{"_id":"670ac9e9722c69fd2d0419e4","slug":"arrogant-ravana-died-after-being-hit-by-an-arrow-in-his-navel-narnol-news-c-196-1-nnl1003-117014-2024-10-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: नाभि में तीर लगते ही अहंकारी रावण का हुआ अंत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: नाभि में तीर लगते ही अहंकारी रावण का हुआ अंत
Sun, 13 Oct 2024 12:41 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sun, 13 Oct 2024 12:41 AM IST
विज्ञापन
फोटो नंबर-15नारनौल में दशहरा पर्व पर निकाली गई भगवान राम की शोभायात्रा।
नारनौल। शहर में विजय दशमी पर्व धूमधाम से मनाया गया। लोगों ने अपने घरों में शस्त्रों के साथ भगवान राम का पूजन किया। शहर में दो स्थानों पर रावण दहन किया गया। जैसे ही भगवान राम ने रावण की नाभि में तीर मारा अहंकारी रावण का अंत हो गया।
नई अनाज मंडी में सनातन धर्म सभा की ओर से चांदुवाड़ा की रामलीला के पात्रों के साथ भगवान राम की शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा एएसडी स्कूल पुस्तक गली से शुरू होकर भगवान राम के कुल देवता भगवान सूर्य नारायण के मंदिर मोहल्ला फ्रांसखाना में पहुंची। आगे-आगे भगवान सूर्य नारायण का डोला रहा और पीछे भगवान राम की शोभायात्रा। भगवान राम की शोभायात्रा का गौड़ ब्राह्मण सभा सहित अनेक स्थानों पर आरती कर पुष्प वर्षा के साथ स्वागत किया गया। शाेभायात्रा शाम छह बजे नई अनाज मंडी में पहुंची, जहां रामलीला का मंचन किया गया। इस दौरान भगवान राम व रावण में संवाद और युद्ध होता है। दोनो की सेनाओं में भयंकर युद्ध होता है। रात नौ बजे भगवान राम ने बुराई रूपी रावण का अपने बाण से अंत किया।
आतिशबाजी के बीच किया रावण के पुतलों का दहन
आदर्श सनातन धर्म ड्रामेटिक क्लब द्वारा पुरानी अनाज मंडी में भगवान नारायण सेवा संस्था द्वारा आयोजित रामलीला के पात्रों के साथ भगवान राम की शोभायात्रा निकाली। शोभायात्रा पुल बाजार से शुरू होकर शोभा सागर तालाब पहुंचकर संपन्न हुई। शाही सवारी में पांच घुड़सवार, ऊंटों पर सवार अंग रक्षक तथा सिख समाज का विशेष गतका अखाड़ा मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा। इसके अलावा शोभायात्रा में दिल्ली की ताशा पार्टी, अलवर व वृंदावन के कलाकारों की झांकी भी प्रस्तुत की गई। तालाब पहुंचने के बाद यहां भी भगवान राम व रावण के बीच युद्ध की लीला का मंचन किया गया। अंत में भगवान राम ने अपने बाण से रावण का अंत किया। इस दौरान आतिशबाजी का लोगों ने जमकर लुत्फ उठाया। दशहरा पर्व को देखते हुए प्रशासन द्वारा शोभासागर तालाब व नई अनाज मंडी में सुरक्षा के पूर्ण इंतजाम किए गए थे। रावण दहन देखने के लिए दोनों स्थानों पर लोगों की भारी भीड़ रही।
विज्ञापन
विज्ञापन
नई अनाज मंडी में सनातन धर्म सभा की ओर से चांदुवाड़ा की रामलीला के पात्रों के साथ भगवान राम की शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा एएसडी स्कूल पुस्तक गली से शुरू होकर भगवान राम के कुल देवता भगवान सूर्य नारायण के मंदिर मोहल्ला फ्रांसखाना में पहुंची। आगे-आगे भगवान सूर्य नारायण का डोला रहा और पीछे भगवान राम की शोभायात्रा। भगवान राम की शोभायात्रा का गौड़ ब्राह्मण सभा सहित अनेक स्थानों पर आरती कर पुष्प वर्षा के साथ स्वागत किया गया। शाेभायात्रा शाम छह बजे नई अनाज मंडी में पहुंची, जहां रामलीला का मंचन किया गया। इस दौरान भगवान राम व रावण में संवाद और युद्ध होता है। दोनो की सेनाओं में भयंकर युद्ध होता है। रात नौ बजे भगवान राम ने बुराई रूपी रावण का अपने बाण से अंत किया।
विज्ञापन
आतिशबाजी के बीच किया रावण के पुतलों का दहन
आदर्श सनातन धर्म ड्रामेटिक क्लब द्वारा पुरानी अनाज मंडी में भगवान नारायण सेवा संस्था द्वारा आयोजित रामलीला के पात्रों के साथ भगवान राम की शोभायात्रा निकाली। शोभायात्रा पुल बाजार से शुरू होकर शोभा सागर तालाब पहुंचकर संपन्न हुई। शाही सवारी में पांच घुड़सवार, ऊंटों पर सवार अंग रक्षक तथा सिख समाज का विशेष गतका अखाड़ा मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा। इसके अलावा शोभायात्रा में दिल्ली की ताशा पार्टी, अलवर व वृंदावन के कलाकारों की झांकी भी प्रस्तुत की गई। तालाब पहुंचने के बाद यहां भी भगवान राम व रावण के बीच युद्ध की लीला का मंचन किया गया। अंत में भगवान राम ने अपने बाण से रावण का अंत किया। इस दौरान आतिशबाजी का लोगों ने जमकर लुत्फ उठाया। दशहरा पर्व को देखते हुए प्रशासन द्वारा शोभासागर तालाब व नई अनाज मंडी में सुरक्षा के पूर्ण इंतजाम किए गए थे। रावण दहन देखने के लिए दोनों स्थानों पर लोगों की भारी भीड़ रही।
विज्ञापन