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Mahendragarh-Narnaul News: प्रशासन ने 38 साल पुराने अवैध कब्जे को कराया मुक्त
Thu, 28 Nov 2024 12:23 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Thu, 28 Nov 2024 12:23 AM IST
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फोटो नंबर-18अटेली के गांव खोड़ में अतिक्रमण हटवाते अधिकारी। संवाद
मंडी अटेली । गांव खोड़ में प्रशासन ने दलबल के साथ 38 साल पुराने पंचायती जमीन से अवैध कब्जे को कब्जाधारी से मुक्त कराया है। बीडीपीओ नवदीप को कार्रवाई के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था।
यह मामला एक साल से कोर्ट में चल रहा था। गांव के सुमेर सिंह को पंचायत के द्वारा नोटिस भी दिए जा चुके थे। इसके बावजूद भी सुमेर ने पंचायती जमीन खाली नहीं की। बताया जाता है कि यह मामला सहायक कलेक्टर न्यायालय में चल रहा था। जैसे ही गांव में कब्जा कार्रवाई के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट नवदीप पुलिस, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, बुलडोजर, महिला पुलिस को लेकर मौके पर पहुंचे। उन्होंने कब्जाधारी को नोटिस दिया, लेकिन उसने प्रशासन की एक न सुनी। वह सरपंच पर बार-बार वोट न देने की रंजिश का आरोप लगाता रहा।
प्रशासन ने कब्जाधारी की एक न सुनते हुए बुलडोजर की मदद से पंचायती जमीन पर बना मकान गिरा दिया। इस दौरान घर वालों ने काफी विरोध किया। लेकिन प्रशासन ने सरकारी जमीन को दबंग से मुक्त करवा दिया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट नवदीप बीडीपीओ अटेली ने बताया कि सरकार का आदेश है कि जिस किसी ने भी पंचायती भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा है, उसके खिलाफ प्रशासन सख्त कार्रवाई करे। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि भविष्य में पंचायती जमीन पर अवैध कब्जा न करें। केवल अपनी भूमि पर ही मकान बनाएं। पंचायत की जमीन को खाली छोड़ दें। गांव में सौंदर्यीकरण कार्य को लेकर इन जमीनों का उपयोग किया जाएगा।
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ग्राम पंचायत खोड़ की सरपंच नूपुर ने बताया कि यह कब्जा 1986 से सुमेर सिंह ने कर रखा था। दो साल से पंचायत ने इनको बता भी दिया गया था कि यह पंचायत की जमीन है। इसे छोड़ दें, लेकिन पंचायत की बात नहीं मानने के कारण पंचायत ने जमीन छुड़वाने के लिए कोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट के फैसले पर बुधवार को प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए जमीन को खाली करवा दिया।
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यह मामला एक साल से कोर्ट में चल रहा था। गांव के सुमेर सिंह को पंचायत के द्वारा नोटिस भी दिए जा चुके थे। इसके बावजूद भी सुमेर ने पंचायती जमीन खाली नहीं की। बताया जाता है कि यह मामला सहायक कलेक्टर न्यायालय में चल रहा था। जैसे ही गांव में कब्जा कार्रवाई के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट नवदीप पुलिस, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, बुलडोजर, महिला पुलिस को लेकर मौके पर पहुंचे। उन्होंने कब्जाधारी को नोटिस दिया, लेकिन उसने प्रशासन की एक न सुनी। वह सरपंच पर बार-बार वोट न देने की रंजिश का आरोप लगाता रहा।
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प्रशासन ने कब्जाधारी की एक न सुनते हुए बुलडोजर की मदद से पंचायती जमीन पर बना मकान गिरा दिया। इस दौरान घर वालों ने काफी विरोध किया। लेकिन प्रशासन ने सरकारी जमीन को दबंग से मुक्त करवा दिया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट नवदीप बीडीपीओ अटेली ने बताया कि सरकार का आदेश है कि जिस किसी ने भी पंचायती भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा है, उसके खिलाफ प्रशासन सख्त कार्रवाई करे। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि भविष्य में पंचायती जमीन पर अवैध कब्जा न करें। केवल अपनी भूमि पर ही मकान बनाएं। पंचायत की जमीन को खाली छोड़ दें। गांव में सौंदर्यीकरण कार्य को लेकर इन जमीनों का उपयोग किया जाएगा।
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ग्राम पंचायत खोड़ की सरपंच नूपुर ने बताया कि यह कब्जा 1986 से सुमेर सिंह ने कर रखा था। दो साल से पंचायत ने इनको बता भी दिया गया था कि यह पंचायत की जमीन है। इसे छोड़ दें, लेकिन पंचायत की बात नहीं मानने के कारण पंचायत ने जमीन छुड़वाने के लिए कोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट के फैसले पर बुधवार को प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए जमीन को खाली करवा दिया।