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Mahendragarh-Narnaul News: अचानक रुकते दिल को दोबारा धड़काएंगी एईडी, दो मशीनों की मांग भेजी

Mon, 19 Jan 2026 12:21 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 19 Jan 2026 12:21 AM IST
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AEDs will restart hearts that suddenly stop; a request has been sent for two machines.
फोटो नंबर- 07नारनौल ​​​स्थित जिला नागरिक अस्पताल। संवाद
नारनौल। नागरिक अस्पताल में अब जल्द ही हृदय गति अचानक रुकने की स्थिति में मरीजों की जान बचाने के लिए ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डीफिब्रिलेटर (एईडी) की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने उच्च अधिकारियों को दो मशीनों की मांग भेज दी है। अब तक मरीजों को उपचार के लिए निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता था।
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प्रत्येक एईडी मशीन की कीमत लगभग दो लाख रुपये होगी। इसके साथ ही करीब 10 लाख रुपये की लागत से एक एनेस्थीसिया वर्क स्टेशन और 12 लाख रुपये की एक्स-रे मशीन भी अस्पताल में जल्द आने की संभावना है। इन सुविधाओं के आने से हार्ट फेल के मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा।
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वहीं, एनेस्थीसिया वर्कस्टेशन एक एकीकृत चिकित्सा उपकरण है जो सर्जरी के दौरान एनेस्थीसिया (बेहोशी की दवा) देने, सांस लेने में मदद करने (वेंटिलेशन) और रोगी के महत्वपूर्ण संकेतों (जैसे हृदय गति, ऑक्सीजन स्तर) की निगरानी करने के लिए कई घटकों को एक साथ लाता है। इसमें गैस आपूर्ति, वेपोराइजर, वेंटिलेटर और रोगी मॉनिटर शामिल हैं, ताकि रोगी की सुरक्षा और एनेस्थीसिया की सटीक खुराक सुनिश्चित की जा सके।
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एनेस्थीसिया वर्कस्टेशन आने से ये होंगे फायदे
इससे ऑक्सीजन और अन्य गैसों को पाइपलाइन या सिलिंडरों से नियंत्रित दबाव में वितरित करती है। यह तरल एनेस्थेटिक एजेंटों को गैस में बदलकर, सटीक सांद्रता में रोगी तक पहुंचाते हैं। साथ ही रोगी के लिए स्वचालित रूप से सांस लेने और हवा के प्रवाह को नियंत्रित करता है। गैसों और हवा को रोगी के फेफड़ों तक पहुंचाने और बाहर निकालने का मार्ग प्रदान करती है जिसमें सर्किट और बैग शामिल होते हैं। इस्तेमाल की गई गैसों को हटाता है ताकि वे हवा में न फैलें। इसके अलावा रोगी के हृदय, रक्तचाप, ऑक्सीजन संतृप्ति, कार्बन डाइऑक्साइड के स्तर और ईईजी जैसे मापदंडों को वास्तविक समय में दिखाता है।
एईडी से हृदय रोगियों की होगी जांच
एईडी एक पोर्टेबल मेडिकल डिवाइस है जो हृदय के अचानक रुकने पर मरीजों की जान बचाने के लिए इस्तेमाल होती है। यह कम प्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा भी इस्तेमाल किया जा सकता है क्योंकि यह आवाज निर्देशों और चित्रों के माध्यम से चरण-दर-चरण मार्गदर्शन करता है। यह मशीन हृदय की असामान्य लय का विश्लेषण करती है और जरूरत पड़ने पर बिजली का झटका देकर उसे सामान्य करने में मदद करती है।



वर्जन:

ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डीफिब्रिलेटर, एक्सरे और एनेस्थीसिया वर्कस्टेशन की डिमांड भेजी हुई जो कभी भी अस्पताल में पहुंच सकती है। इसके बाद मरीजों को ओर बेहतर सुविधा मिल सकेगी।-अशोक कुमार, सिविल सर्जन नागरिक अस्पताल नारनौल
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