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शिक्षण की गुणवत्ता व नवाचार में एआई सहयोगी : प्रो. के श्रीनिवास
Mon, 03 Nov 2025 11:41 PM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Mon, 03 Nov 2025 11:41 PM IST
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फोटो संख्या:58- हकेवि में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभागियों को संबोधित करते मुख्य वक्ता प्रो. क
महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के मदनमोहन मालवीय टीचर ट्रेनिंग सेंटर की ओर से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) टूल्स फॉर टीचर्स विषय पर केंद्रित शॉर्ट टर्म प्रशिक्षण सोमवार से शुरु हो गया। इस दौरान मुख्य वक्ता नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशनल प्लानिंग एंड एडमिनिस्ट्रेशन नई दिल्ली के प्रो. के श्रीनिवास ने कहा कि शिक्षण की गुणवत्ता व नवाचार में एआई सहयोगी है।
उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि व समकुलपति प्रो. पवन कुमार शर्मा ने कहा कि एआई आज के समय की आवश्यकता है और यह शिक्षकों का सहयोगी है। कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार सदैव ही नवाचार व तकनीकी विकास के मोर्चे पर बदलते समय के साथ आगे बढ़ने के पक्षधर हैं। ऐसे में आवश्यक है कि शिक्षक बदलते समय की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए स्वयं को तैयार करें।
विशिष्ट अतिथि प्रो. सुनीता श्रीवास्तव रहे। विश्वविद्यालय में यूजीसी-एमएमटीटीसी के निदेशक प्रो. प्रमोद कुमार ने आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत की और बताया कि इस आयोजन में देश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों से जुड़ें 150 से अधिक प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं।
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मुख्य अतिथि प्रो. पवन कुमार शर्मा ने विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से एआई की महत्ता व शिक्षण कार्य में उसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एआई एक ऐसा माध्यम है जिसका उपयोग कर शिक्षण कार्य को ओर बेहतर बनाया जा सकता है।
प्रो. सुनीता श्रीवास्तव ने बताया कि किस तरह से यह बेहतर शिक्षण में सहयोगी माध्यम बन सकता है। उन्होंने शिक्षण व प्रशासनिक स्तर पर एआई के उपयोग को आवश्यक बताया।
प्रो. के. श्रीनिवास ने गुणवत्ता आधारित नवाचार हेतु अध्ययन कार्य में एआई को एक आवश्यक माध्यम के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की विभिन्न जरूरतों को पूरा करने हेतु एक शिक्षक को संवाद, सहयोग, रचनात्मकता और समीक्षात्मक चिंतन के स्तर पर विशेष रूप से कार्य करना होता है।
इस अवसर पर शैक्षणिक अधिष्ठाता प्रो. पवन कुमार मौर्य, प्रो. राजेश कुमार गुप्ता, प्रो. नंद किशोर, प्रो. रेनु यादव, प्रो. दिनेश चहल, प्रो. अंतरेश कुमार, प्रो. रमेश कुमार, प्रो. सुरेंद्र सिंह, प्रो. हरीश कुमार मौजूद रहे।
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उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि व समकुलपति प्रो. पवन कुमार शर्मा ने कहा कि एआई आज के समय की आवश्यकता है और यह शिक्षकों का सहयोगी है। कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार सदैव ही नवाचार व तकनीकी विकास के मोर्चे पर बदलते समय के साथ आगे बढ़ने के पक्षधर हैं। ऐसे में आवश्यक है कि शिक्षक बदलते समय की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए स्वयं को तैयार करें।
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विशिष्ट अतिथि प्रो. सुनीता श्रीवास्तव रहे। विश्वविद्यालय में यूजीसी-एमएमटीटीसी के निदेशक प्रो. प्रमोद कुमार ने आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत की और बताया कि इस आयोजन में देश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों से जुड़ें 150 से अधिक प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं।
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मुख्य अतिथि प्रो. पवन कुमार शर्मा ने विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से एआई की महत्ता व शिक्षण कार्य में उसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एआई एक ऐसा माध्यम है जिसका उपयोग कर शिक्षण कार्य को ओर बेहतर बनाया जा सकता है।
प्रो. सुनीता श्रीवास्तव ने बताया कि किस तरह से यह बेहतर शिक्षण में सहयोगी माध्यम बन सकता है। उन्होंने शिक्षण व प्रशासनिक स्तर पर एआई के उपयोग को आवश्यक बताया।
प्रो. के. श्रीनिवास ने गुणवत्ता आधारित नवाचार हेतु अध्ययन कार्य में एआई को एक आवश्यक माध्यम के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की विभिन्न जरूरतों को पूरा करने हेतु एक शिक्षक को संवाद, सहयोग, रचनात्मकता और समीक्षात्मक चिंतन के स्तर पर विशेष रूप से कार्य करना होता है।
इस अवसर पर शैक्षणिक अधिष्ठाता प्रो. पवन कुमार मौर्य, प्रो. राजेश कुमार गुप्ता, प्रो. नंद किशोर, प्रो. रेनु यादव, प्रो. दिनेश चहल, प्रो. अंतरेश कुमार, प्रो. रमेश कुमार, प्रो. सुरेंद्र सिंह, प्रो. हरीश कुमार मौजूद रहे।