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Mahendragarh-Narnaul News: कोचिंग सेंटर को छात्र की आधी फीस लौटाने के आदेश
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महेंद्रगढ़। जिला उपभोक्ता आयोग की अतिरिक्त बेंच ने सीकर (राजस्थान) के एक निजी कोचिंग संस्थान को छात्र की जमा फीस का आधा हिस्सा वापस करने का आदेश दिया है। आयोग ने साफ कहा कि फीस वापस न करना सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार है।
गांव गोमली निवासी छात्र ने मई 2024 में मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए सीकर के एक कोचिंग संस्थान में दाखिला लिया था। उसने अग्रिम फीस के रूप में 26 हजार रुपये जमा कराए थे लेकिन वह केवल मई से जुलाई 2024 तक ही कक्षाएं ले पाया। इसके बाद उसका दाखिला महेंद्रगढ़ के राजकीय कॉलेज में बीएससी नियमित पाठ्यक्रम में हो गया जिसके कारण वह कोचिंग जारी नहीं रख सका।
छात्र और उसके परिवार ने संस्थान से शेष फीस वापस करने की मांग की लेकिन कोई राशि वापस नहीं की गई। मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने पाया कि छात्र ने बहुत सीमित अवधि तक ही कक्षाएं ली थीं। वहीं कोचिंग संस्थान ने फीस वापसी रोकने का कोई ठोस कारण या नियम प्रस्तुत नहीं किया।
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आयोग ने यह भी टिप्पणी की कि संस्थान नोटिस मिलने के बावजूद सुनवाई में उपस्थित नहीं हुआ जिससे शिकायतकर्ता के आरोपों को चुनौती नहीं दी जा सकी।
फैसले में आयोग ने आदेश दिया कि कोचिंग संस्थान 12,828 रुपये की राशि पर 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित वापस करे। साथ ही मानसिक परेशानी के लिए 5,000 रुपये और वाद व्यय के रूप में 5,000 रुपये अलग से अदा किए जाएं। आयोग ने यह पूरी राशि 45 दिनों के भीतर चुकाने के निर्देश दिए हैं।
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गांव गोमली निवासी छात्र ने मई 2024 में मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए सीकर के एक कोचिंग संस्थान में दाखिला लिया था। उसने अग्रिम फीस के रूप में 26 हजार रुपये जमा कराए थे लेकिन वह केवल मई से जुलाई 2024 तक ही कक्षाएं ले पाया। इसके बाद उसका दाखिला महेंद्रगढ़ के राजकीय कॉलेज में बीएससी नियमित पाठ्यक्रम में हो गया जिसके कारण वह कोचिंग जारी नहीं रख सका।
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छात्र और उसके परिवार ने संस्थान से शेष फीस वापस करने की मांग की लेकिन कोई राशि वापस नहीं की गई। मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने पाया कि छात्र ने बहुत सीमित अवधि तक ही कक्षाएं ली थीं। वहीं कोचिंग संस्थान ने फीस वापसी रोकने का कोई ठोस कारण या नियम प्रस्तुत नहीं किया।
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आयोग ने यह भी टिप्पणी की कि संस्थान नोटिस मिलने के बावजूद सुनवाई में उपस्थित नहीं हुआ जिससे शिकायतकर्ता के आरोपों को चुनौती नहीं दी जा सकी।
फैसले में आयोग ने आदेश दिया कि कोचिंग संस्थान 12,828 रुपये की राशि पर 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित वापस करे। साथ ही मानसिक परेशानी के लिए 5,000 रुपये और वाद व्यय के रूप में 5,000 रुपये अलग से अदा किए जाएं। आयोग ने यह पूरी राशि 45 दिनों के भीतर चुकाने के निर्देश दिए हैं।