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वारदात के तीस घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली
Updated Sun, 10 Sep 2017 01:16 AM IST
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वारदात के तीस घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली
महेंद्रगढ़। कोर्ट परिसर से शुक्रवार को भागने में असफल रहे कैदी वीरेंद्र उर्फ झूथ्थर को पुलिस ने शनिवार को कड़ी सुरक्षा में न्यायालय में पेश किया जहां से उसे तीन दिन की रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस ने कोर्ट परिसर का पूरी तरह निरीक्षण करने के बाद वीरेंद्र को जज के सामने पेश किया। वहीं शुक्रवार को घटना को अंजाम देने वाले आरोपियों का पुलिस ने शनिवार शाम पांच बजे तक हमलावरों और फरार कैदी विक्रम उर्फ पप्पला का सुराग नहीं लगा पायी। पुलिस ने फरार कैदी विक्रम पर 2 लाख रुपये का ईनाम भी घोषित किया है। आरोपियों की धर पकड़ के लिए एक टीम और बढ़ा दी गई है। अब चार टीमें आरोपियों की तलाश कर रही हैं।
ज्ञात हो कि शुक्रवार को कुछ हमलावरों ने कोर्ट परिसर में फायरिंग कर कैदी विक्रम उर्फ पप्पला को भगा ले जाने में कामयाब हो गए थे जबकि वीरेंद्र उर्फ झूथ्थर को पुलिस ने वहीं दबोच लिया। इस फायरिंग में चार पुलिस कर्मी व एक बंदी घायल हो गया था। घायल हुए चारों पुलिस कर्मियों की हालत ठीक है। अत्यधिक गंभीर एसआई धर्मबीर का रेवाड़ी के एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन कर चिकित्सकों ने निकाल दी है। चिकित्सकों ने बताया कि धर्मबीर को 72 घंटे बाद होश आएगा।
पुलिस अधीक्षक ने दो को किया निलंबित
पुलिस पीआरओ ने बताया कि शुक्रवार कोर्ट में हुए हमले को लेकर दो पुलिस कर्मियों पर गाज गिरी है। इस मामले में पुलिस अधीक्षक अनिल धवन ने एसआई सतबीर सिंह एवं मुंशी ताराचंद को सस्पेंड कर दिया है। इन दोनों ने कैदियों को पेशी पर ले जाने के लिए पूरा प्रबंधन करना होता है। इन्होंने शुक्रवार पुलिस को हथियार देकर नहीं भेजा था। इसलिए पुलिस अधीक्षक ने इनको सस्पेंड कर दिया है।
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हमलावरों की तलाश में जुटी चार टीमें
कोर्ट परिसर में फायरिंग करने वाले हमलावरों एवं एक बंदी को पकड़ने के लिए 30 घंटे तक तलाश करती रही किंतु कोई भी आरोपी नहीं पकड़ा गया। पुलिस ने शनिवार को तीन टीम की बजाय चार टीमें बनाकर हमलावरों को पकड़ने में जुटी हुई है। लोगों का मानना है कि अगर पुलिस शुक्रवार को एक या दो गोली भी चला देती तो शायद हमलावर भाग जाते। पुलिस कर्मी लगभग 100 से 150 मीटर दूरी तक भागे गोली नहीं चलाई जबकि एक कर्मचारी के पास कारबाइन भी बताई गई।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में पेश किया आरोपी को
आरोपी वीरेंद्र उर्फ झूथ्थर को कोर्ट में पेश करने से पहले ही कोर्ट परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी थी। लगभग चार से पांच पुलिस जवानों के पास एके 47 राइफल्स थी जबकि दो तीन कारबाइन एवं पिस्टल भी थी। इससे पहले पुलिस ने कोर्ट के चारों और निरीक्षण भी किया था। दोपहर के समय आरोपी वीरेंद्र को एसडीऐजम पूनम कंवर के समक्ष पेश किया जहां से उसे तीन का पुलिस रिमांड दिया भेजा दिया गया।
कोर्ट में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जाएगी
दो बार फायरिंग घटना के बाद अब पुलिस ने कोर्ट परिसर की सुरक्षा बढ़ाने का निर्णय लिया है। थाना प्रभारी रमेश कुमार ने बताया कि बार एवं न्यायालय के बीच दीवार बनाई जा सकती है या फिर बार का मुख्य गेट बंद किया जा सकता है। जो दीवारें काफी नीचे हैं उनको भी ऊपर करवाया जा सकता है। इसके लिए महेंद्रगढ़ बार एवं पुलिस के बीच बातचीत कर कोई फैसला लिया जाएगा।
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महेंद्रगढ़। कोर्ट परिसर से शुक्रवार को भागने में असफल रहे कैदी वीरेंद्र उर्फ झूथ्थर को पुलिस ने शनिवार को कड़ी सुरक्षा में न्यायालय में पेश किया जहां से उसे तीन दिन की रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस ने कोर्ट परिसर का पूरी तरह निरीक्षण करने के बाद वीरेंद्र को जज के सामने पेश किया। वहीं शुक्रवार को घटना को अंजाम देने वाले आरोपियों का पुलिस ने शनिवार शाम पांच बजे तक हमलावरों और फरार कैदी विक्रम उर्फ पप्पला का सुराग नहीं लगा पायी। पुलिस ने फरार कैदी विक्रम पर 2 लाख रुपये का ईनाम भी घोषित किया है। आरोपियों की धर पकड़ के लिए एक टीम और बढ़ा दी गई है। अब चार टीमें आरोपियों की तलाश कर रही हैं।
ज्ञात हो कि शुक्रवार को कुछ हमलावरों ने कोर्ट परिसर में फायरिंग कर कैदी विक्रम उर्फ पप्पला को भगा ले जाने में कामयाब हो गए थे जबकि वीरेंद्र उर्फ झूथ्थर को पुलिस ने वहीं दबोच लिया। इस फायरिंग में चार पुलिस कर्मी व एक बंदी घायल हो गया था। घायल हुए चारों पुलिस कर्मियों की हालत ठीक है। अत्यधिक गंभीर एसआई धर्मबीर का रेवाड़ी के एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन कर चिकित्सकों ने निकाल दी है। चिकित्सकों ने बताया कि धर्मबीर को 72 घंटे बाद होश आएगा।
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पुलिस अधीक्षक ने दो को किया निलंबित
पुलिस पीआरओ ने बताया कि शुक्रवार कोर्ट में हुए हमले को लेकर दो पुलिस कर्मियों पर गाज गिरी है। इस मामले में पुलिस अधीक्षक अनिल धवन ने एसआई सतबीर सिंह एवं मुंशी ताराचंद को सस्पेंड कर दिया है। इन दोनों ने कैदियों को पेशी पर ले जाने के लिए पूरा प्रबंधन करना होता है। इन्होंने शुक्रवार पुलिस को हथियार देकर नहीं भेजा था। इसलिए पुलिस अधीक्षक ने इनको सस्पेंड कर दिया है।
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हमलावरों की तलाश में जुटी चार टीमें
कोर्ट परिसर में फायरिंग करने वाले हमलावरों एवं एक बंदी को पकड़ने के लिए 30 घंटे तक तलाश करती रही किंतु कोई भी आरोपी नहीं पकड़ा गया। पुलिस ने शनिवार को तीन टीम की बजाय चार टीमें बनाकर हमलावरों को पकड़ने में जुटी हुई है। लोगों का मानना है कि अगर पुलिस शुक्रवार को एक या दो गोली भी चला देती तो शायद हमलावर भाग जाते। पुलिस कर्मी लगभग 100 से 150 मीटर दूरी तक भागे गोली नहीं चलाई जबकि एक कर्मचारी के पास कारबाइन भी बताई गई।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में पेश किया आरोपी को
आरोपी वीरेंद्र उर्फ झूथ्थर को कोर्ट में पेश करने से पहले ही कोर्ट परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी थी। लगभग चार से पांच पुलिस जवानों के पास एके 47 राइफल्स थी जबकि दो तीन कारबाइन एवं पिस्टल भी थी। इससे पहले पुलिस ने कोर्ट के चारों और निरीक्षण भी किया था। दोपहर के समय आरोपी वीरेंद्र को एसडीऐजम पूनम कंवर के समक्ष पेश किया जहां से उसे तीन का पुलिस रिमांड दिया भेजा दिया गया।
कोर्ट में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जाएगी
दो बार फायरिंग घटना के बाद अब पुलिस ने कोर्ट परिसर की सुरक्षा बढ़ाने का निर्णय लिया है। थाना प्रभारी रमेश कुमार ने बताया कि बार एवं न्यायालय के बीच दीवार बनाई जा सकती है या फिर बार का मुख्य गेट बंद किया जा सकता है। जो दीवारें काफी नीचे हैं उनको भी ऊपर करवाया जा सकता है। इसके लिए महेंद्रगढ़ बार एवं पुलिस के बीच बातचीत कर कोई फैसला लिया जाएगा।