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अन्ना गैंग के लीडर समेत सभी साथियों को गिरफ्तार कर भेजा जेल

Tue, 29 Sep 2020 12:21 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 29 Sep 2020 12:21 AM IST
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All gangs including the gang leader, Anna gang arrested and sent to jail
भाजपा नेता के बेटे से रंगदारी मांगने वाले गैंग के सरगना की रिमांड अवधि खत्म होने पर सोमवार को सीआईए ने अन्ना गैंग सरगना प्रदीप व उसके साथी लोकेश उर्फ लक्की को नारनौल अदालत में पेश किया। अदालत ने दोनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में नसीबपुर जेल भेज दिया है। रिमांड के दौरान अन्ना से एक रिवाल्वर व डायरी बरामद की है। जिसमे सभी गैंग साथियों के नाम व पते लिखे हुए थे।
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पुलिस प्रवक्ता नरेश कुमार ने बताया कि शहर में पिछले महीने दो वारदात गोली चलाकर रंगदारी मांगने की हुई थी। जिससे शहर में दहशत का माहौल बन गया था। सीआईए नारनौल ने 48 घंटे में ही इस गैंग का पता लगा लिया। इससे पहले और कोई वारदात को अंजाम देते पुलिस ने आरोपियों की घेरा बंधी करके बारी-बारी से गिरफ्तार किया है। इस गैंग के लीडर प्रदीप उर्फ अन्ना ने भी अपने साथी लोकेश के साथ मजबूर होकर 23 सितंबर की रात सीआईए पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था। सीआईए ने आरोपी अन्ना व उसके साथी को कोर्ट में पेश करके 5 दिन के पुलिस रिमांड लिया था।
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रिमांड के दौरान आरोपी गैंग लीडर प्रदीप ने बताया कि ये फिरौती मांगने की हमारी शुरूआत थी। हमारे अगले टारगेट शहर मंडी नारनौल के व्यापारी थे परंतु भाजपा नेता दयाराम के बेटे को गोली मारनी बहुत महंगी पड़ी। जब मैंने अगले दिन व्हाटसएप पर न्यूज देखी की सीआईए व अन्य पुल्लिस की टीम वारदात के आरोपियों की खोज में जुट गई हैं। जिससे में डर गया और मैंने अपने साथियों से कहा कि गोली मारकर यह हमने बड़ी गलती कर दी हैं अब हमें यहां से भाग जाना चाहिए। मैंने सभी गैंग के सदस्यों के नाम, नंबर व पता अपनी डायरी में लिख लिया और हम अलग अलग होकर शहर नारनौल से भाग गए। पुलिस की लगातार दबिश से डर के मारे अलग अलग शहरों में भागता रहा और मेरे पास पैसे भी खत्म हो गए। एक दो जगह रुपये मांगे पर नही मिले। आखिर में मैने व मेरे साथी लोकेश ने सीआईए में आकर सरेंडर कर दिया।
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-जनता कर्फ्यू से 2 दिन पहले खरीदा था हथियार
आरोपी अन्ना ने पूछताछ पर बताया कि 2009 में नारनौल मंडी के व्यपारी को गोली मारने के जुर्म में जेल में बंध था। तभी मेरी मुलाकात कासनी गांव के एक लड़के से हुई जो हत्या के मामले में जेल में बंध था। उसकी ओर मेरी दोस्ती चली आ रही थी। उसी के साथ में जनता कर्फ्यू से पहले मथुरा के पास एक गांव से अवैध हथियार लाया था और उसके बाद इसी दोस्त के दोस्त प्रवीण की मदद से हमने यह गैंग तैयार की गई।
-गैंग के सभी आरोपी गिरफ्तार
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि सीआईए नारनौल पुलिस ने इस मामले में प्रदीप उर्फ अन्ना गैंग के सभी सदस्य सोमबीर, राकेश, रोहित, विकाश, सोनू, लोकेश व प्रवीण गिरफ्तार किए जा चुके है। इस गैंग का अब कोई सदस्य बाहर नहीं है।

वर्जन
सीआईए व साईबर जिला पुलिस की सबसे ज्यादा मजबूत पुलिस एजेंसी है जो आपसी ताल मेल से वांछित व खुखार अपराधियों को गिरफ्तार करते हैं। अब और कुशल कर्मचारी सीआईए व साईबर में बढ़ाये जा जाएंगे ताकि भविष्य में इस तरह की गैंग को पनपने नही दिया जाएगा।
चंद्रमोहन, एसपी
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