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Mahendragarh-Narnaul News: लिंक मार्गों के निर्माण का बजट बढ़ा, काम रुका
Tue, 04 Jul 2023 12:58 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 04 Jul 2023 12:58 AM IST
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मंडी अटेली। ग्रामीण क्षेत्र के कच्चे लिंक रास्तों को पक्का कराने के लिए सरकार ने एक अच्छी पहल की लेकिन बजट राशि के अभाव के कारण लिंक रास्तों का निर्माण अधर में ही लटका हुआ है। मार्ग का निर्माण कब तक पूरा होगा यह भविष्य के गर्भ में है परंतु नागरिक परेशानी से गुजर रहे हैं। इन रास्तों को 12 की बजाय अब 16 फीट चौड़ा किया जाएगा लेकिन एरिया बढ़ने के साथ बजट भी बढ़ गया। बजट के लिए सरकार को लिखा गया है लेकिन अब तक बजट मंजूर नहीं हुआ। इसके चलते काम बंद हो गया है। लगभग 13 करोड़ 72 लाख रुपये के बजट की मांग की गई है।
खंड अटेली नागंल के अंतर्गत 43 गांव आते हैं जिसमें सरकार ने 4 कर्म यानी 22 फीट चौड़े कच्चे रास्तों को पक्का कराने के लिए बजट पारित किया है। पहले इन रास्तों को ईंटों से बनाने की प्रकिया चली लेकिन विधायक के हस्तक्षेप के बाद इंटरलॉकिंग टाइल से बनाने की मंजूरी मिली थी। एक गांव से दूसरे गांव को जोड़ने वाले लिंक रास्ते, जो 4 कर्म के थे उनको पंचायती राज विभाग के तहत 12 फीट चौड़ा पक्का करने का एस्टीमेट बनाया गया। इसके बाद अटेली नागंल के 43 गांवों में 37 रास्तों पर निर्माण कार्य शुरू किया गया। मार्गों की चौड़ाई वाहनों के आवागमन को देखते हुए 16 फीट चौड़ा मार्ग व पानी निकासी के लिए दोनों और नाले का निर्माण आरंभ किया गया लेकिन 12 से 16 फीट करने के चलते राशि कम पड़ गई। इसके अभाव में सभी मार्गों का निर्माण कार्य अधर में लटक गया है।
कच्चे रास्ते को पक्का कराने के लिए लम्बे समय से सरकार व प्रशासन के समक्ष मांग रखी जा रही थी कि समय रहते नागरिकों को मार्ग की सुविधा उपलब्ध हो सके, लेकिन इस कार्य को बीच में ही छोड़कर ठेकेदार की लेबर चली गई। इस कारण परेशानी हो रही है।
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वेदू, ग्रामीण, राता कला।
प्रशासन व सरकार को चाहिए कि ऐसे ठेकेदारों के हाथ में काम दे जो समय अनुसार गुणवत्ता सामग्री से मार्ग का निर्माण कर सकें। बाहर से आने वाले ठेकेदार मौका मिलते ही लापता हो जाते हैं, जिसके कारण नागरिकों को परेशानी होती है।
-दिनेश कुमार, गांव राता कला।
गांव बिहाली से तीन कच्चे रास्ते राजस्थान की सीमा से जुड़े हुए हैं जहां से आए दिन काफी संख्या में वाहनों का आवागमन होता है। साथ ही ग्रामीण भी अपने खेत खलिहानों में जाते है, लेकिन निर्माण कार्य को बीच में छोड़ने के कारण नागरिकों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
-लाल चंद, बिहाली निवासी।
कच्चे रास्तों में बरसात के समय पानी का जमावड़ा होने के कारण दलदल बन जाती है। सरकार ने एक अच्छी पहल की थी जो लिंक रास्तों को पक्का कराने का काम किया लेकिन बीच में ही आधे रास्तों का निर्माण करके छोड़ना एक चिंता का विषय बना हुआ है।
