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Mahendragarh-Narnaul News: प्रदेश में कोरोना की एंट्री, नागरिक अस्पताल में नहीं बरती जा रही जा सतर्कता
Sun, 01 Jun 2025 12:19 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sun, 01 Jun 2025 12:19 AM IST
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फोटो नंबर-05नारनौल के नागरिक अस्पताल में दवा लेने के लिए बगैर मास्क व सामाजिक दूरी के खड़ी
- फोटो : संवाद
नारनौल। कोरोना बीमारी कितनी भयंकर है यह पांच वर्ष पहले हर इंसान देख चुका है। अब एक बार फिर कोरोना ने प्रदेश में दस्तक दे दी है।
चार जिलों में इसके नौ मरीज मिल भी चुके हैं। हालांकि जिले में अभी कोरोना का एक भी मरीन नहीं मिला है। फिर भी इसे लेकर सतर्कता बरतनी जरूरी है। शहर के नागरिक अस्पताल में जहां हर तरह के मरीज आते हैं वहां भी अभी कोई सतर्कता नहीं बरती जा रही है। नागरिक अस्पताल जिले का सबसे बड़ा अस्पताल है।
यहां जिले से ही नहीं बल्कि हरियाणा और राजस्थान के अन्य जिलों से भी मरीज आते हैं। जिले में कोरोना जैसी बीमारी दस्तक न दे इसके लिए सतर्कता बहुत जरूरी है, लेकिन अस्पताल में फिलहाल किसी भी प्रकार की कोई सतर्कता देखने को नहीं मिल रही है। अस्पताल में आने वाले लोग चिकित्सक कक्षों के एक बाहर भीड़ में बिल्कुल पास-पास खड़े रहते हैं।
इसके अलावा पर्ची कटवाने वाली लाइन से लेकर दवा लेने वाली लाइन में भी किसी प्रकार शारीरिक दूरी नहीं रखी जाती। अस्पताल में बैठे लोग व ज्यादातर कर्मचारी भी मास्क का इस्तेमाल नहीं करते हैं। जबकि कोरोना को लेकर बार-बार केवल यही बताया जाता है कि बचाव करना बहुत जरूरी है।
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नागरिक अस्पताल में रोजाना ओपीडी में करीब 100 मरीज खांसी, जुकाम बुखार के पहुंच रहे हैं, हालांकि अब तक इनमें से वायरल बुखार होना ही पाया जा रहा है। ऐसे में कोविड के मरीज ट्रेस करने के लिए स्वास्थ्य विभाग को संदिग्ध रोगियों की सैंपलिंग करनी होगी।
इंसेट
ये है एनबी.1.8.1 वेरिएंट के लक्षण
थकान, हल्की खांसी, गला बैठना या खराश आना, नाक बंद होना, मांसपेशियों में दर्द होना इसके मुख्य लक्षण हैं। इसके अलावा कुछ मामलों में लोगों को लंबे समय तक हल्का बुखार बना रहने की शिकायत मिली है, जिसे ''''लो-ग्रेड हाइपरथर्मिया'''' कहते हैं। सिरदर्द, मतली, भूख न लगना और पेट से जुड़ी परेशानियां भी देखी गई हैं।
इंसेट
ये रखे सावधानी-
-मास्क का इस्तेमाल करें।
-खांसते और छींकते समय मुंह पर कपड़ा रखें।
-शारीरिक दूरी बनाकर रखें।
-बार-बार हाथों को अच्छी तरह साबुन से धोएं।
-हल्की दिक्कत होते ही डाक्टर से परामर्श लें।
-भीड़भाड़ की जगहों पर जाने से बचें।
-गंदे हाथों से नाक, मुंह व आंखों को न छूएं।
वर्जन-
कोरोना को लेकर डाक्टरों और स्टॉफ को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए हैं। साथ ही मलेरिया इंचार्ज डाॅ. मनीष यादव को कोरोना का नोडल अफसर बनाया गया है। नागरिक अस्पताल में आईसीयू वार्ड व ऑक्सीजन प्लांट की व्यवस्था को लेकर मॉनिटरिंग की जा रही है। वहीं ट्राॅमा सेंटर के नए भवन के द्वितीय तल पर स्पेशल कोविड वार्ड बना दिया गया है। कोविड टेस्ट किट सोमवार तक आ जाएगी। इस टेस्ट में एंटीजन व आरटीपीसीआर की जरूरत पड़ती है। नागरिक अस्पताल में सामाजिक दूरी व मास्क के लिए भी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी।
