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गांवों की चौधर के लिए दावेदार सक्रिय, बनाने लगे रणनीति

Fri, 07 Oct 2022 11:49 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 07 Oct 2022 11:49 PM IST
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Claimants active for Chaudhar of villages, started making strategy
चुनावी बिगुल बजते ही हुक्के पर चुनावों की चर्चा करते युवा व बुजुर्ग। - फोटो : Narnol
महेंद्रगढ़/सतनाली। पंचायत चुनाव की तिथि घोषित होने के साथ ही सरपंच और पंच के दावेदार सक्रिय हो उठे हैं। चुनाव की रणनीति बनाई जाने लगी है। हालांकि दावेदारों ने पहले से ही तैयारी शुरू कर दी थी। चुनाव की तिथि ऐसे समय पर घोषित हुई है जब किसान खेती में व्यस्त हैं। करवाचौथ, दीपावली आदि पर्व हैं। ऐसे में दावेदारों को मतदाताओं को लुभाने का भरपूर मौका मिलेगा। फिलहाल हुक्का चौपालों पर चुनाव की चर्चा शुरू हो गई है।
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चुनाव घोषणा होते ही भावी पंच और सरपंच के दावेदारों की सक्रियता अब देखते ही बन रही है। खेतों से लेकर गांव की गलियों तक गांव की चौधर के लिए जोड़तोड़ शुरू हो चुकी है। किसानों का कहना है कि एक तरफ तो त्योहारी सीजन, वहीं दूसरी तरफ बाजरे व कपास की फसलों की कटाई, कढ़ाई चुनाई चल रही है। तिथि की घोषणा होते ही भावी सरपंचों के फोन आने शुरू हो गए हैं। शाम के समय अब गलियों में भी चहलपहल शुरू हो गई है। एक माह त्योहारी सीजन, चुनावी माहौल से उत्साह रहेगा। वहीं भावी सरपंचों ने जैसे ही चुनावी तिथि घोषित हुई अपने चहेतों को चुनावी शेड्यूल भी फोन के माध्यम से समझा दिया।
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इस समय फसल कटाई व बिजाई का समय है। चुनाव के दौरान समय निकालना काफी मुश्किल है। इसके बावजूद भी चुनाव में लोगों की सक्रियता रहेगी। देर रात तक मंथन का दौरान चलेगा। वहीं गांवों में लंबे समय से अटके विकास कार्य भी शुरू हो पाएंगे।- भंवर सिंह, किसान
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- समय फसल कटाई व बिजाई का सीजन चल रहा है। साथ ही मौसम भी खराब होने से फसलों को जल्द से जल्द समेटने का प्रयास तेज हो चुका है। मजदूर मिलना भी मुश्किल हो रहा है लेकिन चुनाव की तारीखें निश्चित होने के बाद भावी सरपंचों की दौड़ खेतों तत शुरू हो गई है। - पितराम सिंह, किसान
काफी लंबे इंतजार के बाद चुनाव की तारीखें घोषित होने से राहत मिली है। करीब 19 माह से गांवों की चौधर समाप्त है। ऐसे में विकास के मामले में ग्रामीण क्षेत्र भी पिछड़ते जा रहे थे। अब 25 दिन बाद गांवों को पांच वर्ष के लिए स्थाई सरकार मिल जाएगी। उम्मीदवारों के साथ-साथ वोट डालने वालों में भी उत्साह रहेगा। ऐसे में प्रयास रहेगा की जल्द से जल्द खेतों का काम निपटाकर चुनावों में सक्रिय भूमिका निभाई जाए।- राजकुमार, किसान

चुनावों की घोषणा होते ही गांवों में गलियों से लेकर खेतों तक माहौल बदल गया है। भावी सरपंच फोन के माध्यम से चुनावी घोषणा की जानकारी भी अपने चहेतों को दे रहे हैं। उम्मीदवारों के साथ-साथ वोटरों में ज्यादा उत्साह है। एक दूसरे को अपनी तरफ लुभाने के लिए खेतों में फसल कटाई का काम चल रहा है लेकिन उम्मीदवार वोटों के लालच के लिए खेतों में भी किसानों के पास पहुंच कर अपने पक्ष में वोट डालने की अपील कर रहे हैं। - बलजीत सिंह, किसान
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