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ट्रैक्टर-ट्राली पलटी, 12 से अधिक घायल
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Thu, 28 Apr 2016 12:13 AM IST
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सड़क हादसा
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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गांव गोलवा बणी के नजदीक बुधवार को करीब 12 बजे सड़क के सर्पाकार मोड़ की वजह से एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्राली सड़क पर पलटी गई। ट्राली के नीचे दबने से 12 महिलाओं समेत छह से अधिक छोटे बच्चे भी घायल हो गए। घटना के दौरान ट्रैक्टर के मडगार्ड पर बैठे पांच-छह युवक तो कूदकर भाग गए। जबकि ट्रैक्टर चालक सहायता के लिए चिल्लाने लगा। बणी में ही सड़क के पास बनी एक पानी की टंकी पर नहा रहे कुछ युवकों ने सभी घायलों को ट्राली से बाहर निकाला। इसके बाद एक बारात के वाहन में बैठाकर सभी को नांगल चौधरी अस्पताल पहुंचाया गया। सभी घायल बहरोड के पास नालोता गांव के बताए जा रहे है। सभी बायल पंचायत के अंतर्गत आने वाली गरगटा की ढाणी स्थिति हीरामल बाबा के मंदिर जा रहे थे।
बुधवार को बड़ी पांच पर बहरोड़ के पास स्थित नालोता गांव के कुछ महिला और पुरुष एक ट्रैक्टर-ट्राली में सवार होकर नाचते गाते बायल की ढाणी गरगटा में स्थित बाबा हीरामल के मंदिर पर प्रसाद अर्पित करने जा रहे थे। ट्रैक्टर की गति भी तेज थी। पांच छह युवक ट्रैक्टर के मडगार्ड पर बैठे थे। जबकि महिलाएं और बच्चे ट्राली में थे। जैसे ही ट्रैक्टर गंगूताना गांव से निकलकर गोलवा की बणी के पास सड़क में सर्पाकार मोड़ पहुंचे तो ट्रैक्टर-ट्राली अनियंत्रित होकर बीच सड़क पलट गई। इससे ट्राली में बैठी सभी महिलाएं और बच्चे ट्राली के नीचे दब गए और चीख पुकार करने लगे, लेकिन गनीमत रही की ट्राली के फट्टे-एंगल लगे हुए थे। इससे सड़क और ट्राली के बीच गैप रह गया। इससे घटना के पास ही बनी पानी की टंकी पर नहा रहे कुछ युवकों ने दौड़कर ट्राली के नीचे महिलाओं और बच्चों को बाहर निकाला। घटना में ममता, प्रकाश, मुनेश, कविता, सुनीता, अनीता, प्रमोद, कविता, धोली, रूड़ी, मनिषा और अनीता को गंभीर चोट आई है। जिन्हेें उपचार के लिए नांगल चौधरी अस्पताल पहुंचाया गया। इसके अलावा घायल अधिकतर छोटे बच्चों को निजी अस्पताल भी ले जाया गया। नांगल चौधरी अस्पताल में चिकित्सकों ने सभी घायलों को प्राथमिक उपचार देकर रेफर कर दिया। जिनको परिजन कोटपुतली लेकर चले गए। उधर ट्रैक्टर चालक दूसरे ट्रैक्टर की मद्द से ट्राली को उठवाकर घटना स्थल से फरार हो गया।
चिकित्सकों की मान-मनुहार के बाद ही मिला चौधरी बैजनाथ ने अस्पताल को एक नया भवन दिया। ताकि जरूरत के समय गरीबों को सरकारी इलाज मुहैया हो सके, लेकिन यहां उपस्थित चिकित्सकों की लापरवाही से अस्पताल हमेशा चर्चा का विषय रहा है। बुधवार की घटना के बाद भी एक बार अस्पताल में चिकित्सकों की लापरवाही सामने आई। घायलों के परिजनों का आरोप था कि घायल अस्पताल की फर्श पर पड़े-पड़े दर्द से कराहते रहे, लेकिन अस्पताल में कोई भी चिकित्सक मौजूद नहीं था। परिजनों के काफी मान मनुहार के बाद ही चिकित्सक अस्पताल परिसर पहुंचे। उधर घायलों की स्थिति देखकर भीड़ ने शोर मचाना शुरू कर दिया। चिकित्सकों की लापरवाही पर जब कुछ लोगों ने हंगामा करना शुरू किया तो चिकित्सकों का जवाब था कि लंच हो रहा था। बाद में चिकित्सकों ने जो घायल जहां फर्श पर पड़ा था वही प्राथमिक उपचार देकर रेफर कर दिया।
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बुधवार को बड़ी पांच पर बहरोड़ के पास स्थित नालोता गांव के कुछ महिला और पुरुष एक ट्रैक्टर-ट्राली में सवार होकर नाचते गाते बायल की ढाणी गरगटा में स्थित बाबा हीरामल के मंदिर पर प्रसाद अर्पित करने जा रहे थे। ट्रैक्टर की गति भी तेज थी। पांच छह युवक ट्रैक्टर के मडगार्ड पर बैठे थे। जबकि महिलाएं और बच्चे ट्राली में थे। जैसे ही ट्रैक्टर गंगूताना गांव से निकलकर गोलवा की बणी के पास सड़क में सर्पाकार मोड़ पहुंचे तो ट्रैक्टर-ट्राली अनियंत्रित होकर बीच सड़क पलट गई। इससे ट्राली में बैठी सभी महिलाएं और बच्चे ट्राली के नीचे दब गए और चीख पुकार करने लगे, लेकिन गनीमत रही की ट्राली के फट्टे-एंगल लगे हुए थे। इससे सड़क और ट्राली के बीच गैप रह गया। इससे घटना के पास ही बनी पानी की टंकी पर नहा रहे कुछ युवकों ने दौड़कर ट्राली के नीचे महिलाओं और बच्चों को बाहर निकाला। घटना में ममता, प्रकाश, मुनेश, कविता, सुनीता, अनीता, प्रमोद, कविता, धोली, रूड़ी, मनिषा और अनीता को गंभीर चोट आई है। जिन्हेें उपचार के लिए नांगल चौधरी अस्पताल पहुंचाया गया। इसके अलावा घायल अधिकतर छोटे बच्चों को निजी अस्पताल भी ले जाया गया। नांगल चौधरी अस्पताल में चिकित्सकों ने सभी घायलों को प्राथमिक उपचार देकर रेफर कर दिया। जिनको परिजन कोटपुतली लेकर चले गए। उधर ट्रैक्टर चालक दूसरे ट्रैक्टर की मद्द से ट्राली को उठवाकर घटना स्थल से फरार हो गया।
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चिकित्सकों की मान-मनुहार के बाद ही मिला चौधरी बैजनाथ ने अस्पताल को एक नया भवन दिया। ताकि जरूरत के समय गरीबों को सरकारी इलाज मुहैया हो सके, लेकिन यहां उपस्थित चिकित्सकों की लापरवाही से अस्पताल हमेशा चर्चा का विषय रहा है। बुधवार की घटना के बाद भी एक बार अस्पताल में चिकित्सकों की लापरवाही सामने आई। घायलों के परिजनों का आरोप था कि घायल अस्पताल की फर्श पर पड़े-पड़े दर्द से कराहते रहे, लेकिन अस्पताल में कोई भी चिकित्सक मौजूद नहीं था। परिजनों के काफी मान मनुहार के बाद ही चिकित्सक अस्पताल परिसर पहुंचे। उधर घायलों की स्थिति देखकर भीड़ ने शोर मचाना शुरू कर दिया। चिकित्सकों की लापरवाही पर जब कुछ लोगों ने हंगामा करना शुरू किया तो चिकित्सकों का जवाब था कि लंच हो रहा था। बाद में चिकित्सकों ने जो घायल जहां फर्श पर पड़ा था वही प्राथमिक उपचार देकर रेफर कर दिया।
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