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Mahendragarh-Narnaul News: अंकित हत्याकांड के आरोपी की जमानत याचिका खारिज
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अदालत से
रेवाड़ी। अंकित हत्याकांड की सुनवाई करते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. सुनीता ग्रोवर की अदालत ने गोकलगढ़ निवासी आरोपी नीरज कुमार की जमानत याचिका खारिज कर दी है। मामला शहर थाना क्षेत्र में दर्ज एफआईआर 17 अक्तूबर 2025 से संबंधित है।
शिकायतकर्ता नितेश उर्फ छोटी ने शिकायत दी थी कि 15 अक्तूबर 2025 को वह अपने मित्र विजय कुमार के घर गया था। वहां कुछ देर बातचीत के बाद सभी दोस्त दीवाली की खरीदारी के लिए बाजार जाने लगे।
जब वे नई बस्ती में प्यारे लाल रसगुल्ला वाले की दुकान के पास पहुंचे तो वहां पहले से मौजूद मन्नू सैनी ने उन्हें रोक लिया और धमकी दी कि वह जेल से बाहर आ चुका है और यदि वे रेवाड़ी नहीं छोड़ते तो उन्हें खत्म कर दिया जाएगा। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई।
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आरोप है कि इसके बाद मन्नू सैनी ने अपने साथियों को फोन कर बुला लिया। आरोपियों ने पीछा कर स्कूटी और मोटरसाइकिल को टक्कर मारी और मारपीट की। इसी दौरान आरोपियों ने अंकित उर्फ चमन को जबरन एक बोलेरो गाड़ी में डालकर अगवा कर लिया।
बाद में अंकित को गंभीर हालत में आईटीआई के पास सड़क पर फेंक दिया गया। उसे ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि आरोपी नीरज कुमार का नाम एफआईआर में नहीं है और वह 30 जनवरी 2026 से न्यायिक हिरासत में है।
वहीं, शिकायतकर्ता के वकील ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि मामले में गंभीर आरोप हैं और जांच में आरोपी की संलिप्तता सामने आई है।
अदालत ने मामले की गंभीरता और आरोपों की प्रकृति को देखते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया और आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी।
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रेवाड़ी। अंकित हत्याकांड की सुनवाई करते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. सुनीता ग्रोवर की अदालत ने गोकलगढ़ निवासी आरोपी नीरज कुमार की जमानत याचिका खारिज कर दी है। मामला शहर थाना क्षेत्र में दर्ज एफआईआर 17 अक्तूबर 2025 से संबंधित है।
शिकायतकर्ता नितेश उर्फ छोटी ने शिकायत दी थी कि 15 अक्तूबर 2025 को वह अपने मित्र विजय कुमार के घर गया था। वहां कुछ देर बातचीत के बाद सभी दोस्त दीवाली की खरीदारी के लिए बाजार जाने लगे।
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जब वे नई बस्ती में प्यारे लाल रसगुल्ला वाले की दुकान के पास पहुंचे तो वहां पहले से मौजूद मन्नू सैनी ने उन्हें रोक लिया और धमकी दी कि वह जेल से बाहर आ चुका है और यदि वे रेवाड़ी नहीं छोड़ते तो उन्हें खत्म कर दिया जाएगा। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई।
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आरोप है कि इसके बाद मन्नू सैनी ने अपने साथियों को फोन कर बुला लिया। आरोपियों ने पीछा कर स्कूटी और मोटरसाइकिल को टक्कर मारी और मारपीट की। इसी दौरान आरोपियों ने अंकित उर्फ चमन को जबरन एक बोलेरो गाड़ी में डालकर अगवा कर लिया।
बाद में अंकित को गंभीर हालत में आईटीआई के पास सड़क पर फेंक दिया गया। उसे ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि आरोपी नीरज कुमार का नाम एफआईआर में नहीं है और वह 30 जनवरी 2026 से न्यायिक हिरासत में है।
वहीं, शिकायतकर्ता के वकील ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि मामले में गंभीर आरोप हैं और जांच में आरोपी की संलिप्तता सामने आई है।
अदालत ने मामले की गंभीरता और आरोपों की प्रकृति को देखते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया और आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी।