{"_id":"5831e7ee4f1c1b9c28b39815","slug":"city-road-damege-street-men-market","type":"story","status":"publish","title_hn":"खस्ताहाल हो चुकी हैं शहर के अधिकांश रोड ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खस्ताहाल हो चुकी हैं शहर के अधिकांश रोड
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 20 Nov 2016 11:44 PM IST
विज्ञापन
खस्ताहाल सड़कें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर की नई सरकार को बने तीन माह हो चुके हैं। इन तीन माह में शहर में एक गली भी पक्की नहीं हो पाई है। यही कारण है कि शहर की अंदरूनी मार्गों की हालत भी अब दयनीय होने लगी है। शहर की गलियों में बनी पुरानी सड़कें उखड़ गई हैं। हालत इतनी बदतर है मुख्य बाजार के भी रोड कई जगहों से उखड़ गया है। जिसकी रिपेयर तक नहीं की जा रही है। शहर में गलियों के पक्के नहीं होने के कारण लोग परेशान हैं।
शहर में अनेक ऐसी गलियां हैं, जिनकी हालत बेहद खराब चुकी है। ये गलियां गत पांच साल या इससे अधिक समय पूर्व बनी थी। वहीं कई एक या दो साल पूर्व बनी नई गलियों को भी सीवर या पेयजल लाइन डालते समय उखाड़ दिया गया था। जिनको बाद में ठीक नहीं किया गया। शहर के शासन की बागडोर नौ माह से भी ज्यादा समय तक एसडीएम के हाथों में रही थी। इस दौरान एकआध ही सड़कों का निर्माण हो पाया था। लोगों को शहर की नई सरकार से सड़क को ठीक कराने की उम्मीद थी लेकिन लोगों के उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। तीन माह में कहीं भी एक भी पत्थर विकास का नहीं लग पाया है।
जुलाई में बनी थी नई सरकार
काफी लंबे इंतजार के बाद मई में नगर परिषद के चुनाव हुए थे। इसके बाद 27 जुलाई को नई सरकार का गठन हुआ था। जिसमें भारती सैनी को प्रधान व मनोज जांगड़ा को उपप्रधान बनाया गया था। प्रधान व उपप्रधान बनने के बाद लोगों को उम्मीद होने लगी थी कि अब धड़ाधड़ विकास कार्य होगा लेकिन तीन माह बीतने के बाद भी हालत जस की तस बनी हुई है।
विज्ञापन
लोगों को हो रही हैं परेशानियां
शहरवासी हरीश कुमार, विक्की, आकाश, दिनेश यादव, रोहताश, जगदीश आदि का कहना है कि शहर की टूटी सड़कों पर वाहन चलाना बहुत मुश्किल हो गया है, वहीं पैदल चलने में भी भारी परेशानी होती है।
मुख्य बाजार की सड़कें भी टूटी
शहर के अंदरूनी गलियों की ही नहीं, बल्कि शहर के मुख्य बाजार की सड़कें भी टूटी हुई हैं। जिसके कारण लोगों को परेशानी हो रही है। शहर के महावीर चौक से रविदास मंदिर मार्ग तक कई जगह मुख्य बाजार की सड़क टूटी हुई है। वहीं रविदास मंदिर मार्ग से पुल बाजार तथा पुल से पंसारी गली तक की सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त है। इसके अलावा पनीगंज, बजाजा बाजार, मनिहारन गली व पतंग गली की हालत भी ठीक नहीं है।
अधिकांश गलियां भी टूटी
शहर के मोहल्ला पुरानी सराय, नई सराय, शिव नगर, पुरानी कचहरी के पास, संघीवाड़ा, शनि मंदिर के पास, पुरानी मंडी रोड, आदर्श नगर, कैलाश नगर, केशव नगर, मोती नगर, मिश्रवाड़ा सहित अनेक मोहल्लों के रोड टूटे हुए हैं। जिनकी कोई सुध नहीं ले रहा।
नप की बैठक में मांगे थे प्रस्ताव
नई सरकार बनने के बाद अगस्त माह में नप की पहली बैठक हुई थी। बैठक में प्रधान ने सभी पार्षदों से अपने-अपने वार्डों में कराए जाने वाले विकास कार्यों की लिस्ट मांगी थी। जिसमें पार्षदों ने अपने-अपने वार्ड में रोड आदि बनाने के प्रस्ताव भी बनाकर दिए थे।
शहर की गलियों की हालत बहुत खराब हो गई है। स्कूटर मोटरसाइकिल पर चलना तो दूर इन गलियों में पैदल भी सही से नहीं चला जाता। -रोहित कुमार
नगर परिषद के चुनाव के बाद उम्मीद जगी थी कि अब रोड आदि जल्दी बन जाएंगे। लेकिन शहर की नई सरकार बनने के बाद भी सड़कों की हालत जस की तस बनी हुई है। -बलबीर सैनी, पूर्व पार्षद
शहर के बाजारों व अन्य गलियों के कई रोड पांच से दस साल पूर्व बने थे, जिनकी अब हालत खराब हो गई है। इन सड़कों को सुधारने की आवश्यकता है। -हेमंत कुमार
शहर के अंदर की अनेक गलियां टूटी हुई हैं। टूटी गलियों के कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। नप को चाहिए कि इनको जल्द से जल्द ठीक कराए। -कंवर सिंह
शहर के कई रोडों का निर्माण जल्द ही कराया जाएगा। इनके लिए टेंडर आदि की प्रक्रिया चल रही है। एक बार टेंडर रद्द हो गए थे। अब सोमवार से दोबारा टेंडर निकाले जाएंगे। जिसके बाद शहर में अनेक जगह रोड बनाए जाएंगे।
-भारती सैनी, चेयरमैन, नगर परिषद, नारनौल
विज्ञापन
शहर में अनेक ऐसी गलियां हैं, जिनकी हालत बेहद खराब चुकी है। ये गलियां गत पांच साल या इससे अधिक समय पूर्व बनी थी। वहीं कई एक या दो साल पूर्व बनी नई गलियों को भी सीवर या पेयजल लाइन डालते समय उखाड़ दिया गया था। जिनको बाद में ठीक नहीं किया गया। शहर के शासन की बागडोर नौ माह से भी ज्यादा समय तक एसडीएम के हाथों में रही थी। इस दौरान एकआध ही सड़कों का निर्माण हो पाया था। लोगों को शहर की नई सरकार से सड़क को ठीक कराने की उम्मीद थी लेकिन लोगों के उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। तीन माह में कहीं भी एक भी पत्थर विकास का नहीं लग पाया है।
विज्ञापन
जुलाई में बनी थी नई सरकार
काफी लंबे इंतजार के बाद मई में नगर परिषद के चुनाव हुए थे। इसके बाद 27 जुलाई को नई सरकार का गठन हुआ था। जिसमें भारती सैनी को प्रधान व मनोज जांगड़ा को उपप्रधान बनाया गया था। प्रधान व उपप्रधान बनने के बाद लोगों को उम्मीद होने लगी थी कि अब धड़ाधड़ विकास कार्य होगा लेकिन तीन माह बीतने के बाद भी हालत जस की तस बनी हुई है।
विज्ञापन
लोगों को हो रही हैं परेशानियां
शहरवासी हरीश कुमार, विक्की, आकाश, दिनेश यादव, रोहताश, जगदीश आदि का कहना है कि शहर की टूटी सड़कों पर वाहन चलाना बहुत मुश्किल हो गया है, वहीं पैदल चलने में भी भारी परेशानी होती है।
मुख्य बाजार की सड़कें भी टूटी
शहर के अंदरूनी गलियों की ही नहीं, बल्कि शहर के मुख्य बाजार की सड़कें भी टूटी हुई हैं। जिसके कारण लोगों को परेशानी हो रही है। शहर के महावीर चौक से रविदास मंदिर मार्ग तक कई जगह मुख्य बाजार की सड़क टूटी हुई है। वहीं रविदास मंदिर मार्ग से पुल बाजार तथा पुल से पंसारी गली तक की सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त है। इसके अलावा पनीगंज, बजाजा बाजार, मनिहारन गली व पतंग गली की हालत भी ठीक नहीं है।
अधिकांश गलियां भी टूटी
शहर के मोहल्ला पुरानी सराय, नई सराय, शिव नगर, पुरानी कचहरी के पास, संघीवाड़ा, शनि मंदिर के पास, पुरानी मंडी रोड, आदर्श नगर, कैलाश नगर, केशव नगर, मोती नगर, मिश्रवाड़ा सहित अनेक मोहल्लों के रोड टूटे हुए हैं। जिनकी कोई सुध नहीं ले रहा।
नप की बैठक में मांगे थे प्रस्ताव
नई सरकार बनने के बाद अगस्त माह में नप की पहली बैठक हुई थी। बैठक में प्रधान ने सभी पार्षदों से अपने-अपने वार्डों में कराए जाने वाले विकास कार्यों की लिस्ट मांगी थी। जिसमें पार्षदों ने अपने-अपने वार्ड में रोड आदि बनाने के प्रस्ताव भी बनाकर दिए थे।
शहर की गलियों की हालत बहुत खराब हो गई है। स्कूटर मोटरसाइकिल पर चलना तो दूर इन गलियों में पैदल भी सही से नहीं चला जाता। -रोहित कुमार
नगर परिषद के चुनाव के बाद उम्मीद जगी थी कि अब रोड आदि जल्दी बन जाएंगे। लेकिन शहर की नई सरकार बनने के बाद भी सड़कों की हालत जस की तस बनी हुई है। -बलबीर सैनी, पूर्व पार्षद
शहर के बाजारों व अन्य गलियों के कई रोड पांच से दस साल पूर्व बने थे, जिनकी अब हालत खराब हो गई है। इन सड़कों को सुधारने की आवश्यकता है। -हेमंत कुमार
शहर के अंदर की अनेक गलियां टूटी हुई हैं। टूटी गलियों के कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। नप को चाहिए कि इनको जल्द से जल्द ठीक कराए। -कंवर सिंह
शहर के कई रोडों का निर्माण जल्द ही कराया जाएगा। इनके लिए टेंडर आदि की प्रक्रिया चल रही है। एक बार टेंडर रद्द हो गए थे। अब सोमवार से दोबारा टेंडर निकाले जाएंगे। जिसके बाद शहर में अनेक जगह रोड बनाए जाएंगे।
-भारती सैनी, चेयरमैन, नगर परिषद, नारनौल