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प्रेम और सम्मान से ही घर बनता है, युवाओं को धर्म से जोड़ना जरूरी : मुनिराज
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नारनौल। श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन 1008 मंदिर में मुनिश्री महंत सागर, विभोर सागर एवं सानंद सागर महाराज के सानिध्य में श्री लोक कल्याण महामंडल विधान का आयोजन शनिवार को भी जारी रहा। मुनिश्री महंत सागर महाराज ने कहा कि युवाओं को धर्म और संस्कारों से जोड़ना जरूरी है। इससे समाज और राष्ट्र मजबूत बनता है।
उन्होंने कहा कि परिवार के सभी सदस्यों को नियमित मंदिर जाना चाहिए। मकान चार दीवारों से बनता है, लेकिन घर प्रेम, समझ, धैर्य और बुजुर्गों के सम्मान से बसता है।
मुनिराज ने बताया कि यह भावना व्यक्ति को अपने जरूरी कर्तव्यों का पालन करने और आत्मस्वरूप को पहचानने की प्रेरणा देती है। उन्होंने सरल भाषा में इसके मर्म को समझाते हुए आत्मकल्याण के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
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मुनिश्री विभोर सागर महाराज ने संयम और समता का महत्व बताया। वहीं मुनिश्री सानंद सागर महाराज ने चतुर्मास की महत्ता समझाई। प्रवक्ता सुरेंद्र जैन ने बताया कि धर्मसभा में महिला-पुरुषों के साथ युवा और बच्चे भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि परिवार के सभी सदस्यों को नियमित मंदिर जाना चाहिए। मकान चार दीवारों से बनता है, लेकिन घर प्रेम, समझ, धैर्य और बुजुर्गों के सम्मान से बसता है।
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मुनिराज ने बताया कि यह भावना व्यक्ति को अपने जरूरी कर्तव्यों का पालन करने और आत्मस्वरूप को पहचानने की प्रेरणा देती है। उन्होंने सरल भाषा में इसके मर्म को समझाते हुए आत्मकल्याण के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
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मुनिश्री विभोर सागर महाराज ने संयम और समता का महत्व बताया। वहीं मुनिश्री सानंद सागर महाराज ने चतुर्मास की महत्ता समझाई। प्रवक्ता सुरेंद्र जैन ने बताया कि धर्मसभा में महिला-पुरुषों के साथ युवा और बच्चे भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।