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अश्लील वीडियो पर घिरे चेयरमैन ने कहा कि आपसी रंजिश के तहत ब्लैंकमेल करने की कोशिश

Sun, 14 Oct 2018 01:13 AM IST
Updated Sun, 14 Oct 2018 01:13 AM IST
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अश्लील वीडियो पर घिरे चेयरमैन ने कहा कि आपसी रंजिश के तहत ब्लैंकमेल करने की कोशिश
अमर उजाला ब्यूरो
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नारनौल। प्रदेश में व्यापार कल्याण बोर्ड के चेयरमैन रहे गोपाल शरण गर्ग की कथित अश्लील वीडियो क्लिप शुक्रवार को ई-मेल व सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी जिसे लेकर उन्होंने शनिवार को पत्रकार वार्ता की। उन्होंने शहर के ही व्यापारी नेता किशन चौधरी व सुरेंद्र उर्फ पम्मी चौधरी पर उनके जैसे दिखने वाले व्यक्ति को विडियो में एडिटिंग कर उन्हें बदनाम करने का आरोप लगाया है। चेयरमैन व उसके भाई हेतराम गर्ग ने छह अक्तूबर को पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी थी। बता दें कि वर्तमान में गोपाल शरण गर्ग अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष, अग्रसैन फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। इसके अलावा वे अखिल भारतीय उद्योग व्यापार सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय मुख्य संयोजक और शहर के सनातन धर्म एजुकेशन बोर्ड के भी अधिकारी हैं।
एमएएसडी स्कूल नारनौल में पत्रकारों से बातचीत में चेयरमैन गोपाल शरण गर्ग ने कहा कि 28 सितंबर को उनके भाई हेतराम गर्ग के पास सुरेंद्र चौधरी उर्फ पम्मी चौधरी का फोन आया था कि वह उनसे मिलकर गोपनीय बात करना चाहता है। इसके बाद अगले दिन सुबह करीब साढ़े आठ बजे सुरेंद्र चौधरी अपने किसी साथी के साथ भाई हेतराम के घर पर आया है और कहा कि उसके पास गोपाल शरण की एक सीडी है। सुरेंद्र चौधरी इस दौरान अपने साथ एक लैपटॉप व पैन ड्राइव लिए हुए था। उसने पैन ड्राइव लैपटॉप में लगाकर उनके जैसा ही कोई व्यक्ति महिला के साथ अश्लील हरकत करते हुए की विडियो उनके भाई हेतराम को दिखाई और कहा कि उसे वायरल नहीं करना चाहता। परंतु इसके बदले उसे एएसडी स्कूल के रामलीला मैदान व एएसडी स्कूल की संपत्ति का चार्ज गोपाल शरण गर्ग से लेकर उन्हें दे दिया जाए। इसके बाद सीडी को उन्हें सौंप देगा। इस पर हेतराम गर्ग ने कहा कि गोपाल शरण गर्ग एसडी एजूकेशन बोर्ड संस्था की मैनेजमेंट देखता है। इसके लिए समय मांगा गया, क्योंकि गोपाल शरण जयपुर में अग्रवाल समाज की एक रैली में व्यस्त थे। जब वह अपने घर पहुंचा तो भाई ने सीडी प्रकरण की जानकारी दी।
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मैनेजमेंट ने गोपाल शरण के इस्तीफे को नहीं किया स्वीकार
इस पर गोपाल शरण गर्ग ने एसडी एजूकेशन बोर्ड संस्था पदाधिकारियों की बैठक बुलाई और उन्होंने सीडी प्रकरण की जानकारी देते हुए अपनी इस्तीफा मैनेजमेंट को सौंप दिया, लेकिन मैनेजमेंट ने इस्तीफा लेने से मना कर दिया। इसकी शिकायत पुलिस में करने की बात कही। इसके बाद उसने छह अक्तूबर को भाई हेतराम के साथ पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार को एक शिकायत देकर इसकी जांच करवाकर दोषी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। गोपाल शरण गर्ग ने बताया कि इस प्रकरण के बाद नैतिकता के आधार पर उन्होंने मुख्यमंत्री को अपना इस्तीफा दे दिया है।
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रजिंशवस बदनाम करने का प्रयास
गोपाल शरण गर्ग ने बताया कि शहर के व्यापारी नेता सुरेंद्र उर्फ पम्मी चौधरी ने एएसडी स्कूल स्थित ड्रामेटिक क्लब के मंच पर कब्जा किया हुआ है। वहीं 1995 में भी किशन चौधरी व सुरेंद्र चौधरी ने एसडी एजूकेशन बोर्ड की संपत्ति पर कब्जा करने का प्रयास किया है जिसका मामला भिवानी अदालत में चला गया था। इसका फैसला एजूकेशन बोर्ड की प्रबंधन समिति के पक्ष में आया। इस प्रकार कई मामलों में उक्त दोनों उनके खिलाफ है। इसी रंजिश के चलते किशन चौधरी व सुरेंद्र उर्फ पम्मी चौधरी ने विडियो में एडिटिंग कर उनके जैसे व्यक्ति को महिला के साथ अश्लील हरकतें करते हुए दिखाकर बदनाम करने का प्रयास किया है।
वर्जन
इस संबंध में व्यापारी नेता किशन चौधरी ने गोपाल शरण गर्ग द्वारा उन पर लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि इससे उनका कोई लेना-देना नहीं है। किशन चौधरी ने कहा कि वे रविवार को पत्रकारों के समक्ष उनके सभी सबूत रखेंगे।

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एसपी विनोद कुमार ने कहा कि गोपाल शरण गर्ग व उनके भाई की ओर से एक शिकायत मिली है जिसकी जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने कहा कि गोपाल शरण ने उन्हें इस बारे में कोई सीडी जांच के लिए उपलब्ध नहीं कराई।
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