{"_id":"5d24e2d28ebc3e6cca5d8162","slug":"crime-sucide-narnol-news-rtk5036813187","type":"story","status":"publish","title_hn":"घरेलू कलह के चलते मिस्त्री ने जहर खाकर दी जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घरेलू कलह के चलते मिस्त्री ने जहर खाकर दी जान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गांव खातीवास के 35 वर्षीय मिस्त्री ने जहरीला पदार्थ खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली है। परिजनों ने मिस्त्री के ससुराल वालों पर मानसिक रूप से परेशान करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि ससुरालजनों की धमकियों से आकर उसने अपनी जान दी है।
मृतक के बड़े भाई सतपाल निवासी गांव खातीवास ने बताया कि उसका छोटा भाई हितेश मिस्त्री का कार्य करता था। उसकी शादी पांच वर्ष पहले गांव पालड़ी पनिहारा निवासी नीतू के साथ हुई थी। नीतू गूंगी और बहरी है। शादी के कुछ समय बाद ही पति एवं पत्नी में अनबन रहने लगी। पत्नी उसे बार-बार डराने और धमकाने लगी। नीतू का चाचा रवि उनके मामलों में हस्तक्षेप करने लगा। उसने कहा कि नीतू उसके साथ तब रहेगी जब वह अपने घरवालों से अलग महेंद्रगढ़ में रहेगा। ससुराल वालों के कहने पर परिवार वालों ने उनको अलग कर दिया था। लगभग आठ महीने वो गांव पायगा में किराये के मकान पर रहे तब दोनों के संबंध में सुधार हो गया था। अभी पिछले छह महीने से दोनों बीएचडी कॉलोनी में रह रहे थे। अब उनके घर पर नीतू का चाचा रवि प्रतिदिन आने लगा जिस कारण दोनों में दोबारा से झगड़ा रहने लगा। हमने कई बार रवि को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माना। 7 जुलाई को नीतू और हितेश में कहासुनी हो गई थी। उस समय पत्नी ने अपने चाचा को फोन करके बुला लिया। उसके चाचा ने हितेश के साथ लात घूसों से मारपीट की और गाली-गलौज की। इसके अलावा उसको घर से बाहर निकाल दिया और मकान के ताला लगाकर अपनी भतीजी नीतू को अपने घर साथ ले गया। इतना ही नहीं आठ जुलाई को नीतू ने अपने चाचा के कहने पर हितेश के खिलाफ पुलिस को शिकायत दे दी। पुलिस ने दोनों ही पक्षों को समझौता करवा दिया था। समझौते के बाद जब वो जाने लगे तो उसके चाचा रवि ने अंजाम भुगतने की धमकी दी। हितेश ने यह बात अपने ताऊ को बताई थी। जिससे परेशान होकर हितेश ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। पुलिस ने शव को उप नागरिक अस्पताल के डेड हाउस में रखवा दिया था। समाचार लिखे जाने तक मामला दर्ज नहीं हुआ था।
मृतक के भाई सतपाल ने पत्नी नीतू और नीतू के चाचा रवि के खिलाफ शिकायत दी है। पुलिस ने शिकायत मामला दर्ज करने के लिए थाने में भेज दी है।
- गोविंद सिंह, आईओ।
विज्ञापन
मृतक के बड़े भाई सतपाल निवासी गांव खातीवास ने बताया कि उसका छोटा भाई हितेश मिस्त्री का कार्य करता था। उसकी शादी पांच वर्ष पहले गांव पालड़ी पनिहारा निवासी नीतू के साथ हुई थी। नीतू गूंगी और बहरी है। शादी के कुछ समय बाद ही पति एवं पत्नी में अनबन रहने लगी। पत्नी उसे बार-बार डराने और धमकाने लगी। नीतू का चाचा रवि उनके मामलों में हस्तक्षेप करने लगा। उसने कहा कि नीतू उसके साथ तब रहेगी जब वह अपने घरवालों से अलग महेंद्रगढ़ में रहेगा। ससुराल वालों के कहने पर परिवार वालों ने उनको अलग कर दिया था। लगभग आठ महीने वो गांव पायगा में किराये के मकान पर रहे तब दोनों के संबंध में सुधार हो गया था। अभी पिछले छह महीने से दोनों बीएचडी कॉलोनी में रह रहे थे। अब उनके घर पर नीतू का चाचा रवि प्रतिदिन आने लगा जिस कारण दोनों में दोबारा से झगड़ा रहने लगा। हमने कई बार रवि को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माना। 7 जुलाई को नीतू और हितेश में कहासुनी हो गई थी। उस समय पत्नी ने अपने चाचा को फोन करके बुला लिया। उसके चाचा ने हितेश के साथ लात घूसों से मारपीट की और गाली-गलौज की। इसके अलावा उसको घर से बाहर निकाल दिया और मकान के ताला लगाकर अपनी भतीजी नीतू को अपने घर साथ ले गया। इतना ही नहीं आठ जुलाई को नीतू ने अपने चाचा के कहने पर हितेश के खिलाफ पुलिस को शिकायत दे दी। पुलिस ने दोनों ही पक्षों को समझौता करवा दिया था। समझौते के बाद जब वो जाने लगे तो उसके चाचा रवि ने अंजाम भुगतने की धमकी दी। हितेश ने यह बात अपने ताऊ को बताई थी। जिससे परेशान होकर हितेश ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। पुलिस ने शव को उप नागरिक अस्पताल के डेड हाउस में रखवा दिया था। समाचार लिखे जाने तक मामला दर्ज नहीं हुआ था।
विज्ञापन
मृतक के भाई सतपाल ने पत्नी नीतू और नीतू के चाचा रवि के खिलाफ शिकायत दी है। पुलिस ने शिकायत मामला दर्ज करने के लिए थाने में भेज दी है।
- गोविंद सिंह, आईओ।