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Mahendragarh-Narnaul News: अहीरवाल की बेटी भव्या रोमानिया में लहराएगी भारत का परचम
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फोटो 06 भव्या गुणवाल
मंडी अटेली। अहीरवाल क्षेत्र की बेटी भव्या गुणवाल ने अंतरराष्ट्रीय जूनियर साइंस ओलंपियाड के फाइनल चरण में जगह बनाई है। भव्या को इस उपलब्धि के लिए स्पेशल मेरिट अवॉर्ड भी मिला है। अब वह छह सदस्यीय भारतीय टीम के साथ दिसंबर में रोमानिया में आयोजित होने वाले 22वें अंतरराष्ट्रीय जूनियर साइंस ओलंपियाड में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।
भव्या के पिता डॉ. अनिल यादव और माता डॉ. सुमन यादव दोनों डॉक्टर हैं। उनके दादा और नानी सेवानिवृत्त अध्यापक हैं जबकि नाना भारतीय सेना के सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी हैं। उनके बड़े भाई मुदित गुणवाल एमबीबीएस फाइनल वर्ष के छात्र हैं।
अंतरराष्ट्रीय जूनियर साइंस ओलंपियाड दुनिया की प्रतिष्ठित विज्ञान प्रतियोगिताओं में से एक है। यह परीक्षा पांच चरणों में आयोजित होती है और इसमें सफलता के लिए विज्ञान विषय का गहरा ज्ञान जरूरी होता है।
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हाल ही में हैदराबाद में आयोजित 15 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर में देशभर के 36 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का चयन किया गया था। इसी शिविर में भव्या ने शानदार प्रदर्शन कर भारतीय टीम में अपनी जगह पक्की की।
भव्या हरियाणा की पहली छात्रा हैं जिन्होंने इस प्रतियोगिता के सभी महत्वपूर्ण चरण सफलतापूर्वक पार कर फाइनल तक पहुंचने का गौरव हासिल किया है।
भव्या के पिता डॉ. अनिल यादव ने बताया कि उनकी बेटी को बचपन से ही विज्ञान में विशेष रुचि रही है। वह कई विज्ञान प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा साबित कर चुकी हैं। भव्या का सपना आनुवंशिकी और जैव विकास के क्षेत्र में शोध कर डॉक्टर बनने का है।
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भव्या के पिता डॉ. अनिल यादव और माता डॉ. सुमन यादव दोनों डॉक्टर हैं। उनके दादा और नानी सेवानिवृत्त अध्यापक हैं जबकि नाना भारतीय सेना के सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी हैं। उनके बड़े भाई मुदित गुणवाल एमबीबीएस फाइनल वर्ष के छात्र हैं।
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अंतरराष्ट्रीय जूनियर साइंस ओलंपियाड दुनिया की प्रतिष्ठित विज्ञान प्रतियोगिताओं में से एक है। यह परीक्षा पांच चरणों में आयोजित होती है और इसमें सफलता के लिए विज्ञान विषय का गहरा ज्ञान जरूरी होता है।
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हाल ही में हैदराबाद में आयोजित 15 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर में देशभर के 36 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का चयन किया गया था। इसी शिविर में भव्या ने शानदार प्रदर्शन कर भारतीय टीम में अपनी जगह पक्की की।
भव्या हरियाणा की पहली छात्रा हैं जिन्होंने इस प्रतियोगिता के सभी महत्वपूर्ण चरण सफलतापूर्वक पार कर फाइनल तक पहुंचने का गौरव हासिल किया है।
भव्या के पिता डॉ. अनिल यादव ने बताया कि उनकी बेटी को बचपन से ही विज्ञान में विशेष रुचि रही है। वह कई विज्ञान प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा साबित कर चुकी हैं। भव्या का सपना आनुवंशिकी और जैव विकास के क्षेत्र में शोध कर डॉक्टर बनने का है।