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Mahendragarh-Narnaul News: दो दिन में सभी स्कूल प्रबंधक बसों की कमियां पूरी कराएं
Tue, 16 Apr 2024 03:49 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 16 Apr 2024 03:49 AM IST
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नारनौल। कनीना में स्कूल बस के हादसे के बाद प्रशासन पूरी तरह सख्त दिखाई दे रहा है। सोमवार को उपायुक्त ने नारनौल और नांगल चौधरी उपमंडल के स्कूल प्रबंधकों के साथ बैठक की। हालांकि इस बीच स्कूल संचालकों ने भी अपनी समस्याएं रखीं।
उपायुक्त मोनिका गुप्ता ने जिला स्कूल सेफ्टी की बैठक में कहा कि सभी स्कूल प्रबंधक अपनी जिम्मेदारी को समझें। जिस प्रकार वे अपने निजी वाहन की गाड़ी की फिटनेस और उसके चालक का ख्याल रखते हैं, उसी प्रकार बसों का भी ख्याल रखें। इस मामले में लापरवाही मिलने पर संबंधित स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। बैठक के दौरान दो मिनट का मौन धारण भी किया गया।
इस मौके पर एडीसी दीपक बाबूलाल करवा, एसडीएम महेंद्रगढ़ संजीव कुमार, एसडीएम कनीना सुरेंद्र सिंह, एसडीएम नारनौल डाॅ. जितेंद्र सिंह, एसडीएम नांगल चौधरी मयंक भारद्वाज, डीएसपी सुरेश कुमार, सचिव आरटीए मनोज कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी सुनील दत यादव और प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल कौशिक के अलावा अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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स्कूल संचालक ने दमकल अधिकारियों पर एनओसी के नाम पर रुपये लेने का लगाया आरोप
बैठक में एडवोकेट किशन चौधरी ने उपायुक्त से कहा कि फायर इंस्पेक्टर तो 50 हजार रुपये एनओसी के मांग रहे हैं। वह कहते हैं कि सिलिंडर भी उन्हीं के लगाएं। इसके अलावा 20 रुपये अलग से मांगते हैं।
उपायुक्त ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं। उनकी जान के साथ किसी भी कीमत पर खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। अगले दो दिन के अंदर-अंदर सभी स्कूल प्रबंधक बसों के संबंध में सभी कमियां पूरी कर लें। बस हादसे के शिकार हुए छह बच्चों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। हम सबको इससे सबक लेकर भविष्य में ऐसा हादसा न हो, यह सुनिश्चित करना होगा।
स्कूल सेफ्टी कमेटी का तुरंत प्रभाव से किया जाए गठन
उपायुक्त ने कहा कि सभी स्कूलों में स्कूल सेफ्टी कमेटी का तुरंत प्रभाव से गठन किया जाए, साथ ही हर स्कूल में क्राइसिस मैनेजमेंट प्लान भी होना चाहिए। अगर किसी रूट पर सबसे पहले और आखिरी बिंदु पर एक भी छात्र है तो उस रूट पर महिला अटेंडेंट जरूर होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी चालकों का मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट सीएमओ द्वारा जारी किया हुआ होना चाहिए।
सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के सभी 25 बिंदुओं को पूरा करें
उपायुक्त ने सभी स्कूल प्रबंधकों को निर्देश दिए की सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के सभी 25 बिंदुओं की चेक लिस्ट दी गई है, यह सारी कमियां तुरंत प्रभाव से दूर की जाएं। 10 दिन के बाद सभी प्रबंधक सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी की अनुपालन का एफिडेविट जिला प्रशासन को देंगे। उन्होंने कहा कि जिले में 931 बसें स्कूलों से पंजीकृत हैं। विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार अभी भी लगभग 92 बसों का फिटनेस मेडिकल सर्टिफिकेट जारी नहीं किया गया है, ऐसे में सभी प्रबंधक अनफिट बसों को रोड पर लेकर न आएं।
डिजिलॉकर के सभी डॉक्यूमेंट वैलिड माने जाएंगे
स्कूल प्रबंधकों की ओर से डिजिलॉकर के संबंध में उठाए गए सवाल पर उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि डिजिलॉकर के सभी डॉक्यूमेंट वैलिड माने जाएंगे, लेकिन सभी डॉक्यूमेंट की फोटोकॉपी बस में जरूर होनी चाहिए। उन्होंने जीपीएस, कैमरा और स्पीड गवर्नर के संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए कि ये चीजें तुरंत प्रभाव से लगवाएं। सभी बसों में चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 अंकित होना चाहिए।