डॉ. विजय डबास। उप चिकित्सा अधीक्षक, नागरिक अस्पताल।
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चार जिलों में इसके नौ मरीज मिल भी चुके हैं। हालांकि जिले में अभी कोरोना का एक भी मरीन नहीं मिला है। फिर भी इसे लेकर सतर्कता बरतनी जरूरी है। शहर के नागरिक अस्पताल में जहां हर तरह के मरीज आते हैं वहां भी अभी कोई सतर्कता नहीं बरती जा रही है। नागरिक अस्पताल जिले का सबसे बड़ा अस्पताल है।
यहां जिले से ही नहीं बल्कि हरियाणा और राजस्थान के अन्य जिलों से भी मरीज आते हैं। जिले में कोरोना जैसी बीमारी दस्तक न दे इसके लिए सतर्कता बहुत जरूरी है, लेकिन अस्पताल में फिलहाल किसी भी प्रकार की कोई सतर्कता देखने को नहीं मिल रही है। अस्पताल में आने वाले लोग चिकित्सक कक्षों के एक बाहर भीड़ में बिल्कुल पास-पास खड़े रहते हैं।
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इसके अलावा पर्ची कटवाने वाली लाइन से लेकर दवा लेने वाली लाइन में भी किसी प्रकार शारीरिक दूरी नहीं रखी जाती। अस्पताल में बैठे लोग व ज्यादातर कर्मचारी भी मास्क का इस्तेमाल नहीं करते हैं। जबकि कोरोना को लेकर बार-बार केवल यही बताया जाता है कि बचाव करना बहुत जरूरी है।
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नागरिक अस्पताल में रोजाना ओपीडी में करीब 100 मरीज खांसी, जुकाम बुखार के पहुंच रहे हैं, हालांकि अब तक इनमें से वायरल बुखार होना ही पाया जा रहा है। ऐसे में कोविड के मरीज ट्रेस करने के लिए स्वास्थ्य विभाग को संदिग्ध रोगियों की सैंपलिंग करनी होगी।
इंसेट
ये है एनबी.1.8.1 वेरिएंट के लक्षण
थकान, हल्की खांसी, गला बैठना या खराश आना, नाक बंद होना, मांसपेशियों में दर्द होना इसके मुख्य लक्षण हैं। इसके अलावा कुछ मामलों में लोगों को लंबे समय तक हल्का बुखार बना रहने की शिकायत मिली है, जिसे ''''लो-ग्रेड हाइपरथर्मिया'''' कहते हैं। सिरदर्द, मतली, भूख न लगना और पेट से जुड़ी परेशानियां भी देखी गई हैं।
इंसेट
ये रखे सावधानी-
-मास्क का इस्तेमाल करें।
-खांसते और छींकते समय मुंह पर कपड़ा रखें।
-शारीरिक दूरी बनाकर रखें।
-बार-बार हाथों को अच्छी तरह साबुन से धोएं।
-हल्की दिक्कत होते ही डाक्टर से परामर्श लें।
-भीड़भाड़ की जगहों पर जाने से बचें।
-गंदे हाथों से नाक, मुंह व आंखों को न छूएं।
वर्जन-
कोरोना को लेकर डाक्टरों और स्टॉफ को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए हैं। साथ ही मलेरिया इंचार्ज डाॅ. मनीष यादव को कोरोना का नोडल अफसर बनाया गया है। नागरिक अस्पताल में आईसीयू वार्ड व ऑक्सीजन प्लांट की व्यवस्था को लेकर मॉनिटरिंग की जा रही है। वहीं ट्राॅमा सेंटर के नए भवन के द्वितीय तल पर स्पेशल कोविड वार्ड बना दिया गया है। कोविड टेस्ट किट सोमवार तक आ जाएगी। इस टेस्ट में एंटीजन व आरटीपीसीआर की जरूरत पड़ती है। नागरिक अस्पताल में सामाजिक दूरी व मास्क के लिए भी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी।
डॉ. विजय डबास। उप चिकित्सा अधीक्षक, नागरिक अस्पताल।