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बिजली निगम के एसए करंट लगने से हुई मौत्
Updated Fri, 06 Jul 2018 12:48 AM IST
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अनुमति के बाद, फाल्ट ठीक करने खंभे पर चढ़े कर्मचारी की करंट लगने से मौत
अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। देवास और चितलांग रोड पर हुए फाल्ट को ठीक करने खंभे पर चढ़े अस्थायी बिजली कर्मचारी यशपाल करंट लगने से बुरी तरह से झुलस गया। करंट लगने से नीचे गिरने पर उसके साथियों ने शोर मचाकर ग्रामीणों को बुलाया। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने उसे उप नागरिक अस्पताल पहुंचाया जहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। करंट की सूचना पर अस्पताल पहुंचे बिजली निगम के एक्सईएन बुधराम पंवार और एसडीओ गौरव कुमार का ग्रामीणों ने घेराव किया। परिजनों ने कहा कि खंभे पर चढ़ने से पहले फोरमैन से बातचीत की गई थी। जब उसने लाइन बंद करने की बात कही, इसके बाद ही वह खंभे पर चढ़ा था।
नांगल हरनाथ निवासी धर्मचंद ने पुलिस को को बताया कि उसके भाई जिले सिंह का लड़का यशपाल बिजली विभाग में 5 अक्तूबर 2016 से शिफ्ट अटेंडेंट के पद पर कार्यरत था। 5 जुलाई को 2.35 बजे दोपरह सुरेश फोरमैन ने यशपाल, सुदेश एवं राजबीर सभी एसए को देवास एपी फीडर पर काम करने के लिए भेजा। 2.55 बजे वो साइट पर पहुंच गए थे। दूसरे कर्मचारी सुदेश ने सुरेश फोरमैन को फोन कर बिजली काटने के लिए कहा। जब फोरमैन ने बिजली काट देने की बात कही तो यशपाल खंभे पर चढ़ गया। जैसे ही वह 11केवी के खंभे पर पहुंचा तथा हाथ से करंट चेक करना चाहा तो करंट लगा और वह दूसरे तार पर जा गिरा। इसके बाद भयानक चिंगारी निकली जिससे वह जमीन पर आ गिरा। इसके बाद साथ के कर्मचारियों ने गाड़ी बुलाई और निजी अस्पताल पहुंचे। इसके बाद वो दूसरे निजी अस्पताल में पहुंचे जहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बाद में उप नागरिक अस्पताल में उसको दिखाया कि वहां भी चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। यशपाल अपने माता पिता का इकलौता पुत्र था। जिसकी शादी नवंबर माह में हुई थी। उन्होंने बिजली विभाग के विरुद्ध के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। समाचार लिखे जाने तक शव का पोस्टमार्टम नहीं किया गया था।
परिजनों ने लगाए लापरवाही के आरोप
परिजन ने आरोप लगाए कि बिजली विभाग ने घोर लापरवाही का काम किया है। उन्होंने बताया कि यशपाल एसडीओ को पहले दो बार फोरमैन के खिलाफ शिकायत दे चुका था कि वह बार-बार परमिट मांगने पर भी नहीं देता। जिससे हम काम नहीं कर पाते हैं। किंतु एसडीओ ने उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की।
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50 लाख रुपये और नौकरी की मांग
परिजनों ने एक्सईएन बुधराम पंवार से 50 लाख रुपये की मांग और घर से एक व्यक्ति को सरकार नौकरी देने की मांग की। साथ ही आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस पर एक्सईएन ने नियम के मुताबिक दस लाख रुपये विभाग से दिलाने का आश्वासन दिया।
एक्सईएन का किया घेराव
