{"_id":"622b863b284d20063b51e241","slug":"about-15-thousand-laborers-reached-the-district-for-harvesting-mustard-narnol-news-rtk6408358170","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरसों की कटाई के लिए जिले में पहुंचे करीब 15 हजार मजदूर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरसों की कटाई के लिए जिले में पहुंचे करीब 15 हजार मजदूर
विज्ञापन
किसान कटाई करने के बाद एकत्रित करके रखी गई सरसों की फसल। संवाद
- फोटो : Narnol
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दो साल तक कोरोना संकट के कारण मजदूर नहीं मिलने से किसानों को फसलों की कटाई के लिए खासी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। लेकिन इस बार जिले में करीब 15 हजार प्रवासी मजदूर पहुंच चुके हैं। जिले में 2.70 लाख एकड़ में खड़ी सरसों की कटाई में प्रवासी मजदूरों के सहारे किसान भी तेजी ला रहे हैं। इस समय उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान एवं बिहार से परिवार सहित मजदूर पहुंच रहे हैं। एक सप्ताह पूर्व शुरू हुई सरसों कटाई का कार्य भी अभी तक करीब 15 प्रतिशत ही पूरा हो पाया है।
2800 से 3500 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से हो रही कटाई
किसान अजय सिंह, महेश ककराला, सचिन रंगा, महिपाल, सुमेर सिंह, मनजीत, दिलीप ने बताया कि पिछले दो वर्षों से कोरोना संकट के चलते मजदूरों का टोटा था। वहीं इस बार जिले में करीब 15 हजार प्रवासी मजदूर पहुंच चुके हैं। एक एकड़ सरसों की कटाई के लिए 2800 से 3500 रुपये तक का ठेका किया जा रहा है। दूसरे राज्यों से आए मजदूर अब गेहूं कटाई होने तक रहेंगे।
एक सप्ताह में पूरा होगा सर्वे
खंड कृषि अधिकारी डॉ. गजानंद शर्मा ने बताया कि जिन गांवों में ओलावृष्टि से सरसों की फसल को नुकसान हुआ था उनमें 15 सर्वेयर एक सप्ताह में सर्वे पूरा कर लेंगे। जब तक सर्वे नहीं हो जाता तब तक बीमित किसान अपनी फसलों को न काटें। जिन किसानों ने बीमा नहीं कराया है वे पकी हुई सरसों की कटाई कर सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
2800 से 3500 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से हो रही कटाई
किसान अजय सिंह, महेश ककराला, सचिन रंगा, महिपाल, सुमेर सिंह, मनजीत, दिलीप ने बताया कि पिछले दो वर्षों से कोरोना संकट के चलते मजदूरों का टोटा था। वहीं इस बार जिले में करीब 15 हजार प्रवासी मजदूर पहुंच चुके हैं। एक एकड़ सरसों की कटाई के लिए 2800 से 3500 रुपये तक का ठेका किया जा रहा है। दूसरे राज्यों से आए मजदूर अब गेहूं कटाई होने तक रहेंगे।
विज्ञापन
एक सप्ताह में पूरा होगा सर्वे
खंड कृषि अधिकारी डॉ. गजानंद शर्मा ने बताया कि जिन गांवों में ओलावृष्टि से सरसों की फसल को नुकसान हुआ था उनमें 15 सर्वेयर एक सप्ताह में सर्वे पूरा कर लेंगे। जब तक सर्वे नहीं हो जाता तब तक बीमित किसान अपनी फसलों को न काटें। जिन किसानों ने बीमा नहीं कराया है वे पकी हुई सरसों की कटाई कर सकते हैं।
विज्ञापन