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दिनभर छाये बादल व कोहरा, कई जगहों पर बूंदाबांदी से ठंड का एहसास
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मौसम में आये अचानक बदलाव के चलते मंगलवार को सुबह आसमान में बादल व कोहरा छाया रहा। सुबह के समय व सायं चार बजे घने बादल छाने के बाद तेज हवाओं के साथ कई जगहों पर बूंदाबांदी भी हुई। मौसम में आए परिवर्तन के साथ ही सर्दी का भी आगाज शुरू हो गया है।
मौसम विभाग के अनुसार यह सिलसिला आगामी 2 या 3 दिन जारी रहेगा। इसके बाद तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। वहीं बादलों की वजह से मंगलवार को न्यूनतम तापमान 1.5 डिग्री की बढ़ोतरी होने से 17.5 डिग्री दर्ज किया गया। सोमवार को न्यूनतम तापमान 16.0 डिग्री दर्ज किया गया था। वहीं अधिकतम तापमान 26.0 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 203 खराब श्रेणी में पहुंच गया है। दो दिन से वायु गुणवत्ता सूचकांक में थोड़ा सुधार आया था लेकिन मंगलवार को दोबारा खराब श्रेणी में पहुंच गया है। प्रदूषित होती हवा लोगों के स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर रही है। बुजुर्गों और सांस के मरीजों के लिए यह माहौल परेशानी भरा है।
पश्चिमी विक्षोभ के चलते मंगलवार को सुबह से ही आसमान में बादल छाये रहे। बादल छाये रहने की वजह से हल्की धुंध का एहसास भी रहा। सुबह 11 बजे सूर्य देव के दर्शन हुए थे। इसके बाद दो बजे बाद फिर आसमान में घने गहरे काले बादल छा गये। सायं साढ़े तीन बजे तेज हवाओं के साथ कुछ जगहों पर बूंदाबांदी भी हुई। मौसम में आए इस बदलाव के कारण लोगों को दिन में हल्की गुलाबी सर्दी का एहसास भी हुआ।
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पर्यावरण क्लब के नोडल अधिकारी प्रोफेसर चंद्रमोहन ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते मंगलवार को बादलवाई हुई है। इसके चलते कई जगह बूंदाबांदी भी हुई है। उन्होंने बताया कि इसका असर 9 व 10 नवंबर को भी देखने को मिलेगा। हालांकि इससे ज्यादा बरसात होने की संभावना नहीं है। उन्होंने बताया कि 10 नवंबर के बाद तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जाएगी।
फसलों के लिए लाभदायक
पश्चिमी विक्षोभ के चलते कई जगहों पर हुई बूंदाबांदी फसलों के लिए काफी लाभदायक है। इस समय क्षेत्र में सरसों व चने की फसल खड़ी है। मौसम में ठंड व हल्की बूंदाबांदी से फसलों में रौनक आयेगी। यह बारिश फसलों के लिए लाभदायक है। वहीं कई जगहों पर गेहूं की बिजाई चल रही है। बारिश होने से गेहूं की फसल की बिजाई प्रभावित हो सकती है। सरसों व चने की बिजाई अक्तूबर माह में हो चुकी है। किसान गेहूं की बिजाई 10 नवंबर के बाद ही करे।
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मौसम विभाग के अनुसार यह सिलसिला आगामी 2 या 3 दिन जारी रहेगा। इसके बाद तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। वहीं बादलों की वजह से मंगलवार को न्यूनतम तापमान 1.5 डिग्री की बढ़ोतरी होने से 17.5 डिग्री दर्ज किया गया। सोमवार को न्यूनतम तापमान 16.0 डिग्री दर्ज किया गया था। वहीं अधिकतम तापमान 26.0 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 203 खराब श्रेणी में पहुंच गया है। दो दिन से वायु गुणवत्ता सूचकांक में थोड़ा सुधार आया था लेकिन मंगलवार को दोबारा खराब श्रेणी में पहुंच गया है। प्रदूषित होती हवा लोगों के स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर रही है। बुजुर्गों और सांस के मरीजों के लिए यह माहौल परेशानी भरा है।
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पश्चिमी विक्षोभ के चलते मंगलवार को सुबह से ही आसमान में बादल छाये रहे। बादल छाये रहने की वजह से हल्की धुंध का एहसास भी रहा। सुबह 11 बजे सूर्य देव के दर्शन हुए थे। इसके बाद दो बजे बाद फिर आसमान में घने गहरे काले बादल छा गये। सायं साढ़े तीन बजे तेज हवाओं के साथ कुछ जगहों पर बूंदाबांदी भी हुई। मौसम में आए इस बदलाव के कारण लोगों को दिन में हल्की गुलाबी सर्दी का एहसास भी हुआ।
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पर्यावरण क्लब के नोडल अधिकारी प्रोफेसर चंद्रमोहन ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते मंगलवार को बादलवाई हुई है। इसके चलते कई जगह बूंदाबांदी भी हुई है। उन्होंने बताया कि इसका असर 9 व 10 नवंबर को भी देखने को मिलेगा। हालांकि इससे ज्यादा बरसात होने की संभावना नहीं है। उन्होंने बताया कि 10 नवंबर के बाद तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जाएगी।
फसलों के लिए लाभदायक
पश्चिमी विक्षोभ के चलते कई जगहों पर हुई बूंदाबांदी फसलों के लिए काफी लाभदायक है। इस समय क्षेत्र में सरसों व चने की फसल खड़ी है। मौसम में ठंड व हल्की बूंदाबांदी से फसलों में रौनक आयेगी। यह बारिश फसलों के लिए लाभदायक है। वहीं कई जगहों पर गेहूं की बिजाई चल रही है। बारिश होने से गेहूं की फसल की बिजाई प्रभावित हो सकती है। सरसों व चने की बिजाई अक्तूबर माह में हो चुकी है। किसान गेहूं की बिजाई 10 नवंबर के बाद ही करे।