शादी के नाम पर रुपये ठगने वाले गिरोह का मुख्य आरोपी काबू
नारनौल। जिला पुलिस ने शादी का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी का गिरफ्तार कर सोमवार को न्यायालय में पेश किया गया। जहां न्यायालय ने उसे नसीबपुर जेल भेजने के आदेश दिए।
पुलिस के अनुसार गत 30 नवंबर 2015 को बहाला खुर्द निवासी वेद कोर ने सदर थाना में मामला दर्ज करवाया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 7 फरवरी को मामले के मुख्य आरोपी उत्तरप्रदेश के जिला हापुड़ में शालेपुर कोटला निवासी साबीर साजिद को गिरफ्तार किया था। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि इस गिरोह में एक फूलकौर नाम की औरत भी शामिल है और वह सिकंदराबाद की रहने वाली है। इसने आरोपी से एक प्लाट खरीदा था, तभी फूलकौर से इस आरोपी की मुलाकात हुई थी। इस शादी में लड़की का इंतजाम करने की जिम्मेवारी भी फूलकौर की लगाई गई थी, जो फूलकौर ही गीता नाम की लड़की को शादी के लिए नारनौल लेकर आई थी। सोमवार को साबीर साजिद को नारनौल कोर्ट में पेश किया गया। जहां कोर्ट ने आरोपी को नसीबपुर जेल में भेजने के आदेश दिए।
इस तरह आया गिरफ्त में
मामले में एएसआई कुलदीप उत्तर प्रदेश की सपनावत पुलिस चौकी में पहुंचे और वहा तैनात पुलिस कर्मचारियों को इस आरोपी की फोटो दिखाई तो उन्होंने बताया कि यह शालेपुर गांव का रहने वाला है और अब प्रापर्टी डीलर का काम करता है। इसके बाद एएसआई ने सिविल ड्रेस में इस आरोपी के घर पहुंचे और आरोपी से कहा की सपनावत पुलिस चौकी में नया इंचार्ज आया है। उसी ने भेजा है वह प्लाट खरीदना चाहता है। इसके बाद वे आरोपी को सपनावत पुलिस चौकी में लेकर पहुंचे, जहां इस मुलजिम को काबू किया।
शादी के बाद गहने लेकर फरार हो गई थी दुल्हन
बलाहा खुर्द की रहने वाली वेदकौर ने शिकायत में बताया कि उसका लड़का पप्पू डेमोली गांव के पूर्ण गुर्जर के पास आता जाता था। डेमोली गांव में कई साल से उत्तर प्रदेश से भैंस के दो व्यापारी आबिद और साजिद भैंस खरीदने आते थे। इन दोनों व्यापारियों से पप्पू और पूर्ण ने वेदकौर के लड़के बाबूलाल की शादी के लिए लड़की की बात कही। इस पर व्यापारियों ने कहा की रिश्ता तो वे करवा देंगे, लेकिन लड़की का परिवार गरीब है। उनके पास कुछ भी नहीं है इसलिए शादी खर्च के लिए 2 लाख रुपये उन्हें ही देने पड़ेंगे। वेद कौर ने बाबूलाल की शादी के लिए उन्हें 2 लाख रुपये देने की हां कर ली। 14 फरवरी 2015 को आबिद और साजिद लड़की गीता व एक बूढ़ी औरत जिसे वे लड़की की मौसी बता रहे थे। उसे लेकर नारनौल रामनगर कालोनी आए। जहां वेद कौर के अन्य परिवार वाले रहते थे और 2 लाख रुपये वेद कौर ने रिश्तेदारों से उधार लेकर लड़की वालों को दे दिए और वेद कौर ने अपने सभी रिश्तेदारों को बुलाकर अगले दिन 16 फरवरी 2015 को नारनौल नसीबपुर जेल के पीछे पीर की मजार पर बाबूलाल व गीता का विवाह करवा दिया। विवाह के बाद मौका पाकर दुल्हन 2 लाख रुपये व सोने के जेवरात लेकर वहां से फरार हो गयी थी।