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Mahendragarh-Narnaul News: नौकरी लगवाने के नाम पर रुपये ऐंठने में एक और आरोपी गिरफ्तार
Tue, 26 Nov 2024 02:15 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 26 Nov 2024 02:15 AM IST
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निजामपुर। यूनिवर्सिटी में क्लर्क के पद पर नौकरी लगवाने के नाम पर 22 लाख रुपये ठगने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की पहचान वीरेंद्र उर्फ वीरू वासी वार्ड नंबर एक नजदीक श्याम मंदिर बहरोड़ राजस्थान के रूप में हुई है।
आरोपी को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है। मामले में पुलिस द्वारा एक आरोपी आदित्य उर्फ छोटू वासी जनता कॉलोनी रोहतक को गिरफ्तार किया गया था, जिससे रिमांड के दौरान पूछताछ में पुलिस ने एक लाख रुपये और स्कूटी बरामद की थी। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि नरेश वासी बामनवास ने थाना निजामपुर में 22 लाख रुपये हड़पने की शिकायत दी थी। बताया कि विरेंद्र उर्फ वीरू वासी नजदीक श्याम मंदिर बहरोड़ पिछले 10-12 साल से उनके गांव के मंदिर में आता जाता है। पारिवारिक जान पहचान है। इसी बात का फायदा उठाकर विरेंद्र ने शिकायतकर्ता से कहा कि उसका रिश्तेदार आदित्य उर्फ छोटू वासी जनता कॉलोनी रोहतक यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन में सेक्शन ऑफिसर के पद पर कार्यरत है, जो पैसे लेकर क्लर्क के पद पर नौकरी लगवाता है। आरोपी ने 11 लाख रुपये की डिमांड कर दिल्ली यूनिवर्सिटी में क्लर्क के पद पर नौकरी लगवाने की बात कही। इसके बाद आरोपियों ने शिकायतकर्ता से डॉक्यूमेंट्स मंगवाकर अगस्त 2021 में मेडिकल एग्जामिनेशन करवाया और नवंबर 2021 में रोहतक के एक होटल में ऑनलाइन इंटरव्यू करवाया। इंटरव्यू के बाद कहा कि आपकी परफॉर्मेंस अच्छी नही थी, अगर आपको सलेक्शन चाहिए तो कुछ ओर पैसे लगेंगे। दोबारा इंटरव्यू करा देंगे। आरोपियों ने दिसंबर में दोबारा इंटरव्यू करवाकर नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद आरोपियों ने फोन उठाना बंद कर लिया। उसके कुछ समय बाद आरोपी ने फोन किया कि कुछ दिक्कत हो गई है, सलेक्शन करवाने के लिए 9 लाख रुपये ओर लगेंगे। इसके बाद आरोपियों ने फर्जी अपॉइंटमेंट लेटर तैयार कर शिकायतकर्ता को दिए। शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपियों ने फील्ड वर्क करवाया और बतौर खर्च करने के लिए पैसे देते रहे। इसके बाद आरोपियों ने फोन बंद कर लिया। शिकायतकर्ता ने कुछ समय बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी जाकर पता किया तो पाया कि उसकी वहां पर कोई नौकरी नहीं लगी थी।
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आरोपी को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है। मामले में पुलिस द्वारा एक आरोपी आदित्य उर्फ छोटू वासी जनता कॉलोनी रोहतक को गिरफ्तार किया गया था, जिससे रिमांड के दौरान पूछताछ में पुलिस ने एक लाख रुपये और स्कूटी बरामद की थी। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि नरेश वासी बामनवास ने थाना निजामपुर में 22 लाख रुपये हड़पने की शिकायत दी थी। बताया कि विरेंद्र उर्फ वीरू वासी नजदीक श्याम मंदिर बहरोड़ पिछले 10-12 साल से उनके गांव के मंदिर में आता जाता है। पारिवारिक जान पहचान है। इसी बात का फायदा उठाकर विरेंद्र ने शिकायतकर्ता से कहा कि उसका रिश्तेदार आदित्य उर्फ छोटू वासी जनता कॉलोनी रोहतक यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन में सेक्शन ऑफिसर के पद पर कार्यरत है, जो पैसे लेकर क्लर्क के पद पर नौकरी लगवाता है। आरोपी ने 11 लाख रुपये की डिमांड कर दिल्ली यूनिवर्सिटी में क्लर्क के पद पर नौकरी लगवाने की बात कही। इसके बाद आरोपियों ने शिकायतकर्ता से डॉक्यूमेंट्स मंगवाकर अगस्त 2021 में मेडिकल एग्जामिनेशन करवाया और नवंबर 2021 में रोहतक के एक होटल में ऑनलाइन इंटरव्यू करवाया। इंटरव्यू के बाद कहा कि आपकी परफॉर्मेंस अच्छी नही थी, अगर आपको सलेक्शन चाहिए तो कुछ ओर पैसे लगेंगे। दोबारा इंटरव्यू करा देंगे। आरोपियों ने दिसंबर में दोबारा इंटरव्यू करवाकर नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद आरोपियों ने फोन उठाना बंद कर लिया। उसके कुछ समय बाद आरोपी ने फोन किया कि कुछ दिक्कत हो गई है, सलेक्शन करवाने के लिए 9 लाख रुपये ओर लगेंगे। इसके बाद आरोपियों ने फर्जी अपॉइंटमेंट लेटर तैयार कर शिकायतकर्ता को दिए। शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपियों ने फील्ड वर्क करवाया और बतौर खर्च करने के लिए पैसे देते रहे। इसके बाद आरोपियों ने फोन बंद कर लिया। शिकायतकर्ता ने कुछ समय बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी जाकर पता किया तो पाया कि उसकी वहां पर कोई नौकरी नहीं लगी थी।
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