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भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं : सुरेश चंद्र
Tue, 02 Sep 2025 11:40 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 02 Sep 2025 11:40 PM IST
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फोटो संख्या:-51 कनीना में कथा का रसपान करती महिलाएं---संवाद
कनीना। कनीना मंडी स्थित गोविंदी बाई धर्मशाला में श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन आचार्य सुरेश चंद्र शर्मा ने कथा सुनाई।
उन्होंने समाज को धर्म, भक्ति और सत्य के मार्ग पर चलने की सलाह दी। कहा कि भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं है बल्कि यह जीवन जीने की कला और आध्यात्मिक उत्थान का माध्यम है। दूसरे दिन की कथा में आचार्य शर्मा ने भक्त प्रहलाद का प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार असुर राज हिरण्यकश्यप के अत्याचारों के बीच भी प्रहलाद ने भगवान विष्णु के नाम का स्मरण करना नहीं छोड़ा।
आचार्य ने कहा कि प्रहलाद की अटूट आस्था और निर्भीक भक्ति से हमें यह सीख मिलती है कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी अगर इंसान ईश्वर का स्मरण करता रहे तो संकट दूर हो जाते हैं। आचार्य सुरेश चंद्र शर्मा ने बताया कि कथा प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से 5 बजे तक आयोजित की जाएगी।
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उन्होंने समाज को धर्म, भक्ति और सत्य के मार्ग पर चलने की सलाह दी। कहा कि भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं है बल्कि यह जीवन जीने की कला और आध्यात्मिक उत्थान का माध्यम है। दूसरे दिन की कथा में आचार्य शर्मा ने भक्त प्रहलाद का प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार असुर राज हिरण्यकश्यप के अत्याचारों के बीच भी प्रहलाद ने भगवान विष्णु के नाम का स्मरण करना नहीं छोड़ा।
आचार्य ने कहा कि प्रहलाद की अटूट आस्था और निर्भीक भक्ति से हमें यह सीख मिलती है कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी अगर इंसान ईश्वर का स्मरण करता रहे तो संकट दूर हो जाते हैं। आचार्य सुरेश चंद्र शर्मा ने बताया कि कथा प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से 5 बजे तक आयोजित की जाएगी।
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