{"_id":"604a66f88ebc3ed3f7129a5b","slug":"construction-of-chhalak-nalla-slowed-40-percent-work-completed-narnol-news-rtk599462852","type":"story","status":"publish","title_hn":"छलक नाले का निर्माण कार्य धीमा, 40 फीसदी ही कार्य हुआ पूरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छलक नाले का निर्माण कार्य धीमा, 40 फीसदी ही कार्य हुआ पूरा
विज्ञापन
छलक नाले का निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है। इससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। अभी नाले का करीब 40 फीसदी कार्य पूरा हुआ है। जबकि, इसे पूरा करने का लक्ष्य 18 माह का रखा गया है। इस पर करीब 28 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
बता दें कि शहर के बीच से छलक नाला गुजरता है। नाले की दुर्गंध से आसपास के लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। नाले में ही कई जगहों पर सीवर का गंदा पानी भी डाला जा रहा है। साथ ही नाले के दोनों ओर गंदगी से भी लोगों को परेशानी हो रही है। सीएम ने साल 2015 में इसके कायाकल्प कराने की घोषणा की थी। सभी औपचारिकताएं पूरी होने पर पिछले साल जून 2019 में जयपुर की एक एजेंसी को कार्य सौंपा गया था। नाले पर कुलताजपुर रोड से रेवाड़ी रोड की ओर निर्माण कार्य चल रहा है। नाला करीब तीन किलोमीटर लंबा हैं जिसमें से 465 फीट ही नाला कवर होगा। कोरोना महामारी के कारण बीच में काम प्रभावित हुआ है। इसके बाद काम शुरू हुआ, लेकिन गति नहीं पकड़ सका है। अभी करीब 40 फीसदी ही कार्य हो पाया है। लोगों का कहना हैं कि ठेकेदार सही तरीके से काम नहीं कर रहा है। नाले की गंदगी से परेशानी उठानी पड़ रही है। इसके अलावा नाले का निर्माण हुआ नहीं और साथ लगती सड़क भी तोड़ दी गई है जिससे भी लोगों की परेशानी बढ़ गई।
नाले के साथ बनेगी सड़क
योजना के अनुसार छलक नाले के साथ जगह की उपलब्धता के अनुसार सड़क का निर्माण होगा। शहर में कुछ जगहों को छोड़कर नाले के साथ जगह उपलब्ध है। दूसरी ओर नप नाले की जमीन पर कब्जा करने वाले पर भी कार्रवाई करेगा। नाले के साथ सड़क बनाने से लोगों को शहर के बीच से जाने का एक अच्छा विकल्प बना जाएगा। अभी कुछ जगहों पर नाले के साथ सड़क बनी हुई है। नाले के साथ हरियाली के लिए पौधे भी लगाए जाएंगे। नाले का फर्श कच्चा रहेगा ताकि पानी रिजार्च हो सके। जगह की उपलब्ध पर पौधे, पार्क, वॉकिंग ट्रैक व सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण होगा।
विज्ञापन
पहले नदी थी
नारनौल शहर के मध्य से छलक नदी गुजरती थी। प्राचीनकाल में नदी की चौड़ाई एवं लंबाई अधिक थी, लेकिन बारिश कम होने के साथ-साथ सिकुड़ती चली गई। वर्तमान में अतिक्रमण की चपेट में है और नदी अब गंदे नाले का रूप ले चुकी है। यह बारिश के पानी की निकासी में मुख्य भूमिका निभाता है। कुलताजपुर रोड से पुल बाजार होते हुए रेवाड़ी रोड से आगे निकल जाता है।
वर्जन
नाले के बीच में सीवर लाइन के कारण काम धीमा हुआ था। ठेकेदार से काम में तेजी लाने के लिए कहा जाएगा।
केके यादव, ईओ, नप
विज्ञापन
बता दें कि शहर के बीच से छलक नाला गुजरता है। नाले की दुर्गंध से आसपास के लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। नाले में ही कई जगहों पर सीवर का गंदा पानी भी डाला जा रहा है। साथ ही नाले के दोनों ओर गंदगी से भी लोगों को परेशानी हो रही है। सीएम ने साल 2015 में इसके कायाकल्प कराने की घोषणा की थी। सभी औपचारिकताएं पूरी होने पर पिछले साल जून 2019 में जयपुर की एक एजेंसी को कार्य सौंपा गया था। नाले पर कुलताजपुर रोड से रेवाड़ी रोड की ओर निर्माण कार्य चल रहा है। नाला करीब तीन किलोमीटर लंबा हैं जिसमें से 465 फीट ही नाला कवर होगा। कोरोना महामारी के कारण बीच में काम प्रभावित हुआ है। इसके बाद काम शुरू हुआ, लेकिन गति नहीं पकड़ सका है। अभी करीब 40 फीसदी ही कार्य हो पाया है। लोगों का कहना हैं कि ठेकेदार सही तरीके से काम नहीं कर रहा है। नाले की गंदगी से परेशानी उठानी पड़ रही है। इसके अलावा नाले का निर्माण हुआ नहीं और साथ लगती सड़क भी तोड़ दी गई है जिससे भी लोगों की परेशानी बढ़ गई।
विज्ञापन
नाले के साथ बनेगी सड़क
योजना के अनुसार छलक नाले के साथ जगह की उपलब्धता के अनुसार सड़क का निर्माण होगा। शहर में कुछ जगहों को छोड़कर नाले के साथ जगह उपलब्ध है। दूसरी ओर नप नाले की जमीन पर कब्जा करने वाले पर भी कार्रवाई करेगा। नाले के साथ सड़क बनाने से लोगों को शहर के बीच से जाने का एक अच्छा विकल्प बना जाएगा। अभी कुछ जगहों पर नाले के साथ सड़क बनी हुई है। नाले के साथ हरियाली के लिए पौधे भी लगाए जाएंगे। नाले का फर्श कच्चा रहेगा ताकि पानी रिजार्च हो सके। जगह की उपलब्ध पर पौधे, पार्क, वॉकिंग ट्रैक व सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण होगा।
विज्ञापन
पहले नदी थी
नारनौल शहर के मध्य से छलक नदी गुजरती थी। प्राचीनकाल में नदी की चौड़ाई एवं लंबाई अधिक थी, लेकिन बारिश कम होने के साथ-साथ सिकुड़ती चली गई। वर्तमान में अतिक्रमण की चपेट में है और नदी अब गंदे नाले का रूप ले चुकी है। यह बारिश के पानी की निकासी में मुख्य भूमिका निभाता है। कुलताजपुर रोड से पुल बाजार होते हुए रेवाड़ी रोड से आगे निकल जाता है।
वर्जन
नाले के बीच में सीवर लाइन के कारण काम धीमा हुआ था। ठेकेदार से काम में तेजी लाने के लिए कहा जाएगा।
केके यादव, ईओ, नप