दोस्त को फोन कर बोला- मैं जान देने जा रहा हूं, फंदे पर लटका मिला तो उड़े सभी के होश
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मोहल्ला कैलाश नगर निवासी समाचार पत्र वितरक ने फांसी लगाकर जान दे दी है। आत्महत्या करने से पहले उसने दोस्त को फोन कर आत्महत्या करने की जानकारी दे दी थी। जिसके बाद दोस्त ने उसके परिजनों को इसकी जानकारी भी दी। हालांकि कुछ देर बाद उसका शव बरामद हुआ। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार कैलाश नगर निवासी अजय कुमार (19) बारहवीं कक्षा का छात्र था। व समाचार पत्र बांटने का काम भी करता था। बीती रात खाना खाने के बाद वह अपने कमरे में सोने चला गया। चाचा मोहन ने बताया कि शनिवार सुबह 5 बजे मां उसे जगाने गई तो अजय को कमरे में हुक से लटका देखा। ये दृश्य देखकर वो होश खो बैठीं और जोर-जोर से रोने लगी। जिससे घर में मौजूद अन्य लोग भी कमरे में आए और अजय को हुक से उतारा।
इसके बाद आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों के अनुसार अजय दो बहनों का इकलौता भाई था। बेटे की मौत से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल था। जांच अधिकारी राकेश ने बताया कि अजय ने सुसाइड करने से पहले तड़के चार बजे अपने दोस्त विकास को फोन कर जान देने की बात कहीं थी।
विकास ने इसकी जानकारी अजय के घरवालों को दी थी। इसके बाद उसकी बहन ने देखा तो अजय कमरे में नहीं था। उसकी बाइक भी घर में नहीं थी। इस पर उसने सोचा कि शायद अजय पेपर बांटने चला गया। कुछ देर बाद मां तूड़ा लेने गई तो अजय फांसी पर लटका हुआ मिला।
मैं इस जीवन से दुखी हूं
पिता ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि छह माह पहले भी अजय ने दोस्त विकास से कहा था कि मैं अपने जीवन से दुखी हूं। किसी दिन भी आत्महत्या कर लूंगा। जीवन किसी काम का नहीं है। परिजन इस पर ध्यान रखते थे। लेकिन, उसने ऐसा कदम नहीं उठाया। ऐसा वह कई बार कर चुका था।
शनिवार चार बजे भोर में फोन कर दोस्त को जान देने की बात कही। जांच अधिकरी ने बताया कि बहन ने देखा तो अजय कमरे में नहीं था। उन्होंने बताया कि पहले भी वह इस प्रकार की बात कर चुका था। ऐसे में परिवार वालों को शक नहीं हुआ। दूसरा अजय रोजाना सुबह अखबार बांटने जाता है। ऐसे में लोगों को लगा कि पेपर बांटने गया होगा। पुलिस ने इत्तफाकिया कार्रवाई की है।