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चंडीगढ़ में तैनात आईआरबी के कांस्टेबल से एक लाख में व्हाट्स एप पर मंगवाई थी आंसर की
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अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। हरियाणा पुलिस कांस्टेबल की लिखित परीक्षा में 23 दिसंबर मिली आंसर-की को एक लाख रुपये में मंगवाया था। नकली फ्लाइंग बनकर पहुंचे फूड सप्लाई डिपार्टमेेंट के सब इंस्पेक्टर संदीप ने यह आंसर-की इंडियन रिजर्व बटालियन (आईआरबी) के कांस्टेबल से खरीदी थी। आंसर- की उपलब्ध कराने वाला आईआरबी कांस्टेबल भी हिसार जिले के गांव घिराय का रहने वाला है। वहीं, दो दिन का रिमांड पूरा होने के बाद बुधवार को पुलिस ने आरोपी नीरज और संदीप को न्यायाधीश निमित कुुमार की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया। सरकारी वकील सचिन गौतम ने बताया कि आरोपी के वकील ने जमानत याचिका डाली है। जिसकी सुनवाई वीरवार को होगी।
पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी संदीप तथा नीरज ने बताया कि उन्होंने एक लाख रुपये में हरियाणा पुलिस कांस्टेबल की परीक्षा के लिए आंसर-की का सौदा किया था, जिसके पैसे बाद में दिए जाने थे। आईआरबी के कांस्टेबल सोनित ने यह आंसर-की सब इंस्पेक्टर संदीप के मोबाइल पर भेजा थी। पुलिस मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। पुलिस टीम ने मंगलवार को चंडीगढ़ पहुंचकर आरोपी के घर एवं ऑफिस का पता लगाया। प्राथमिक जांच में सामने आया कि आरोपी कांस्टेबल 24 दिसंबर से अपनी ड्यूटी से अनुपस्थित चल रहा है। तीसरे आरोपी सोनित का खुलासा मोबाइल की कॉल डिटेल से हुआ। पुलिस ने नीरज और संदीप के मोबाइल जब्त कर लिए थे। जिनके मोबाइल पर सोनित के मोबाइल से व्हाट्सएप पर आंसर-की आई हुई थी। उस मोबाइल नंबर के जरिए ही पुलिस को आंसर-की भी मिल गई।
आंसर-की के मिलान के लिए करना होगा इंतजार
आरोपी के मोबाइल से मिली आंसर-की को असली-की से मिलान के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की आंसर-की को आने में अभी समय लग सकता है। असली-की के साथ मिलान होने पर ही पूरे मामले का खुलासा हो सकेगा। अगर दोनों आंसर-की समान हुई तो हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग भी शक के दायरे में आ जाएगा।
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ये था मामला
23 दिसंबर को हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की ओर से पुरुष कांस्टेबल की परीक्षा आयोजित की गई थी। महेंद्रगढ़ में एक परीक्षा केंद्र में हिसार के नियाना गांव का नीरज पेपर दे रहा था। अंतिम पांच-सात मिनट में नीरज का भाई संदीप नकली फ्लाइंग बनकर सेंटर के अंदर घुसकर अपने भाई के पास कमरे में जाकर उसको आंसर-की पकड़ा दी थी। जिसे शक होने पर ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों ने पकड़ लिया था। वहीं, सबूत खत्म करने के चक्कर में नीरज ने आंसर-की को निगल लिया था।
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महेंद्रगढ़। हरियाणा पुलिस कांस्टेबल की लिखित परीक्षा में 23 दिसंबर मिली आंसर-की को एक लाख रुपये में मंगवाया था। नकली फ्लाइंग बनकर पहुंचे फूड सप्लाई डिपार्टमेेंट के सब इंस्पेक्टर संदीप ने यह आंसर-की इंडियन रिजर्व बटालियन (आईआरबी) के कांस्टेबल से खरीदी थी। आंसर- की उपलब्ध कराने वाला आईआरबी कांस्टेबल भी हिसार जिले के गांव घिराय का रहने वाला है। वहीं, दो दिन का रिमांड पूरा होने के बाद बुधवार को पुलिस ने आरोपी नीरज और संदीप को न्यायाधीश निमित कुुमार की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया। सरकारी वकील सचिन गौतम ने बताया कि आरोपी के वकील ने जमानत याचिका डाली है। जिसकी सुनवाई वीरवार को होगी।
पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी संदीप तथा नीरज ने बताया कि उन्होंने एक लाख रुपये में हरियाणा पुलिस कांस्टेबल की परीक्षा के लिए आंसर-की का सौदा किया था, जिसके पैसे बाद में दिए जाने थे। आईआरबी के कांस्टेबल सोनित ने यह आंसर-की सब इंस्पेक्टर संदीप के मोबाइल पर भेजा थी। पुलिस मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। पुलिस टीम ने मंगलवार को चंडीगढ़ पहुंचकर आरोपी के घर एवं ऑफिस का पता लगाया। प्राथमिक जांच में सामने आया कि आरोपी कांस्टेबल 24 दिसंबर से अपनी ड्यूटी से अनुपस्थित चल रहा है। तीसरे आरोपी सोनित का खुलासा मोबाइल की कॉल डिटेल से हुआ। पुलिस ने नीरज और संदीप के मोबाइल जब्त कर लिए थे। जिनके मोबाइल पर सोनित के मोबाइल से व्हाट्सएप पर आंसर-की आई हुई थी। उस मोबाइल नंबर के जरिए ही पुलिस को आंसर-की भी मिल गई।
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आंसर-की के मिलान के लिए करना होगा इंतजार
आरोपी के मोबाइल से मिली आंसर-की को असली-की से मिलान के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की आंसर-की को आने में अभी समय लग सकता है। असली-की के साथ मिलान होने पर ही पूरे मामले का खुलासा हो सकेगा। अगर दोनों आंसर-की समान हुई तो हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग भी शक के दायरे में आ जाएगा।
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ये था मामला
23 दिसंबर को हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की ओर से पुरुष कांस्टेबल की परीक्षा आयोजित की गई थी। महेंद्रगढ़ में एक परीक्षा केंद्र में हिसार के नियाना गांव का नीरज पेपर दे रहा था। अंतिम पांच-सात मिनट में नीरज का भाई संदीप नकली फ्लाइंग बनकर सेंटर के अंदर घुसकर अपने भाई के पास कमरे में जाकर उसको आंसर-की पकड़ा दी थी। जिसे शक होने पर ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों ने पकड़ लिया था। वहीं, सबूत खत्म करने के चक्कर में नीरज ने आंसर-की को निगल लिया था।