विभाग के कर्मचारी की करंट से हुई मौत को लेकर बिजली निगम के एक्सईएन बुधराम पंवार, एसडीओ गौरव कुमार तथा बिजली निगम के अन्य कर्मचारी अस्पताल पहुंचे। बिजली निगम के अधिकारियों को देखकर ग्रामीण भड़क गए तथा अस्पताल के अंदर बैठे एक्सईएन और एसडीओ का घेराव किया। साथ ही उन्हें खरी खोटी भी सुनाई। इसके बाद सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने भीड़ को बाहर किया। भीड़ बाहर जाने के बाद जब अस्पताल में कोई नहीं था तो दोनों अधिकारियों को बैक डोर से निकाल दिया गया।
चश्मदीद ने कहा कि फोन कर लाइन कटवाई
यशपाल के साथ गए अस्थायी कर्मचारी सुदेश ने बताया कि सुरेश फोरमैन को फोन आया था कि देवास और चितलांग रोड पर ब्रेक डाउन है। जब हम वहां पहुंचे तो सुरेश को फोन कर लाइन काटने की बात कही। उसने जब लाइन काटने की हामी भर दी उसके बाद ही यशपाल खंभे पर झंफर उतारने के लिए चढ़ा था। जैसे ही उसने हाथ लगाया तो उसमें करंट आ गया।
देवास 11 केवी एग्रीकल्चर फीडर ब्रेक डाउन था। उसको ठीक करने के लिए कर्मचारी गए थे। वहां जाकर उन्होंने परमीशन भी ली है। उसके बाद ही यशपाल खंभे पर चढ़ा था। लाइन में करंट था जिससे वह झुलस गया और उसकी मौत हो गई। लाइन काट दी गई थी परंतु क्रांसिंग के कारण यह हादसा हुआ है। मैंने इसको चेक करवाने के लिए एसडीओ और जेई भेजा था। उन्होंने क्रांसिंग चेक की तो देवास वाटर सप्लाई की लाइन टच हो रखी थी। इससे लाइन में करंट आ गया। लाइन हवा के कारण टच हो सकती है। जिससे यह हादसा हुआ है।
-बुधराम पंवार, एक्सईएन, सब युनिट महेंद्रगढ़।
मृतक के ताऊ धर्मचंद की शिकायत आई है। इसमें फोरमैन सुरेश और अशोक को आरोपी बताया गया है। इनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। अभी जांच की बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-कैलाशचंद सोनी, थाना प्रभारी महेंद्रगढ़
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अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। देवास और चितलांग रोड पर हुए फाल्ट को ठीक करने खंभे पर चढ़े अस्थायी बिजली कर्मचारी यशपाल करंट लगने से बुरी तरह से झुलस गया। करंट लगने से नीचे गिरने पर उसके साथियों ने शोर मचाकर ग्रामीणों को बुलाया। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने उसे उप नागरिक अस्पताल पहुंचाया जहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। करंट की सूचना पर अस्पताल पहुंचे बिजली निगम के एक्सईएन बुधराम पंवार और एसडीओ गौरव कुमार का ग्रामीणों ने घेराव किया। परिजनों ने कहा कि खंभे पर चढ़ने से पहले फोरमैन से बातचीत की गई थी। जब उसने लाइन बंद करने की बात कही, इसके बाद ही वह खंभे पर चढ़ा था।
नांगल हरनाथ निवासी धर्मचंद ने पुलिस को को बताया कि उसके भाई जिले सिंह का लड़का यशपाल बिजली विभाग में 5 अक्तूबर 2016 से शिफ्ट अटेंडेंट के पद पर कार्यरत था। 5 जुलाई को 2.35 बजे दोपरह सुरेश फोरमैन ने यशपाल, सुदेश एवं राजबीर सभी एसए को देवास एपी फीडर पर काम करने के लिए भेजा। 