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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने दिया धरना
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका यूनियन हरियाणा से संबंधित स्कीम वर्कर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया आंगनबाड़ी तालमेल कमेटी के आह्वान पर मंगलवार को हड़ताल के 21वें दिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का धरना जारी रहा।
लघु सचिवालय के सामने दिए रहे धरने के दौरान जिला प्रधान कृष्णा देवी ने कहा कि प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं द्वारा 20 दिनों से हड़ताल की जा रही है। हरियाणा सरकार मार्च 2018 में हुए समझौते व प्रधानमंत्री की 1500 व 750 रुपये की घोषणा को लागू नहीं कर रही है। केंद्र सरकार व राज्य सरकार श्रम सम्मेलनों की रिपोर्ट को भी लागू नहीं कर रही है जिसमें न्यूनतम वेतन की सिफारिश व स्थायी प्रकृति के काम पर स्थायी कर्मचारी लगाने की सिफारिश की गई है। सरकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर ऑनलाइन काम करने के लिए दबाव बना रही है जबकि हमें इसका कोई प्रशिक्षण नहीं दिया गया।
उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर आंगनबाड़ी कर्मियों की मेहनत की वजह से महिलाओं में खून की कमी व बच्चों को कुपोषण से बचाकर महिलाओं व नौनिहालों का अनमोल जीवन बचाने का काम जनकल्याणकारी योजनाओं के केंद्र बिंदु आंगनबाड़ी केंद्रों से ही संचालित हो रहे हैं। इसके लिए जरूरी है आंगनबाड़ी केंद्रों के आधारभूत ढांचे को और अधिक सुदृढ़ किया जाए, उच्च गुणवत्ता के आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण किया जाए, आंगनबाड़ी कर्मचारियों को उचित प्रशिक्षण दिया जाएं नई शिक्षा नीति-2021 को वापस लिया जाए । क्योंकि नई शिक्षा नीति के लागू किए जाने से ऐसा लग रहा है कि धीरे-धीरे आईसीडीएस स्कीम को खत्म करने की परिस्थितियां पैदा की जाएगी।
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इस अवसर पर जिला सचिव सतोंष, कृष्णा देवी, माया, प्रेमलता, बलजीत, विजया, शारदा देवी, उर्मिला देवी, कृष्णा देवी, सावित्री, कौशल्या, बिमला , प्रेमलता, संतरा, सुरेश, शारदा, राजवंती, प्रमिला, पूजा, सुनीता, दीपमाला व सुमन मौजूद रहीं ।
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लघु सचिवालय के सामने दिए रहे धरने के दौरान जिला प्रधान कृष्णा देवी ने कहा कि प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं द्वारा 20 दिनों से हड़ताल की जा रही है। हरियाणा सरकार मार्च 2018 में हुए समझौते व प्रधानमंत्री की 1500 व 750 रुपये की घोषणा को लागू नहीं कर रही है। केंद्र सरकार व राज्य सरकार श्रम सम्मेलनों की रिपोर्ट को भी लागू नहीं कर रही है जिसमें न्यूनतम वेतन की सिफारिश व स्थायी प्रकृति के काम पर स्थायी कर्मचारी लगाने की सिफारिश की गई है। सरकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर ऑनलाइन काम करने के लिए दबाव बना रही है जबकि हमें इसका कोई प्रशिक्षण नहीं दिया गया।
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उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर आंगनबाड़ी कर्मियों की मेहनत की वजह से महिलाओं में खून की कमी व बच्चों को कुपोषण से बचाकर महिलाओं व नौनिहालों का अनमोल जीवन बचाने का काम जनकल्याणकारी योजनाओं के केंद्र बिंदु आंगनबाड़ी केंद्रों से ही संचालित हो रहे हैं। इसके लिए जरूरी है आंगनबाड़ी केंद्रों के आधारभूत ढांचे को और अधिक सुदृढ़ किया जाए, उच्च गुणवत्ता के आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण किया जाए, आंगनबाड़ी कर्मचारियों को उचित प्रशिक्षण दिया जाएं नई शिक्षा नीति-2021 को वापस लिया जाए । क्योंकि नई शिक्षा नीति के लागू किए जाने से ऐसा लग रहा है कि धीरे-धीरे आईसीडीएस स्कीम को खत्म करने की परिस्थितियां पैदा की जाएगी।
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इस अवसर पर जिला सचिव सतोंष, कृष्णा देवी, माया, प्रेमलता, बलजीत, विजया, शारदा देवी, उर्मिला देवी, कृष्णा देवी, सावित्री, कौशल्या, बिमला , प्रेमलता, संतरा, सुरेश, शारदा, राजवंती, प्रमिला, पूजा, सुनीता, दीपमाला व सुमन मौजूद रहीं ।