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उपायुक्त मोनिका गुप्ता ने जिला स्कूल सेफ्टी की बैठक में कहा कि सभी स्कूल प्रबंधक अपनी जिम्मेदारी को समझें। जिस प्रकार वे अपने निजी वाहन की गाड़ी की फिटनेस और उसके चालक का ख्याल रखते हैं, उसी प्रकार बसों का भी ख्याल रखें। इस मामले में लापरवाही मिलने पर संबंधित स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। बैठक के दौरान दो मिनट का मौन धारण भी किया गया।
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इस मौके पर एडीसी दीपक बाबूलाल करवा, एसडीएम महेंद्रगढ़ संजीव कुमार, एसडीएम कनीना सुरेंद्र सिंह, एसडीएम नारनौल डाॅ. जितेंद्र सिंह, एसडीएम नांगल चौधरी मयंक भारद्वाज, डीएसपी सुरेश कुमार, सचिव आरटीए मनोज कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी सुनील दत यादव और प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल कौशिक के अलावा अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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स्कूल संचालक ने दमकल अधिकारियों पर एनओसी के नाम पर रुपये लेने का लगाया आरोप
बैठक में एडवोकेट किशन चौधरी ने उपायुक्त से कहा कि फायर इंस्पेक्टर तो 50 हजार रुपये एनओसी के मांग रहे हैं। वह कहते हैं कि सिलिंडर भी उन्हीं के लगाएं। इसके अलावा 20 रुपये अलग से मांगते हैं।
उपायुक्त ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं। उनकी जान के साथ किसी भी कीमत पर खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। अगले दो दिन के अंदर-अंदर सभी स्कूल प्रबंधक बसों के संबंध में सभी कमियां पूरी कर लें। बस हादसे के शिकार हुए छह बच्चों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। हम सबको इससे सबक लेकर भविष्य में ऐसा हादसा न हो, यह सुनिश्चित करना होगा।
स्कूल सेफ्टी कमेटी का तुरंत प्रभाव से किया जाए गठन
उपायुक्त ने कहा कि सभी स्कूलों में स्कूल सेफ्टी कमेटी का तुरंत प्रभाव से गठन किया जाए, साथ ही हर स्कूल में क्राइसिस मैनेजमेंट प्लान भी होना चाहिए। अगर किसी रूट पर सबसे पहले और आखिरी बिंदु पर एक भी छात्र है तो उस रूट पर महिला अटेंडेंट जरूर होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी चालकों का मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट सीएमओ द्वारा जारी किया हुआ होना चाहिए।
सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के सभी 25 बिंदुओं को पूरा करें
उपायुक्त ने सभी स्कूल प्रबंधकों को निर्देश दिए की सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के सभी 25 बिंदुओं की चेक लिस्ट दी गई है, यह सारी कमियां तुरंत प्रभाव से दूर की जाएं। 10 दिन के बाद सभी प्रबंधक सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी की अनुपालन का एफिडेविट जिला प्रशासन को देंगे। उन्होंने कहा कि जिले में 931 बसें स्कूलों से पंजीकृत हैं। विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार अभी भी लगभग 92 बसों का फिटनेस मेडिकल सर्टिफिकेट जारी नहीं किया गया है, ऐसे में सभी प्रबंधक अनफिट बसों को रोड पर लेकर न आएं।
डिजिलॉकर के सभी डॉक्यूमेंट वैलिड माने जाएंगे
स्कूल प्रबंधकों की ओर से डिजिलॉकर के संबंध में उठाए गए सवाल पर उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि डिजिलॉकर के सभी डॉक्यूमेंट वैलिड माने जाएंगे, लेकिन सभी डॉक्यूमेंट की फोटोकॉपी बस में जरूर होनी चाहिए। उन्होंने जीपीएस, कैमरा और स्पीड गवर्नर के संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए कि ये चीजें तुरंत प्रभाव से लगवाएं। सभी बसों में चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 अंकित होना चाहिए।