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Mahendragarh-Narnaul News: अंतिम छोर तक नहरी पानी मिलेगा
Wed, 26 Feb 2025 12:08 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Wed, 26 Feb 2025 12:08 AM IST
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नारनौल। अब शहबाजपुर डिस्ट्रीब्यूटरी की क्षमता 81.25 से बढ़ाकर 100 क्यूसेक की जाएगी। इसके लिए सिंचाई विभाग ने नहरों का कार्य भी शुरू कर दिया है। 18 फरवरी को शहबाजपुर डिस्ट्रीब्यूटरी के लिए करीब 924 लाख का टेंडर छोड़ा गया है। इससे किसानों को अंतिम छोर तक नहरी पानी मिल सकेगा।
इसके अलावा मुख्य मार्ग से नहरों के पंप हाउस तक पहुंचने के लिए सीसी सड़क बनाई जा रही है। सीमेंट कंक्रीट की लाइन और नहरों के अंतिम छोर से कृष्णावती नदी तक पाइप लाइन सहित अन्य कार्य करीब 8.50 करोड़ से करवाए जा रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में किसानों को पानी की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।
कमानिया माइनर की क्षमता 9.60 है, जो अब बढ़कर 12.55 क्यूसेक की गई है। इसी तरह अलीपुर माइनर की 5.75 से बढ़कर 11.0, मेघोत माइनर की 7.40 और दोस्तपुर माइनर 4 से बढ़कर 10 क्यूसेक की गई है।
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अभी सिंचाई विभाग की तरफ से अलीपुर, कमानिया, मेघोत और दोस्तपुर माइनर का कार्य करवाया जा रहा है। नारनौल माइनर का सिंचाई विभाग ने पहले ही कार्य करवा दिया था। अब इन माइनरों का कार्य होने से अंतिम छोर तक आसानी से पानी पहुंच सकेगा। नांगल चौधरी जिले के अंतिम छोर पर बसा हुआ है। जिसकी वजह से भूजलस्तर की समस्या भी हमेशा बनी रहती है। ऐसे में अब माइनर का कार्य होने से पानी की क्षमता में भी बढ़ोतरी हो जाएगी। जिससे किसानों को अंतिम छोर तक नहरी पानी मिल सकेगा।
इंसेट
इतनी बढ़ी चार माइनर की क्षमता
माइनर पहले क्यूसेक अब क्यूसेक
कमानिया माइनर 9.60 12.55
अलीपुर 5.75 11
मेघोत माइनर 7.40 7.40
दोस्तपुर 4.0 10
वर्जन:
924.30 लाख में कमानिया, अलीपुर, दोस्तपुर और मेघोत माइनर का कार्य करवाया जाएगा। इन माइनर की क्यूसेक क्षमता में भी बढ़ोतरी की गई है। अब अंतिम छोर तक किसानों को आसानी से नहरी पानी मिल सकेगा।-राजेश वर्मा, एसडीओ सिंचाई विभाग।
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इसके अलावा मुख्य मार्ग से नहरों के पंप हाउस तक पहुंचने के लिए सीसी सड़क बनाई जा रही है। सीमेंट कंक्रीट की लाइन और नहरों के अंतिम छोर से कृष्णावती नदी तक पाइप लाइन सहित अन्य कार्य करीब 8.50 करोड़ से करवाए जा रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में किसानों को पानी की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।
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कमानिया माइनर की क्षमता 9.60 है, जो अब बढ़कर 12.55 क्यूसेक की गई है। इसी तरह अलीपुर माइनर की 5.75 से बढ़कर 11.0, मेघोत माइनर की 7.40 और दोस्तपुर माइनर 4 से बढ़कर 10 क्यूसेक की गई है।
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अभी सिंचाई विभाग की तरफ से अलीपुर, कमानिया, मेघोत और दोस्तपुर माइनर का कार्य करवाया जा रहा है। नारनौल माइनर का सिंचाई विभाग ने पहले ही कार्य करवा दिया था। अब इन माइनरों का कार्य होने से अंतिम छोर तक आसानी से पानी पहुंच सकेगा। नांगल चौधरी जिले के अंतिम छोर पर बसा हुआ है। जिसकी वजह से भूजलस्तर की समस्या भी हमेशा बनी रहती है। ऐसे में अब माइनर का कार्य होने से पानी की क्षमता में भी बढ़ोतरी हो जाएगी। जिससे किसानों को अंतिम छोर तक नहरी पानी मिल सकेगा।
इंसेट
इतनी बढ़ी चार माइनर की क्षमता
माइनर पहले क्यूसेक अब क्यूसेक
कमानिया माइनर 9.60 12.55
अलीपुर 5.75 11
मेघोत माइनर 7.40 7.40
दोस्तपुर 4.0 10
वर्जन:
924.30 लाख में कमानिया, अलीपुर, दोस्तपुर और मेघोत माइनर का कार्य करवाया जाएगा। इन माइनर की क्यूसेक क्षमता में भी बढ़ोतरी की गई है। अब अंतिम छोर तक किसानों को आसानी से नहरी पानी मिल सकेगा।-राजेश वर्मा, एसडीओ सिंचाई विभाग।