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किसानों के कल्याण के लिए हो बाजरा बोर्ड गठित : अतरलाल
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी अटेली। बसपा नेता अतरलाल एडवोकेट ने केंद्र व राज्य सरकार से बाजरा उत्पादक किसानों के कल्याण के लिए बाजरा बोर्ड गठित करने की मांग की है। अतरलाल ने बाघोत, उच्चत व छिथरोली गांवों में किसानों की समस्याएं सुनते हुए उक्त मांग उठाई।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार बाजरा उत्पादक किसानों की अनदेखी कर रही है। इसका स्पष्ट प्रमाण है कि सरकार ने इस सत्र में बाजरा की सरकारी खरीद नहीं की। इसके कारण भावांतर राशि जोड़कर भी किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य से 400 रुपये प्रति क्विंटल की दर से हर्जाना उठाना पड़ा है। घोषित बाजरा भावांतर राशि दो माह व्यतीत होने के बाद भी किसानों के खातों में नहीं आई है।
समय पर भावांतर राशि न मिलने से किसानों को अगले सत्र की खेती के लिए खाद, बीज, कीटनाशक खरीदने व अन्य जरूरी खर्च पूरे करने में मुश्किल उठानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम पर खरीद करना किसानों का सबसे बड़ा शोषण है।
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बाजरा उत्पादक किसानों को इस शोषण से बचाने के लिए बाजरा बोर्ड गठित करना समय की मांग है। किसानों को फसलों का लाभकारी मूल्य मिलना ही किसानों के विकास की सीढ़ी है। इस अवसर पर उन्होंने किसानों, मजदूरों की भलाई के लिए होली के बाद किसान, मजदूर, अधिकार यात्रा निकालने की घोषणा की है।
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मंडी अटेली। बसपा नेता अतरलाल एडवोकेट ने केंद्र व राज्य सरकार से बाजरा उत्पादक किसानों के कल्याण के लिए बाजरा बोर्ड गठित करने की मांग की है। अतरलाल ने बाघोत, उच्चत व छिथरोली गांवों में किसानों की समस्याएं सुनते हुए उक्त मांग उठाई।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार बाजरा उत्पादक किसानों की अनदेखी कर रही है। इसका स्पष्ट प्रमाण है कि सरकार ने इस सत्र में बाजरा की सरकारी खरीद नहीं की। इसके कारण भावांतर राशि जोड़कर भी किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य से 400 रुपये प्रति क्विंटल की दर से हर्जाना उठाना पड़ा है। घोषित बाजरा भावांतर राशि दो माह व्यतीत होने के बाद भी किसानों के खातों में नहीं आई है।
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समय पर भावांतर राशि न मिलने से किसानों को अगले सत्र की खेती के लिए खाद, बीज, कीटनाशक खरीदने व अन्य जरूरी खर्च पूरे करने में मुश्किल उठानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम पर खरीद करना किसानों का सबसे बड़ा शोषण है।
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बाजरा उत्पादक किसानों को इस शोषण से बचाने के लिए बाजरा बोर्ड गठित करना समय की मांग है। किसानों को फसलों का लाभकारी मूल्य मिलना ही किसानों के विकास की सीढ़ी है। इस अवसर पर उन्होंने किसानों, मजदूरों की भलाई के लिए होली के बाद किसान, मजदूर, अधिकार यात्रा निकालने की घोषणा की है।