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Mahendragarh-Narnaul News: 43 गांवों में 68 सफाई कर्मचारियों के सहारे हो रही सफाई, व्यवस्था चरमराई
Mon, 01 Apr 2024 03:09 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Mon, 01 Apr 2024 03:09 PM IST
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मंडी अटेली। क्षेत्र के विभिन्न गांवों की आबादी को देखते हुए लगाए गए सफाई कर्मचारियों की संख्या बहुत कम है। सफाई कर्मचारियों के अभाव में गांवों की सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। जिससे स्वच्छ भारत अभियान भी सफल होता नजर नही आ रहा है। गंदे पानी की नालियां कूड़े कर्कट से अटी पड़ी है। गंदे पानी के जमावड़े से न केवल दुर्गंध पैदा हो रही है बल्कि गर्मी के मौसम की शुरुआत पर मक्खी मच्छर इत्यादि का प्रकोप भी बढ़ने लगा है। सरकार के मापदंड के अनुसार 1500 की आबादी वाले गांव में एक सफाई कर्मचारी तैनात किया हुआ है। 2500 की आबादी वाले गांव में दो कर्मचारियों को लगाया गया है लेकिन गांव कांटी, खेड़ी, बिहाली,बाछौद, सागरपुर आदि 5000 की आबादी के गांव है। जिनमें मात्र दो ही सफाई कर्मचारी लगे हुए हैं। ऐसे में गांव की सफाई पूर्ण रुप से नहीं हो रही। बता दें कि अटेली नांगल खंड के अंतर्गत 43 गांव लगते हैं। जिनमें 68 सफाई कर्मचारी तैनात किए हुए हैं। गांवों की आबादी को देखते हुए ये सफाई कर्मचारी सफाई व्यवस्था को सुचारू बनाने में असफल साबित हो रहें हैं। गत वर्ष प्रशासन की ओर से घर-घर कूड़ा कर्कट उठाने के लिए ट्रैक्टर ट्राली लगाई हुई थी लेकिन उनकी अनियमितताओं के कारण ग्राम पंचायत उनसे संतुष्ट नही थी। क्षेत्र के नागरिकों ने सरकार व प्रशासन से सफाई कर्मचारियों की संख्या आबादी के हिसाब से बढ़ाने की मांग की है ताकि गांवों को स्वच्छ रखा जा सके।
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