्होंने बताया कि परिषद की ओर से मृत गोवंश को दबाने की केवल औपचारिकताएं पूरी की गई। नप की कार्रवाई के बाद किसी गोवंश का पेट तो किसी का पैर तो किसी का मुंह बाहर निकला हुआ था। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म में गाय को पूजनीय माना गया है। इसके बाद भी मरने के बाद ठीक से दफनाया नहीं जा रहा। इसके लिए उन्होंने बुधवार को उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा
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डीसी से जांच करवाने की मांग
उन्होंने ज्ञापन में बताया कि नंदी गोशाला में गायों पर अत्याचार हो रहा है। मरने के बाद उनको कूड़े-कचरे की तरह पीछे पहाड़ियों में खुले में फेंक दिया जाता है जिससे जंगली जानवर खाते रहते हैं। उन्होंने बताया कि इसके सबूत भी उन्होंने एसडीएम को दिए थे। उन्होंने उपायुक्त से मांग की कि इस ममाले की जांच करवाई जाए तथा गोवशों की अंत्येष्टि ठीक प्रकार से करवाई जाए।
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एक गड्ढे में ही थी 20 से अधिक गोवंश
ग्रुप सदस्यों ने अनुसार कि एक गड्ढ़े में ही 20 से अधिक गोवंश डाले हुए थे। ग्रुप के अनुसार सभी गोवंश नंदी गोशाला के हैं लेकिन एसडीएम ये मृत गोंवश नंदी गोशाला के नहीं बता रहे हैं। सवाल यह है कि इतने गोंवश एक साथ कैसे मरे। दूसरा सवाल कि ये गोवंश किस गोशाला के हैं। ये दोनों ही प्रश्न जांच के विषय हैं। प्रशासन को इस पर जांच करनी चाहिए।

एफआईआर करवाई जाएगी दर्ज, लगाए जाएंगे सीसीटीवी कैमरे
नंदी गोशाला के पिछले दिनों मात्र दो गोंवश की बीमारी की वजह से मौत हुई है जिनको अच्छे तरीके से दबाया गया था। शिकायत मिलने के बाद मैंने स्वयं ने गोशाला जाकर इस बारे में जांच की है। ये गोवंश किसी अन्य गोशाला के हो सकते हैं। यह साइट मृत गोवंश डालने की नहीं है। भविष्य में इधर किसी ने मृत गोंवश डाले तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। चाहे वह नंदी गोशाला का व्यक्ति ही क्यों न हो। इस पर निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरा भी वहां लगवाया जाएगा।
- मनोज कुमार, एसडीएम नारनौल।
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