नारनौल: बैंक खाते में पैसे डालने का झांसा देकर 50 हजार रुपये निकाले, बढ़ रहे इस तरीके से ठगी के मामले, बरतें यह सावधानी
पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के नाम पर पैसे ठगने के मामले दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं। ठग सामने वाले को विश्वास में लेकर वारदात को अंजाम देते हैं।
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हरियाणा के नारनौल में बैंक खाते में पैसे डालने का झांसा देकर हुडा सेक्टर निवासी एक व्यक्ति के खाते से ठग ने 50 हजार रुपये निकाल लिए। पीड़ित ने इसकी शिकायत महावीर चौकी पुलिस में दी है। पुलिस ने शिकायत पर मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में हुडा निवासी अंशुमत ने बताया कि शनिवार दोपहर करीब 2.30 बजे उसके पिता के फोन पर एक व्यक्ति ने कॉल की, जिसमें उसने कहा कि तुम्हारे खाते में 50 हजार रुपये डालने हैं। उसने फोन-पे नंबर पूछा और कहा कि वह उस पर वाउचर भेजेगा।
इसके बाद उसने एक रुपये का लिंक वाउचर भेजा। इसके बाद दो लिंक 19999 के वाउचर के भेजकर कहा कि ये रुपये आपके खाते में आ जाएंगे। फिर उसने एक वाउचर 9999 रुपये का और भेजकर एड करने के लिए कहा। फिर उसने पिन डालने के लिए कहा। जैसे ही उसने पिन डाला तो उसके बैंक खाते से कुल 50 हजार रुपये निकल गए। पीड़ित ने पुलिस को शिकायत देकर पैसे वापस दिलवाने तथा धोखाधड़ी करने वाले के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
ठग ऐसे देते हैं वारदात को अंजाम, रहे सावधान
आजकल ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के नाम पर कईं प्रकार से ठगी की वारदात की जा रही है। ठग किसी भी नंबर पर फोन करके सीधा उसका नाम लेकर बात करते हैं और पूछते हैं कि पहचाना नहीं क्या? भूल गए क्या? इससे सामने वाले को लगता है कि कोई जानकार ही बोल रहा है। ठग बातों-बातों में बार-बार उसको पहचानने की बात बोलता है फिर अगर व्यक्ति किसी से मिलती-जुलती आवाज के अनुमान पर किसी का भी नाम ले देता है तो ठग वो ही शख्स बनकर बात करने लगता है।
फिर वह कहता है कि मुझे किसी से पैसे लेने है, लेकिन मैं ऑनलाइन ट्रांजेक्शन एप का प्रयोग नहीं करता, आप करते हैं क्या। अगर जो हां कर दी तो ठग आपके खाते में पैसे भिजवाने की बात कहता है और पहले फोन-पे या गूगल पे नंबर पर एक-दो रुपया भेजता है। फिर बातों बातों में आपके खाते में जमा रकम की जानकारी लेते हुए वह बड़ी ट्रांजेक्शन कराने की बात कहना है। इसपर वह कहता है कि ट्रांजेक्शन बड़ी है तो इसमें आपको अपना यूपीआई पिन डालना होगा। इसके बात वह ट्रांजेक्शन एप से रुपये भेजने की बजाये, रुपयों की रिक्वेस्ट डाल देता है। सामने वाले के फोन में एप पर पैसों की रिक्वेस्ट आती है और वह समझता है कि यह पैसे उसके फोन में आएंगे, जबकि यूपीआई पिन डालते ही पैसे ठग के खाते में चले जाते हैं।
इसी प्रकार ठग किसी को लॉटरी लगने की बात बोलकर झांसे में ले रहे हैं तो किसी को अन्य तरीके से। कईं बार बड़ी उम्र के लोगों के पास भी फोन करते हैं और उनकों झांसे में लेकर उनके बेटे या किसी परिचित के खाते में इसी प्रकार से सेंध लगा देते हैं। इसी प्रकार ठग कस्टमर केयर कर्मी बनकर भी कुछ फ्रॉड एप डाउनलोड करवाकर बैंक खाते में सेंध लगा देते हैं। इस प्रकार के फेक कॉल्स से लोगों को सावधान रहना होगा।