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60 मामलों का निपटारा कर किया 7.26 लाख का सेटलमेंट
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फोटो संख्या:37- न्यायियक परिसर कनीना में आयोजित लोक अदालत में मामलों का निपटारा करते हुए एसडीजेएम ?
- फोटो : Narnol
सीनियर डिविजनल जज हिमांशु सिंह की अध्यक्षता में शनिवार को लोक अदालत का आयोजन किया गया जिसमें जज हिमांशु सिंह ने प्री-लिटिगेशन 16 केसों का निपटारा करके एक लाख 4 हजार रुपये व पेंडिंग के 44 केसों की सुनवाई एवं निपटारा करते हुए 6 लाख 13 हजार रुपये की अमांउट सेटल करके मौके पर ही केसों का निपटारा किया। लोगों की इन केसों का निपटारा किया। कुल 60 मामलों में कुल 7 लाख 26 हजार रुपये की राशि सेटलमेंट की गई।
जज हिमांशु सिंह ने लोक अदालत में प्रस्तुत केसों की सुनवाई करते हुए कहा कि कोर्ट के चक्कर काटने से होने वाली शारीरिक, मानसिक एवं आर्थिक परेशानियों से मौके पर ही छुटकारा पाने तथा आपसी भाईचारा बनाए रखने के लिए लोक अदालत सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि लोक अदालतों में निपटाए जाने वाले केसों में किसी भी पक्ष की जीत या हार नहीं होती। दोनों पक्षों के हितों को ध्यान में रखते हुए ही आपसी सहमति से मामलों का निराकरण किया जाता है। जिससे लोगों में आपसी भाईचारा भी कायम रहता है। दोनों पक्षों को लाभ होता है। इस मौके पर कई अधिवक्ताओं एवं कोर्ट केसों से जुड़े लोग व रीडर मुकेश कुमार, स्टेनो चीनू, एलएसी मुकुल शर्मा उपस्थित थे।
कनीना में 44 मामलों का सहमति से हुआ निपटारा
कनीना। राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रजाइडिंग आफिसर एसडीजेएम प्रतीक जैन ने मामलों का निपटारा करते हुए कहा कि लोक अदालत से भाईचारा मजबूत होता है। न्यायिक परिसर कनीना में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसमें विभिन्न प्रकार के 160 मामले रखे गए जिसमें से आपसी सहमति 44 मामलों का निपटारा किया गया। जिनमें घरेलू विवाद, 6 प्री लिटीगेशन, एक बैंक रिकवरी विवाद, 5 चेक बाऊंस के, 16 दिवानी केस, 13 मोटर व्हीकल एक्ट के मामले निपटाए गए। राष्ट्रीय लोक अदालत सदस्य अधिवक्ता ओपी यादव रामबास, बार एसोसिएशन प्रधान हरीश गाहड़ा, शेर सिंह प्रवाचक, विरेंद्र दीक्षित, शिवचरण शर्मा, अखिल अग्रवाल, दीपक चौधरी, संदीप यादव, मंजीत यादव आदि उपस्थित थे।
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जज हिमांशु सिंह ने लोक अदालत में प्रस्तुत केसों की सुनवाई करते हुए कहा कि कोर्ट के चक्कर काटने से होने वाली शारीरिक, मानसिक एवं आर्थिक परेशानियों से मौके पर ही छुटकारा पाने तथा आपसी भाईचारा बनाए रखने के लिए लोक अदालत सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि लोक अदालतों में निपटाए जाने वाले केसों में किसी भी पक्ष की जीत या हार नहीं होती। दोनों पक्षों के हितों को ध्यान में रखते हुए ही आपसी सहमति से मामलों का निराकरण किया जाता है। जिससे लोगों में आपसी भाईचारा भी कायम रहता है। दोनों पक्षों को लाभ होता है। इस मौके पर कई अधिवक्ताओं एवं कोर्ट केसों से जुड़े लोग व रीडर मुकेश कुमार, स्टेनो चीनू, एलएसी मुकुल शर्मा उपस्थित थे।
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कनीना में 44 मामलों का सहमति से हुआ निपटारा
कनीना। राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रजाइडिंग आफिसर एसडीजेएम प्रतीक जैन ने मामलों का निपटारा करते हुए कहा कि लोक अदालत से भाईचारा मजबूत होता है। न्यायिक परिसर कनीना में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसमें विभिन्न प्रकार के 160 मामले रखे गए जिसमें से आपसी सहमति 44 मामलों का निपटारा किया गया। जिनमें घरेलू विवाद, 6 प्री लिटीगेशन, एक बैंक रिकवरी विवाद, 5 चेक बाऊंस के, 16 दिवानी केस, 13 मोटर व्हीकल एक्ट के मामले निपटाए गए। राष्ट्रीय लोक अदालत सदस्य अधिवक्ता ओपी यादव रामबास, बार एसोसिएशन प्रधान हरीश गाहड़ा, शेर सिंह प्रवाचक, विरेंद्र दीक्षित, शिवचरण शर्मा, अखिल अग्रवाल, दीपक चौधरी, संदीप यादव, मंजीत यादव आदि उपस्थित थे।
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