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15 वर्ष में एक कदम भी आगे नहीं बढ़ पाए महेंद्रगढ़ कॉलेज
Updated Thu, 02 Nov 2017 09:42 PM IST
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15 वर्ष में एक कदम भी आगे नहीं बढ़ पाए महेंद्रगढ़ कॉलेज
- नैक टीम ने दोनों ही कॉलेजों को दिया बी ग्रेड
फोटो संख्या:39
प्रदीप शर्मा
महेंद्रगढ़। पिछले 15 वर्षों में महेंद्रगढ़ के कॉलेज एक कदम भी आगे नहीं बढ़ पाए। कॉलेज के इन्फ्रास्ट्रक्चर और रिजल्ट धरे रहे गए। ऑनलाइन शिक्षा पद्धति, कॉलेज स्टाफ, हॉस्टल आदि सुविधाओं की कमी ने महाविद्यालयों को उसी स्थान पर रखा जिन पर वो पहले थे। महाविद्यालय प्रशासन नेशनल एक्रीडेशन एंड असेसमेंट कमेटी (नैक) को अपनी प्रजेंटेशन से रिझा नहीं पाए। यही कारण है कि महाविद्यालयों को नैक ने बी ग्रेड दिया। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा और डिप्टी स्पीकर संतोष यादव पढ़ चुकी हैं। इस समय दोनों ही सरकार में अच्छे पद पर हैं। उसके बाद कॉलेज में ग्रेड चेंज नहीं करवा पाए। अब चार वर्ष बाद इन कॉलेजों में दोबारा से नैक दौरा करवाया जाएगा।
बता दें कि 15 और 16 सितंबर को राजकीय महिला महाविद्यालय और 27 सितंबर और 28 सितंबर को राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय का नैक की अलग-अलग टीमों ने निरीक्षण किया था। इससे पूर्व से महाविद्यालय प्रशासन कॉलेजों की 10 दिन तक साफ सफाई काम चल रहा था। टीम दौर तक महाविद्यालयों को दुल्हन की तरह सजाया दिया गया था। कॉलेज प्रशासन की ओर से टीम के सामने उपलब्धियां रखीं और वहां की व्यवस्थाओं और सुविधाओं से अवगत करवाया। टीम दूसरे दिन महाविद्यालयों से पढ़कर निकले पुराने विद्यार्थियों से भी मिली थी। टीम पुरा निरीक्षण कर बंद लिफाफा कॉलेज प्राचार्यों को सौंप कर चली गई थी। इसको एक महीने बाद खोलने के लिए बोला था। चार पांच दिन पूर्व मेल महाविद्यालयों की मेल पर ग्रेड भी डाल दिया। दोनों ही कॉलेजों को बी ग्रेड मिला।
15 वर्ष बाद भी नहीं हुआ ग्रेड चेंज
2003 में राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय एवं राजकीय महिला महाविद्यालय का नैक की टीम ने निरीक्षण किया था। उस दौरान दोनों ही महाविद्यालयों के पास इन्फ्रास्ट्रक्चर और स्टाफ की कमी थी। उसके बाद भी महाविद्यालयों को बी ग्रेड मिला था। किंतु इस बार दोनों ही महाविद्यालयों का दावा था कि वो गुड इन्फ्रास्ट्रक्चर और गुड रिजल्ट की बदौलत महाविद्यालयों को ए ग्रेड दिलाएंगे।
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ये रही मुख्य कमियां
राजकीय महाविद्यालयों में कुछ कमियां रहीं। इस कारण उन्हें ए ग्रेड नहीं मिल सका। महाविद्यालयों में कोर्सेस की संख्या बहुत कम है। महिला महाविद्यालय में तो 20 वर्ष बीत गए किंतु साइंस की कक्षाएं अभी तक शुरू नहीं हो पाई हैं। दोनों ही कॉलेज में स्टाफ की भी कमी है। इसके अलावा कॉलेजों में आधुनिक तकनीक यानी प्रोजेक्टर आदि के द्वारा पढ़ाई नहीं करवाई जा रही। महिला कॉलेज में कैंटीन और पार्किंग तक की सुविधा नहीं हैं। इन कॉलेजों में खेल का सामान तो हैं किंतु डीपीई नहीं हैं।
ए ग्रेड से बढ़ता कॉलेज स्टैंडर्ड
नैक टीम निरीक्षण के बाद महाविद्यालयों ए++, ए+, ए, बी++, बी+, बी, सी ग्रेड देेती है। ये ग्रेड महाविद्यालय में विद्याथिऱमयों को दी जाने वाली सुविधाओं के आधार पर दिए जाते हैं। महाविद्यालय के प्राचार्य विनय कुमार ने बताया कि पहले यूजीसी ग्रेड के अनुसार ग्रांट देती थी किंतु अब यह अधिकार राष्ट्रीय उच्च शिक्षा अभियान के पास चला गया है। इसके अलावा ग्रेड से ही कॉलेज का स्टैंडर्ड भी बढ़ता है।
शिक्षामंत्री से मिलकर कमियों को करवाया अवगत
राजकीय महिला महाविद्यालय के प्राचार्य विनय कुमार कॉलेज को बी ग्रेड मिलते ही शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा से मिले। दो दिन पहले मंत्री के आवास पर हुई बैठक में प्राचार्य ने कमरों के अभाव में हॉल में लगाई जा रही चार-चार कक्षाओं के बारे में अवगत करवाया। उन्होंने महाविद्यालय के लिए आठ कमरे और अलग से साइंस ब्लॉक बनवाने की मांग की है। इसके अलावा छात्राओं के लिए हॉस्टल और कॉलेज में पानी का ट्यूबवेल की भी मांग की है। उन्होंने बताया कि शिक्षामंत्री ने हायर एजूकेशन की अतिरिक्त मुख्य सचिव ज्योति आरोड़ा से फोन पर बात की और जल्द ही इस पर कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया।