2.55 बजे वो साइट पर पहुंच गए थे। दूसरे कर्मचारी सुदेश ने सुरेश फोरमैन को फोन कर बिजली काटने के लिए कहा। जब फोरमैन ने बिजली काट देने की बात कही तो यशपाल खंभे पर चढ़ गया। जैसे ही वह 11केवी के खंभे पर पहुंचा तथा हाथ से करंट चेक करना चाहा तो करंट लगा और वह दूसरे तार पर जा गिरा। इसके बाद भयानक चिंगारी निकली जिससे वह जमीन पर आ गिरा। इसके बाद साथ के कर्मचारियों ने गाड़ी बुलाई और निजी अस्पताल पहुंचे। इसके बाद वो दूसरे निजी अस्पताल में पहुंचे जहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बाद में उप नागरिक अस्पताल में उसको दिखाया कि वहां भी चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। यशपाल अपने माता पिता का इकलौता पुत्र था। जिसकी शादी नवंबर माह में हुई थी। उन्होंने बिजली विभाग के विरुद्ध के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। समाचार लिखे जाने तक शव का पोस्टमार्टम नहीं किया गया था।
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परिजनों ने लगाए लापरवाही के आरोप
परिजन ने आरोप लगाए कि बिजली विभाग ने घोर लापरवाही का काम किया है। उन्होंने बताया कि यशपाल एसडीओ को पहले दो बार फोरमैन के खिलाफ शिकायत दे चुका था कि वह बार-बार परमिट मांगने पर भी नहीं देता। जिससे हम काम नहीं कर पाते हैं। किंतु एसडीओ ने उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की।
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50 लाख रुपये और नौकरी की मांग
परिजनों ने एक्सईएन बुधराम पंवार से 50 लाख रुपये की मांग और घर से एक व्यक्ति को सरकार नौकरी देने की मांग की। साथ ही आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस पर एक्सईएन ने नियम के मुताबिक दस लाख रुपये विभाग से दिलाने का आश्वासन दिया।
एक्सईएन का किया घेराव
विभाग के कर्मचारी की करंट से हुई मौत को लेकर बिजली निगम के एक्सईएन बुधराम पंवार, एसडीओ गौरव कुमार तथा बिजली निगम के अन्य कर्मचारी अस्पताल पहुंचे। बिजली निगम के अधिकारियों को देखकर ग्रामीण भड़क गए तथा अस्पताल के अंदर बैठे एक्सईएन और एसडीओ का घेराव किया। साथ ही उन्हें खरी खोटी भी सुनाई। इसके बाद सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने भीड़ को बाहर किया। भीड़ बाहर जाने के बाद जब अस्पताल में कोई नहीं था तो दोनों अधिकारियों को बैक डोर से निकाल दिया गया।
चश्मदीद ने कहा कि फोन कर लाइन कटवाई
यशपाल के साथ गए अस्थायी कर्मचारी सुदेश ने बताया कि सुरेश फोरमैन को फोन आया था कि देवास और चितलांग रोड पर ब्रेक डाउन है। जब हम वहां पहुंचे तो सुरेश को फोन कर लाइन काटने की बात कही। उसने जब लाइन काटने की हामी भर दी उसके बाद ही यशपाल खंभे पर झंफर उतारने के लिए चढ़ा था। जैसे ही उसने हाथ लगाया तो उसमें करंट आ गया।
देवास 11 केवी एग्रीकल्चर फीडर ब्रेक डाउन था। उसको ठीक करने के लिए कर्मचारी गए थे। वहां जाकर उन्होंने परमीशन भी ली है। उसके बाद ही यशपाल खंभे पर चढ़ा था। लाइन में करंट था जिससे वह झुलस गया और उसकी मौत हो गई। लाइन काट दी गई थी परंतु क्रांसिंग के कारण यह हादसा हुआ है। मैंने इसको चेक करवाने के लिए एसडीओ और जेई भेजा था। उन्होंने क्रांसिंग चेक की तो देवास वाटर सप्लाई की लाइन टच हो रखी थी। इससे लाइन में करंट आ गया। लाइन हवा के कारण टच हो सकती है। जिससे यह हादसा हुआ है।
-बुधराम पंवार, एक्सईएन, सब युनिट महेंद्रगढ़।
मृतक के ताऊ धर्मचंद की शिकायत आई है। इसमें फोरमैन सुरेश और अशोक को आरोपी बताया गया है। इनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। अभी जांच की बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-कैलाशचंद सोनी, थाना प्रभारी महेंद्रगढ़