स्कीम वर्कर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया व तालमेल कमेटी के आह्वान पर शुक्रवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर ट्रैक्टर रैली निकालकर प्रदर्शन किया। लघु सचिवालय से शुरू हुई ट्रैक्टर रैली महावीर चौक, हीरो होंडा चौक, निजामपुर रोड, वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, मेहता चौक, किला रोड, नागरिक अस्पताल, छिप्पी जोहड़, अग्रसेन चौक, पुलिस लाइन, बहादुर सिंह तालाब, महावीर चौक से होकर लघु सचिवालय परिसर में पहुंचकर संपन्न हुई।
ट्रैक्टर रैली को रवाना करते हुए जिला प्रधान मास्टर सूबे सिंह व जिला प्रधान कृष्णा देवी ने कहा कि अब यह आंदोलन निर्णायक दौर में पहुंच चुका है। प्रदेश की 52000 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने पिछले 50 दिनों से सरकार के ही समझौते व घोषणा को लागू किए जाने के लिए हड़ताल पर बैठी हुई है। जबकि सरकार दमनात्मक रुख अपनाते हुए प्रदेश की यूनियन नेत्रियों की बर्खास्तगी, डराने धमकाने तथा प्ले स्कूल ट्रेनिंग की बाध्यता जैसे दबाव बना रही है, लेकिन कार्यकर्ता पीछे नहीं हटेगी। यूनियन व तालमेल कमेटी का यह दृढ़ फैसला है कि जब तक सरकार अपने ही वर्ष 2018 में हुए समझौते व प्रधानमंत्री की घोषणा को लागू नहीं करती तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका समाज को आगे बढ़ाने, बच्चों की पौष्टिकता व महिलाओं की देखरेख में समग्र बाल विकास परियोजना में महत्वपूर्ण भूमिका आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से निभा रही है। ऐसे में इन आंगनबाड़ी केंद्रों को किसी एनजीओ व निजी हाथों में नहीं सौंपा जा सकता। आंगनबाड़ी महिलाओं का यह आंदोलन मांगों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों को बचाने का आंदोलन है। ट्रैक्टर रैली में सचिव संतोष ढिल्लो, कृष्णा कुमारी, बलजीत, राजकुमारी, विजया यादव, पूजा यादव, माया, प्रेमलता, लाजवंती, सुरेश, शारदा, मनीषा, प्रवीन, दीपमाला, दयाकोर, भानवती, समझकोर, रोशनी, सुमित्रा, जया, कुसुम, कौशल्या, निधी, सरिता, मनोज, शारदा, विजेता, कामरेड ओमप्रकाश, छाजूराम रावत, किसान नेता कामरेड बलबीर सिंह, भीमसेन, मुकेश कुमार आदि मौजूद रहे। जिला प्रधान कृष्णा देवी ने 29 जनवरी को गांव ब्लाक स्तर पर सरकार के पुतले जलाए जाएंगे।