फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   cold, seson, ranbasera, off, departmnt

सर्दियां शुरू लेकिन रैन बसेरे अभी भी बंद

Sun, 06 Nov 2016 11:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 06 Nov 2016 11:41 PM IST
विज्ञापन
शहर में दिसंबर 2015 में 40 लाख रुपये की लागत से प्रशासन ने दो रैन बसेरे बनवाए थे। इन रैन बसेरों में कुछ दिन तो चहल-पहल रही लेकिन कुछ दिन बाद ही ये रैन बसेरे बंद हो गए। अब सर्दियों का मौसम शुरू हो गया है। दो-तीन दिनों से रात का तापमान भी 10 से 11 डिग्री सेल्सियस के बीच चल रहा है। ऐसे में जरूरतमंद लोगों के लिए ये रैन बसेरे सहारा दे सकते हैं लेकिन प्रशासन इनकी कोई सुध नहीं ले रहा है। जिसके कारण दोनों रैन बसेरे बंद पड़े हैं।
विज्ञापन

सर्दियों के मौसम के अलावा अन्य मौसम में जरूरतमंद व बेसहारा लोगों को सोने के लिए छत नसीब हो इस बात को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने 20-20 लाख रुपयों की लागत से दो रैन बसेरों का निर्माण करवाया था। निर्माण के समय ये रैन बसेरे आधुनिक तरीके से बनाए गए थे। जिसमें जरूरतमंद लोगों के लिए सभी प्रकार की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध थी। बिस्तर आदि का इंतजाम भी नगर परिषद की ओर से किया गया था। इन रैन बसेरों में कुछ दिन तो लोगों के लिए खुला रखा गया लेकिन जैसे-जैसे सर्दी कम होती गई, इसे बंद कर दिया गया। तब से लेकर अब तक ये रैन बसेरे बंद ही पड़े हैं तथा प्रशासन भी इनकी ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। जिसके कारण जरूरतमंद लोग अपनी रात यहां-वहां सड़कों, बस अड्डों या रेलवे स्टेशन पर बिता रहे हैं।  
विज्ञापन


सुविधाओं से लैस है रैन बसेरा
शहर में बस स्टैंड व अस्पताल के पास बने इन दोनों रैन बसेरों में आधुनिक सुविधाएं हैं। चारों तरफ से टाइल व सीलिंग से इनको कवर्ड किया है। इसमें पुरुष व महिलाओं के लिए अलग-अलग व्यवस्था है। वहीं बिस्तर की सुविधा भी है। साथ ही शौचालय की सुविधा भी प्रदान की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


50-50 लोगों की ठहरने की है व्यवस्था
इन दोनों रैन बसेरों में करीब 100 लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। दोनों रैन बसेरों में बिस्तर फर्श पर लगाए गए हैं। जिनमें अलग-अलग रूम में करीब 100 लोग ठहर सकते हैं।

यात्रियों व मरीजों को मिल सकता है फायदा
इन रैन बसेरों को बस स्टैंड व अस्पताल के पास बनाया गया है। जिससे यदि कोई सवारी को रात को बस न मिले तो वह यहां विश्राम कर सके साथ ही साधु या भिखारी भी इनमें रात गुजारर सकें। वहीं अस्पताल के पास बने रैन बसेरे में दूर दराज के गांवों से आए मरीजों के तीमारदारों को ठहरने में मदद मिल सकती है। अस्पताल के थोड़ा आगे ही रेलवे स्टेशन है। गांव के लोग रात की ट्रेन को पकड़ने से पूर्व यहां पर विश्राम कर सकते हैं।

तीन-चार दिनों से पड़ रही ठंड
तीन चार दिनों से क्षेत्र में ठंड भी पड़ने लगी है रात का तापमान 10 डिग्री तक पहुंच गया है। ऐसे में जरूरतमंद लोगों के लिए ये रैन बसेरे बहुत ही लाभकारी सिद्ध हो सकते हैं। प्रशासन को इनकी सुध लेकर इनको खोल दे तो कई लोग रात के समय इनमें विश्राम कर सकते हैं।


बस स्टैंड के पास बना रैन बसेरा चल रहा है। अस्पताल के पास बने रैन बसेरे के बारे में सोमवार तक पता कर बता दूंगा। शायद यह रैन बसेरा भी खुला हुआ है। सर्दियों को देखते हुए दोनों रैन बसेरों को शुरू किया जाएगा। केके यादव, सचिव, नगर परिषद नारनौल।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed