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Mahendragarh-Narnaul News: सात माह से जेल में बंद साइबर क्राइम को आरोपी का जमानत याचिका खारिज
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नारनौल। एडीजे केपी सिंह ने साइबर अपराध में करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन से जुड़े केस में आरोपी संजय उर्फ लड्डू की जमानत याचिका खारिज कर दी है। वहीं संजय पर साइबर अपराध की साजिश रचने और खातों की किट तैयार करने जैसे आरोप भी हैं।
24 जून 2025 को पुलिस को सूचना मिली थी कि गुलशन फोटो स्टूडियो के नाम पर केनरा बैंक नारनौल के एक खाते में करोड़ों में लेनदेन हो रहा है। जांच में पाया गया कि इस खाते के खिलाफ नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर 113 शिकायतें दर्ज थीं। खाते में 6.90 करोड़ रुपये जमा हुए और 6.88 करोड़ निकाले गए हैं।
जांच के बाद पुलिस ने गांव उनिंदा अटेली निवासी संजय उर्फ लड्डू और उसके सह आरोपी प्रीतम सिंह को पकड़ लिया था। पूछताछ में प्रीतम ने बताया कि संजय साइबर अपराध करने के लिए दूसरों के बैंक खाते इकट्ठा करने का काम करता था। इन्ही में से यह खाता है।
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इसके बाद 17 जुलाई 2025 को नारनौल की साइबर थाना पुलिस ने दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। आरोपी के वकील ने तर्क दिया कि मुख्य आरोपी प्रीतम सिंह को पहले ही हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। इसलिए समानता के आधार पर संजय को भी जमानत दी जानी चाहिए।
कोर्ट ने माना कि संजय के खिलाफ आरोप प्रीतम जैसे नहीं हैं। संजय और एक अन्य आरोपी अभिषेक शर्मा ने कथित तौर पर एक होटल में कमरा लेकर साइबर अपराध की साजिश रची और खातों की किट तैयार की।
संजय के खिलाफ हिसार के थाने में भी साइबर अपराध का एक और मामला दर्ज है जबकि प्रीतम का कोई पिछला रिकॉर्ड नहीं था। साथ ही साइबर अपराध डिजिटल लेनदेन में जनता के विश्वास के लिए एक गंभीर खतरा है। आरोपों की गंभीरता और पिछले आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए एडीजे ने आरोपी को जमानत देने से इंकार कर दिया।
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24 जून 2025 को पुलिस को सूचना मिली थी कि गुलशन फोटो स्टूडियो के नाम पर केनरा बैंक नारनौल के एक खाते में करोड़ों में लेनदेन हो रहा है। जांच में पाया गया कि इस खाते के खिलाफ नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर 113 शिकायतें दर्ज थीं। खाते में 6.90 करोड़ रुपये जमा हुए और 6.88 करोड़ निकाले गए हैं।
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जांच के बाद पुलिस ने गांव उनिंदा अटेली निवासी संजय उर्फ लड्डू और उसके सह आरोपी प्रीतम सिंह को पकड़ लिया था। पूछताछ में प्रीतम ने बताया कि संजय साइबर अपराध करने के लिए दूसरों के बैंक खाते इकट्ठा करने का काम करता था। इन्ही में से यह खाता है।
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इसके बाद 17 जुलाई 2025 को नारनौल की साइबर थाना पुलिस ने दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। आरोपी के वकील ने तर्क दिया कि मुख्य आरोपी प्रीतम सिंह को पहले ही हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। इसलिए समानता के आधार पर संजय को भी जमानत दी जानी चाहिए।
कोर्ट ने माना कि संजय के खिलाफ आरोप प्रीतम जैसे नहीं हैं। संजय और एक अन्य आरोपी अभिषेक शर्मा ने कथित तौर पर एक होटल में कमरा लेकर साइबर अपराध की साजिश रची और खातों की किट तैयार की।
संजय के खिलाफ हिसार के थाने में भी साइबर अपराध का एक और मामला दर्ज है जबकि प्रीतम का कोई पिछला रिकॉर्ड नहीं था। साथ ही साइबर अपराध डिजिटल लेनदेन में जनता के विश्वास के लिए एक गंभीर खतरा है। आरोपों की गंभीरता और पिछले आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए एडीजे ने आरोपी को जमानत देने से इंकार कर दिया।