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बैंकों की सुरक्षा व्यवस्थाओं की प्रशासनिक टीम करेगी बेसिक ऑडिट : उपायुक्त
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बैंक में चोरी के प्रयास के बाद जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर जागा है। डीसी श्याम लाल पूनिया ने बैंक शाखा प्रबंधकों की बैठक ली और उनको सरकार द्वारा निर्धारित की गई एसओपी को लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बैंकों की सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर एक सप्ताह के बाद बेसिक ऑडिट होगी। एसओपी की कड़ाई से पालना न करने वाले बैंकों के खिलाफ कार्रवाई होगी। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक विक्रांत भूषण भी मौजूद रहे।
डीसी ने कहा कि हर जगह पुलिस नहीं हो सकती। बैंकों को भी सरकार की गाइडलाइन अनुसार बेसिक प्रबंध करने होते हैं। ज्यादातर वारदातों में बैंक द्वारा की गई लापरवाही सामने आती है। उपायुक्त ने कहा कि इसके लिए जिला प्रशासन एक टीम का गठन करेगा जो सात दिन बाद सभी बैंकों में इन व्यवस्थाओं की बेसिक ऑडिट करेगी।
उन्होंने सामान्य अस्पताल के सामने स्थित एक बैंक का हवाला देते हुए कहा कि वहां पर 12 में से केवल 4 सीसीटीवी कैमरे चलते मिले। इस तरह की लापरवाही कहीं भी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी बैंकों में सीसीटीवी, सायरन, सेंसर व अग्निशमन तथा गार्ड की व्यवस्था होनी चाहिए। डीवीआर में लंबे समय की फुटेज सुरक्षित रहनी चाहिए।
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इस मौके पर एसपी विक्रांत भूषण ने कहा कि कैश ले जाने वाली वैन के बारे में पहले से पुलिस को सूचित किया जाए तथा पुलिस कर्मचारी को साथ रखा जाए। इस वैन में भी कैमरे तथा गार्ड आदि का पुख्ता प्रबंध होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी बैंक अपने यहां पुलिस स्टेशन के नंबर तथा 12 टोल फ्री नंबर का प्रिंट लगवाएं।
उन्होंने कहा कि हर छह माह में बैंकों में लगे गार्ड की ट्रेनिंग होनी चाहिए। यह ट्रेनिंग फायरिंग रेंज रघुनाथपुरा में करवाएं। बैंक में लगे सभी कर्मचारियों की पुलिस वेरिफिकेशन भी होनी चाहिए। बैंक में लगे गार्ड से सुरक्षा के अलावा अन्य किसी भी काम में ना लगाएं। इस मौके पर पुलिस विभाग के अधिकारी तथा विभिन्न बैंकों के अधिकारी मौजूद थे। लीड बैंक मैनेजर संजय जैन वीडियो कांफ्रेंसिंग से जुड़े हुए थे।
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डीसी ने कहा कि हर जगह पुलिस नहीं हो सकती। बैंकों को भी सरकार की गाइडलाइन अनुसार बेसिक प्रबंध करने होते हैं। ज्यादातर वारदातों में बैंक द्वारा की गई लापरवाही सामने आती है। उपायुक्त ने कहा कि इसके लिए जिला प्रशासन एक टीम का गठन करेगा जो सात दिन बाद सभी बैंकों में इन व्यवस्थाओं की बेसिक ऑडिट करेगी।
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उन्होंने सामान्य अस्पताल के सामने स्थित एक बैंक का हवाला देते हुए कहा कि वहां पर 12 में से केवल 4 सीसीटीवी कैमरे चलते मिले। इस तरह की लापरवाही कहीं भी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी बैंकों में सीसीटीवी, सायरन, सेंसर व अग्निशमन तथा गार्ड की व्यवस्था होनी चाहिए। डीवीआर में लंबे समय की फुटेज सुरक्षित रहनी चाहिए।
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इस मौके पर एसपी विक्रांत भूषण ने कहा कि कैश ले जाने वाली वैन के बारे में पहले से पुलिस को सूचित किया जाए तथा पुलिस कर्मचारी को साथ रखा जाए। इस वैन में भी कैमरे तथा गार्ड आदि का पुख्ता प्रबंध होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी बैंक अपने यहां पुलिस स्टेशन के नंबर तथा 12 टोल फ्री नंबर का प्रिंट लगवाएं।
उन्होंने कहा कि हर छह माह में बैंकों में लगे गार्ड की ट्रेनिंग होनी चाहिए। यह ट्रेनिंग फायरिंग रेंज रघुनाथपुरा में करवाएं। बैंक में लगे सभी कर्मचारियों की पुलिस वेरिफिकेशन भी होनी चाहिए। बैंक में लगे गार्ड से सुरक्षा के अलावा अन्य किसी भी काम में ना लगाएं। इस मौके पर पुलिस विभाग के अधिकारी तथा विभिन्न बैंकों के अधिकारी मौजूद थे। लीड बैंक मैनेजर संजय जैन वीडियो कांफ्रेंसिंग से जुड़े हुए थे।