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क्लेरिकल एसोसिएशन ने वेतन विसंगति को दूर करने की मांग की
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अटेली बीईओ कार्यालय में मांग पत्र दिखाते यूनियन के सदस्य।
- फोटो : Narnol
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मंडी अटेली। क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसाइटी की एक बैठक खंड शिक्षा कार्यालय नारनौल में हुई। इसमें लिपिकीय वर्ग का न्यूनतम वेतन सहित अन्य मांगों पर विचार किया गया। बैठक में अशोक कुमार सहायक, ललित यादव लिपिक, मुकेश यादव लिपिक व दिनेश कुमार मुख्य रूप से मौजूद रहे।
अशोक कुमार ने कहा कि लिपिक वर्ग सम्मानजनक वेतनमान प्राप्त किया करता था परंतु प्रथम वेतनमान आयोग के बाद से ही सरकार द्वारा लिपिक वर्ग पर ध्यान नहीं दिया और उनके वेतनमान में संशोधन नहीं किया गया है। 3 अक्टूबर को पूरे प्रदेश में होने वाली मीटिंग के बाद स्थानीय विधायकों को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
पूर्व में लिपिक वर्ग का वेतनमान जेबीटी टीचर, एमपीएचडब्लयू, पटवारी, ड्राईवर, वाइल्ड लाइफ इंस्पेक्टर के बराबर या इनसे अधिक हुआ करता था जोकि वर्तमान में न्यूनतम स्तर पर है। जबकि लिपिक वर्ग कार्य अधिक करता है। लिपिक वर्ग को सिर्फ ओर सिर्फ डायरी डिस्पैच का वेतनमान दिया जाता है। सरकार की सभी योजनाओं को लिपिक वर्ग के द्वारा ही साकार किया जाता है। बैठक में सुमन, रविंद्र कुमार, करतार, श्याम मनोहरलाल, विजय शर्मा, विजय कुमार, राकेश कुमार व कृष्ण कुमार मौजूद रहे।
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अशोक कुमार ने कहा कि लिपिक वर्ग सम्मानजनक वेतनमान प्राप्त किया करता था परंतु प्रथम वेतनमान आयोग के बाद से ही सरकार द्वारा लिपिक वर्ग पर ध्यान नहीं दिया और उनके वेतनमान में संशोधन नहीं किया गया है। 3 अक्टूबर को पूरे प्रदेश में होने वाली मीटिंग के बाद स्थानीय विधायकों को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
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पूर्व में लिपिक वर्ग का वेतनमान जेबीटी टीचर, एमपीएचडब्लयू, पटवारी, ड्राईवर, वाइल्ड लाइफ इंस्पेक्टर के बराबर या इनसे अधिक हुआ करता था जोकि वर्तमान में न्यूनतम स्तर पर है। जबकि लिपिक वर्ग कार्य अधिक करता है। लिपिक वर्ग को सिर्फ ओर सिर्फ डायरी डिस्पैच का वेतनमान दिया जाता है। सरकार की सभी योजनाओं को लिपिक वर्ग के द्वारा ही साकार किया जाता है। बैठक में सुमन, रविंद्र कुमार, करतार, श्याम मनोहरलाल, विजय शर्मा, विजय कुमार, राकेश कुमार व कृष्ण कुमार मौजूद रहे।
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