-राजकुमार उर्फ राणा, पंच, बिहाली।
अटेली नांगल खण्ड के सभी 43 गांवों के लिंक रास्तों को पक्का कराने का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। चौड़ाई बढ़ाने के कारण राशि कम हो गई थी लेकिन दोबारा एस्टीमेट बनाया है जो सरकार को भेजा गया है। जैसे ही राशि मंजूर होती है। उसका काम चालू करवाया जाएगा।
-सीताराम यादव, विधायक, मंडी अटेली।
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खंड अटेली नागंल के अंतर्गत 43 गांव आते हैं जिसमें सरकार ने 4 कर्म यानी 22 फीट चौड़े कच्चे रास्तों को पक्का कराने के लिए बजट पारित किया है। पहले इन रास्तों को ईंटों से बनाने की प्रकिया चली लेकिन विधायक के हस्तक्षेप के बाद इंटरलॉकिंग टाइल से बनाने की मंजूरी मिली थी। एक गांव से दूसरे गांव को जोड़ने वाले लिंक रास्ते, जो 4 कर्म के थे उनको पंचायती राज विभाग के तहत 12 फीट चौड़ा पक्का करने का एस्टीमेट बनाया गया। इसके बाद अटेली नागंल के 43 गांवों में 37 रास्तों पर निर्माण कार्य शुरू किया गया। मार्गों की चौड़ाई वाहनों के आवागमन को देखते हुए 16 फीट चौड़ा मार्ग व पानी निकासी के लिए दोनों और नाले का निर्माण आरंभ किया गया लेकिन 12 से 16 फीट करने के चलते राशि कम पड़ गई। इसके अभाव में सभी मार्गों का निर्माण कार्य अधर में लटक गया है।
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कच्चे रास्ते को पक्का कराने के लिए लम्बे समय से सरकार व प्रशासन के समक्ष मांग रखी जा रही थी कि समय रहते नागरिकों को मार्ग की सुविधा उपलब्ध हो सके, लेकिन इस कार्य को बीच में ही छोड़कर ठेकेदार की लेबर चली गई। इस कारण परेशानी हो रही है।
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वेदू, ग्रामीण, राता कला।
प्रशासन व सरकार को चाहिए कि ऐसे ठेकेदारों के हाथ में काम दे जो समय अनुसार गुणवत्ता सामग्री से मार्ग का निर्माण कर सकें। बाहर से आने वाले ठेकेदार मौका मिलते ही लापता हो जाते हैं, जिसके कारण नागरिकों को परेशानी होती है।
-दिनेश कुमार, गांव राता कला।
गांव बिहाली से तीन कच्चे रास्ते राजस्थान की सीमा से जुड़े हुए हैं जहां से आए दिन काफी संख्या में वाहनों का आवागमन होता है। साथ ही ग्रामीण भी अपने खेत खलिहानों में जाते है, लेकिन निर्माण कार्य को बीच में छोड़ने के कारण नागरिकों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
-लाल चंद, बिहाली निवासी।
कच्चे रास्तों में बरसात के समय पानी का जमावड़ा होने के कारण दलदल बन जाती है। सरकार ने एक अच्छी पहल की थी जो लिंक रास्तों को पक्का कराने का काम किया लेकिन बीच में ही आधे रास्तों का निर्माण करके छोड़ना एक चिंता का विषय बना हुआ है।
-राजकुमार उर्फ राणा, पंच, बिहाली।
अटेली नांगल खण्ड के सभी 43 गांवों के लिंक रास्तों को पक्का कराने का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। चौड़ाई बढ़ाने के कारण राशि कम हो गई थी लेकिन दोबारा एस्टीमेट बनाया है जो सरकार को भेजा गया है। जैसे ही राशि मंजूर होती है। उसका काम चालू करवाया जाएगा।
-सीताराम यादव, विधायक, मंडी अटेली।