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- नैक टीम ने दोनों ही कॉलेजों को दिया बी ग्रेड
फोटो संख्या:39
प्रदीप शर्मा
महेंद्रगढ़। पिछले 15 वर्षों में महेंद्रगढ़ के कॉलेज एक कदम भी आगे नहीं बढ़ पाए। कॉलेज के इन्फ्रास्ट्रक्चर और रिजल्ट धरे रहे गए। ऑनलाइन शिक्षा पद्धति, कॉलेज स्टाफ, हॉस्टल आदि सुविधाओं की कमी ने महाविद्यालयों को उसी स्थान पर रखा जिन पर वो पहले थे। महाविद्यालय प्रशासन नेशनल एक्रीडेशन एंड असेसमेंट कमेटी (नैक) को अपनी प्रजेंटेशन से रिझा नहीं पाए। यही कारण है कि महाविद्यालयों को नैक ने बी ग्रेड दिया। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा और डिप्टी स्पीकर संतोष यादव पढ़ चुकी हैं। इस समय दोनों ही सरकार में अच्छे पद पर हैं। उसके बाद कॉलेज में ग्रेड चेंज नहीं करवा पाए। अब चार वर्ष बाद इन कॉलेजों में दोबारा से नैक दौरा करवाया जाएगा।
बता दें कि 15 और 16 सितंबर को राजकीय महिला महाविद्यालय और 27 सितंबर और 28 सितंबर को राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय का नैक की अलग-अलग टीमों ने निरीक्षण किया था। इससे पूर्व से महाविद्यालय प्रशासन कॉलेजों की 10 दिन तक साफ सफाई काम चल रहा था। टीम दौर तक महाविद्यालयों को दुल्हन की तरह सजाया दिया गया था। कॉलेज प्रशासन की ओर से टीम के सामने उपलब्धियां रखीं और वहां की व्यवस्थाओं और सुविधाओं से अवगत करवाया। टीम दूसरे दिन महाविद्यालयों से पढ़कर निकले पुराने विद्यार्थियों से भी मिली थी। टीम पुरा निरीक्षण कर बंद लिफाफा कॉलेज प्राचार्यों को सौंप कर चली गई थी। इसको एक महीने बाद खोलने के लिए बोला था। चार पांच दिन पूर्व मेल महाविद्यालयों की मेल पर ग्रेड भी डाल दिया। दोनों ही कॉलेजों को बी ग्रेड मिला।
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15 वर्ष बाद भी नहीं हुआ ग्रेड चेंज
2003 में राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय एवं राजकीय महिला महाविद्यालय का नैक की टीम ने निरीक्षण किया था। उस दौरान दोनों ही महाविद्यालयों के पास इन्फ्रास्ट्रक्चर और स्टाफ की कमी थी। उसके बाद भी महाविद्यालयों को बी ग्रेड मिला था। किंतु इस बार दोनों ही महाविद्यालयों का दावा था कि वो गुड इन्फ्रास्ट्रक्चर और गुड रिजल्ट की बदौलत महाविद्यालयों को ए ग्रेड दिलाएंगे।
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ये रही मुख्य कमियां
राजकीय महाविद्यालयों में कुछ कमियां रहीं। इस कारण उन्हें ए ग्रेड नहीं मिल सका। महाविद्यालयों में कोर्सेस की संख्या बहुत कम है। महिला महाविद्यालय में तो 20 वर्ष बीत गए किंतु साइंस की कक्षाएं अभी तक शुरू नहीं हो पाई हैं। दोनों ही कॉलेज में स्टाफ की भी कमी है। इसके अलावा कॉलेजों में आधुनिक तकनीक यानी प्रोजेक्टर आदि के द्वारा पढ़ाई नहीं करवाई जा रही। महिला कॉलेज में कैंटीन और पार्किंग तक की सुविधा नहीं हैं। इन कॉलेजों में खेल का सामान तो हैं किंतु डीपीई नहीं हैं।
ए ग्रेड से बढ़ता कॉलेज स्टैंडर्ड
नैक टीम निरीक्षण के बाद महाविद्यालयों ए++, ए+, ए, बी++, बी+, बी, सी ग्रेड देेती है। ये ग्रेड महाविद्यालय में विद्याथिऱमयों को दी जाने वाली सुविधाओं के आधार पर दिए जाते हैं। महाविद्यालय के प्राचार्य विनय कुमार ने बताया कि पहले यूजीसी ग्रेड के अनुसार ग्रांट देती थी किंतु अब यह अधिकार राष्ट्रीय उच्च शिक्षा अभियान के पास चला गया है। इसके अलावा ग्रेड से ही कॉलेज का स्टैंडर्ड भी बढ़ता है।
शिक्षामंत्री से मिलकर कमियों को करवाया अवगत
राजकीय महिला महाविद्यालय के प्राचार्य विनय कुमार कॉलेज को बी ग्रेड मिलते ही शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा से मिले। दो दिन पहले मंत्री के आवास पर हुई बैठक में प्राचार्य ने कमरों के अभाव में हॉल में लगाई जा रही चार-चार कक्षाओं के बारे में अवगत करवाया। उन्होंने महाविद्यालय के लिए आठ कमरे और अलग से साइंस ब्लॉक बनवाने की मांग की है। इसके अलावा छात्राओं के लिए हॉस्टल और कॉलेज में पानी का ट्यूबवेल की भी मांग की है। उन्होंने बताया कि शिक्षामंत्री ने हायर एजूकेशन की अतिरिक्त मुख्य सचिव ज्योति आरोड़ा से फोन पर बात की और जल्द ही इस पर कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया।