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डीसी की शिकायत पर नप जेई व ईओ पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज
Updated Sun, 27 Aug 2017 10:16 PM IST
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डीसी की शिकायत पर नप जेई और ईओ पर केस दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौैल। नप के सील किए गए भवन की सील चार दिन में ही खोलना नप अधिकारियों को भारी पड़ गया। इस केस में उपायुक्त ने संज्ञान लेते हुए नप के जेई विकाश शर्मा, एमई अंकित वशिष्ठ, ईओ विजयपाल, एक अधिवक्ता और भवन मालिक के खिलाफ शहर थाने में मामला दर्ज कराया है। उपायुक्त की शिकायत के आधार पर पुलिस ने नप के इन अधिकारियों पर जालसाजी और अन्य धाराओं के तहत पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नप के अधिकारियों पर जिला प्रशासन के अधिकारियों की अनुशंसा पर मुकदमा दर्ज होना नई बात नहीं है। पहले भी यहां के कई अधिकारियों पर मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। अब मौजूदा डीसी राजनारायण कौशिक की अनुशंसा पर नप के जेई विकाश शर्मा, ईओ विजयपाल यादव और एमई अंकित वशिष्ठ, एक एसआर सैनी नोटरी और भवन मालिक सुनीता जैन पर केस दर्ज कराया गया है। नगर परिषद ने पांच अगस्त को तालाब बहादुर सिंह के पास एक व्यक्ति के व्यवसायिक भवन को अनियमितताओं के आरोप में सील किया था। चार दिन बाद ही नौ अगस्त को एक आदेश जारी कर सील को खोल दिया गया। इस संबंध में प्रशासन के समक्ष शिकायत पहुंची। इस शिकायत में बताया गया कि भवन मालिक ने नगर परिषद को अनियमितताओं को दूर कर लेने का जो शपथ पत्र दिया है, वह 10 अगस्त को खरीदा गया है, जबकि इस शपथ पत्र में बयान नौ अगस्त की तिथि में दिए गए हैं। इस शपथ पत्र के आधार पर पर ही नप अधिकारियों ने नौ अगस्त की तिथि में फाइल पर टिप्पणी करके इसी दिन सील को खोल दिया, जबकि शपथ पत्र खरीदा गया 10 अगस्त को है।
सीटीएम ने की थी मामले की जांच
इस मामले की जांच सीटीएम डॉ. सुनील कुमार के पास पहुंची। जांच में लगाए गए आरोप सही पाए गए। इसके बाद सीटीएम ने नगर परिषद के अधिकारियों पर मिलीभगत की आशंका जताते हुए केस दर्ज करने की सिफारिश की थी। एफआईआर के लिए डीसी ने अनुशंसा की है। इसमें लिखा है कि ऐसा प्रतीत होता है कि सील खोलने के लिए सभी की मिलीभगत थी। केवल खानापूर्ति करने के लिए फाइल पर पिछली तारीख का बयान हलफिया लगवाया गया। यह कार्य करने के लिए झूठे दस्तावेज इस्तेमाल किए गए।
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डीसी राजनारायण कौशिक की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर सिटी पुलिस ने पांच लोगों पर केस दर्ज किया है। इस मुकदमे में नगर परिषद के जेई विकाश शर्मा, ईओ विजयपाल और एमई अंकित कुमार के अलावा मकान मालिक सुनीता जैन, एसआर सैनी एडवोकेट को आरोपी बनाया गया है।
-नरेश कुमार, पीआरओ, जिला पुलिस
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौैल। नप के सील किए गए भवन की सील चार दिन में ही खोलना नप अधिकारियों को भारी पड़ गया। इस केस में उपायुक्त ने संज्ञान लेते हुए नप के जेई विकाश शर्मा, एमई अंकित वशिष्ठ, ईओ विजयपाल, एक अधिवक्ता और भवन मालिक के खिलाफ शहर थाने में मामला दर्ज कराया है। उपायुक्त की शिकायत के आधार पर पुलिस ने नप के इन अधिकारियों पर जालसाजी और अन्य धाराओं के तहत पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नप के अधिकारियों पर जिला प्रशासन के अधिकारियों की अनुशंसा पर मुकदमा दर्ज होना नई बात नहीं है। पहले भी यहां के कई अधिकारियों पर मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। अब मौजूदा डीसी राजनारायण कौशिक की अनुशंसा पर नप के जेई विकाश शर्मा, ईओ विजयपाल यादव और एमई अंकित वशिष्ठ, एक एसआर सैनी नोटरी और भवन मालिक सुनीता जैन पर केस दर्ज कराया गया है। नगर परिषद ने पांच अगस्त को तालाब बहादुर सिंह के पास एक व्यक्ति के व्यवसायिक भवन को अनियमितताओं के आरोप में सील किया था। चार दिन बाद ही नौ अगस्त को एक आदेश जारी कर सील को खोल दिया गया। इस संबंध में प्रशासन के समक्ष शिकायत पहुंची। इस शिकायत में बताया गया कि भवन मालिक ने नगर परिषद को अनियमितताओं को दूर कर लेने का जो शपथ पत्र दिया है, वह 10 अगस्त को खरीदा गया है, जबकि इस शपथ पत्र में बयान नौ अगस्त की तिथि में दिए गए हैं। इस शपथ पत्र के आधार पर पर ही नप अधिकारियों ने नौ अगस्त की तिथि में फाइल पर टिप्पणी करके इसी दिन सील को खोल दिया, जबकि शपथ पत्र खरीदा गया 10 अगस्त को है।
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सीटीएम ने की थी मामले की जांच
इस मामले की जांच सीटीएम डॉ. सुनील कुमार के पास पहुंची। जांच में लगाए गए आरोप सही पाए गए। इसके बाद सीटीएम ने नगर परिषद के अधिकारियों पर मिलीभगत की आशंका जताते हुए केस दर्ज करने की सिफारिश की थी। एफआईआर के लिए डीसी ने अनुशंसा की है। इसमें लिखा है कि ऐसा प्रतीत होता है कि सील खोलने के लिए सभी की मिलीभगत थी। केवल खानापूर्ति करने के लिए फाइल पर पिछली तारीख का बयान हलफिया लगवाया गया। यह कार्य करने के लिए झूठे दस्तावेज इस्तेमाल किए गए।
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डीसी राजनारायण कौशिक की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर सिटी पुलिस ने पांच लोगों पर केस दर्ज किया है। इस मुकदमे में नगर परिषद के जेई विकाश शर्मा, ईओ विजयपाल और एमई अंकित कुमार के अलावा मकान मालिक सुनीता जैन, एसआर सैनी एडवोकेट को आरोपी बनाया गया है।
-नरेश कुमार, पीआरओ, जिला पुलिस